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100 बार अलविदा, पीछे नहीं हटनावां50एपिसोड

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100 बार अलविदा, पीछे नहीं हटना

जब लिली, एक प्रतिभाशाली सेलो वादक, अपने पति मार्कस हॉवर्ड को सार्वजनिक रूप से किसी और महिला को चूमते देखती है, तो वह अपनी एकतरफा शादी से बाहर निकल जाती है। मार्कस सोचता है कि वह वापस रेंगती हुई आएगी... पर तब तक लिली न केवल फल-फूल रही होती है, बल्कि उसके सबसे ताकतवर दोस्त ईथन नॉर्मन को डेट भी कर रही होती है। मार्कस पागल हो जाता है और उसे वापस जीतने की कोशिशों में कोई कसर नहीं छोड़ता। लेकिन क्या बहुत देर हो चुकी है? या फिर भी उसके पास कोई मौका बाकी है?
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इस एपिसोड की समीक्षा

अमीर घर की परछाई

शुरुआत में दिखाया गया वह भव्य बंगला और फिर अंदर का तनाव, यह विरोधाभास दिलचस्प है। युवक का घड़ी देखकर बेचैन होना और बुजुर्ग व्यक्ति का आना, सब कुछ एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसे मोड़ आने वाले हैं, यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। माहौल में जो गंभीरता है, वह दर्शक को बांधे रखती है।

नकदी का पहाड़ और कैद

लाल पर्दों वाले कमरे में नकदी के ढेर और एक युवती की बेचैनी देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उसकी टखनों में जंजीर और सामने पड़ा पैसा बताता है कि यह कोई आम कहानी नहीं है। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना की तरह यह किरदार भी फंस चुका है। काली शर्ट वाला युवक जब पैसे उड़ाता है, तो लगता है पागलपन हद से आगे बढ़ गया है।

पागलपन की हदें

काली शर्ट वाले युवक का व्यवहार सच में चौंकाने वाला है। वह पैसे को इस तरह उड़ा रहा है जैसे उसकी कोई कीमत ही न हो। सामने बैठी युवती का डरा हुआ चेहरा और उसकी आंखों में सवाल, सब कुछ गड़बड़ होने का संकेत दे रहे हैं। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसे हालात में फंसी वह लड़की किसी मदद की उम्मीद कर रही होगी।

रहस्यमयी बंधन

युवती के पैरों में जंजीर और सामने रखा ढेर सारा पैसा, यह दृश्य किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं लगता। काली शर्ट वाला युवक जब ब्रीफकेस खोलता है, तो लगता है कहानी में नया मोड़ आने वाला है। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना की तरह यह बंधन भी आसान नहीं टूटने वाला। हर फ्रेम में एक नया सवाल खड़ा होता है।

तनाव का माहौल

पहले दृश्य में युवक का सोफे पर बेचैन होना और फिर अचानक खड़ा हो जाना, यह तनाव दर्शक तक पहुंचता है। बुजुर्ग व्यक्ति के आने के बाद माहौल और गंभीर हो जाता है। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसे मोड़ की उम्मीद में दर्शक अगले दृश्य का इंतजार करता है। संवाद नहीं हैं, लेकिन आंखें सब कुछ कह रही हैं।

पैसे का नशा

नकदी के ढेर को देखकर लगता है कि पात्रों ने अमीरी की हदें पार कर ली हैं। काली शर्ट वाला युवक जब पैसे हवा में उड़ाता है, तो लगता है उसे अपनी ताकत का घमंड है। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना की तरह यह नशा भी इंसान को अंधा बना देता है। युवती का डरा हुआ चेहरा इस पागलपन का गवाह है।

कैद की कहानी

लाल कमरे में बैठी युवती की हालत देखकर दिल दहल जाता है। उसकी आंखों में डर और सामने पड़ा पैसा, यह विरोधाभास कहानी की गहराई बताता है। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसे हालात में वह फंसी हुई है। काली शर्ट वाला युवक जब पैसे दिखाता है, तो लगता है वह उसे धमका रहा है।

अमीरी का अंधेरा पक्ष

भव्य बंगले से शुरू होकर अंधेरे कमरे तक का सफर दिखाता है कि अमीरी का एक काला पक्ष भी होता है। युवक का घड़ी देखना और फिर बुजुर्ग का आना, सब कुछ एक बड़ी साजिश का हिस्सा लगता है। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना की तरह यह कहानी भी गहरी है। हर दृश्य में एक नया रहस्य छिपा है।

डर और लालच

युवती के चेहरे पर साफ डर दिख रहा है, जबकि काली शर्ट वाले युवक के हाथों में लालच है। पैसे के ढेर के बीच यह जंग देखने लायक है। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना की तरह यह संघर्ष भी तीखा है। जब वह पैसे उड़ाता है, तो लगता है वह अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहा है।

अंत की शुरुआत

यह वीडियो किसी बड़ी कहानी की शुरुआत लगती है। युवक की बेचैनी, बुजुर्ग का आगमन, और फिर नकदी से भरा कमरा, सब कुछ एक बड़े धमाके की तैयारी है। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसे मोड़ आने वाले हैं। दर्शक के रूप में हम बस यह देखना चाहते हैं कि आगे क्या होता है।