सम्राट की आँखों में वो गहराई देखकर रोंगटे खड़े हो गए। लगता है बदला जो रोका नहीं की कहानी में अब राजनीति का खेल शुरू होने वाला है। युवराज और उसकी साथी की चुप्पी में कितना दर्द छिपा है, यह सिर्फ वही जानते हैं। महल की दीवारें गवाह हैं कि यहाँ हर शब्द तलवार से ज्यादा धारदार होता है। सम्राट का मुस्कुराना खतरनाक लग रहा है, जैसे वो किसी बड़े फैसले की दहलीज पर खड़े हों।
जब युवराज ने हाथ जोड़कर सम्राट के सामने सिर झुकाया, तो लगा जैसे बदला जो रोका नहीं में किसी बड़े त्याग की तैयारी हो रही हो। उसकी आँखों में डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी शांति थी। शायद वो जानता है कि आगे क्या होने वाला है। महल का हर कोना इतिहास गवाह है, लेकिन आज का दिन शायद सबसे अहम होने वाला है। सम्राट का चेहरा पढ़ना नामुमकिन है, वो क्या सोच रहे हैं?
सम्राट जब मुस्कुराए, तो लगा जैसे बदला जो रोका नहीं की कहानी में कोई बड़ा मोड़ आने वाला हो। उनकी आँखों में वो चमक थी जो अक्सर तूफान से पहले आती है। युवराज और उसकी साथी की चुप्पी में कितना दर्द छिपा है, यह सिर्फ वही जानते हैं। महल की दीवारें गवाह हैं कि यहाँ हर शब्द तलवार से ज्यादा धारदार होता है। सम्राट का मुस्कुराना खतरनाक लग रहा है।
बदला जो रोका नहीं के इस दृश्य में महल की खामोशी इतनी भारी थी कि सांस लेना भी मुश्किल लग रहा था। सम्राट की आँखों में वो गहराई देखकर रोंगटे खड़े हो गए। युवराज का समर्पण देखकर दिल पसीज गया, जैसे वो किसी बड़े त्याग की तैयारी कर रहा हो। महल का हर कोना इतिहास गवाह है, लेकिन आज का दिन शायद सबसे अहम होने वाला है। सम्राट का चेहरा पढ़ना नामुमकिन है।
युवराज की आँखों में वो दर्द देखकर दिल दहल गया, जैसे बदला जो रोका नहीं में किसी बड़े त्याग की तैयारी हो रही हो। उसकी चुप्पी में कितना दर्द छिपा है, यह सिर्फ वही जानता है। सम्राट का मुस्कुराना खतरनाक लग रहा है, जैसे वो किसी बड़े फैसले की दहलीज पर खड़े हों। महल की दीवारें गवाह हैं कि यहाँ हर शब्द तलवार से ज्यादा धारदार होता है। युवराज का समर्पण देखकर दिल पसीज गया।
सम्राट का चेहरा पढ़ना नामुमकिन है, वो क्या सोच रहे हैं? बदला जो रोका नहीं के इस दृश्य में महल की खामोशी इतनी भारी थी कि सांस लेना भी मुश्किल लग रहा था। युवराज की आँखों में वो दर्द देखकर दिल दहल गया, जैसे वो किसी बड़े त्याग की तैयारी कर रहा हो। महल का हर कोना इतिहास गवाह है, लेकिन आज का दिन शायद सबसे अहम होने वाला है। सम्राट का मुस्कुराना खतरनाक लग रहा है।
महल की दीवारें गवाह हैं कि यहाँ हर शब्द तलवार से ज्यादा धारदार होता है। बदला जो रोका नहीं के इस दृश्य में सम्राट की आँखों में वो गहराई देखकर रोंगटे खड़े हो गए। युवराज का समर्पण देखकर दिल पसीज गया, जैसे वो किसी बड़े त्याग की तैयारी कर रहा हो। महल का हर कोना इतिहास गवाह है, लेकिन आज का दिन शायद सबसे अहम होने वाला है। सम्राट का चेहरा पढ़ना नामुमकिन है।
युवराज की चुप्पी में कितना दर्द छिपा है, यह सिर्फ वही जानता है। बदला जो रोका नहीं के इस दृश्य में सम्राट का मुस्कुराना खतरनाक लग रहा है, जैसे वो किसी बड़े फैसले की दहलीज पर खड़े हों। महल की दीवारें गवाह हैं कि यहाँ हर शब्द तलवार से ज्यादा धारदार होता है। युवराज का समर्पण देखकर दिल पसीज गया। महल की खामोशी इतनी भारी थी कि सांस लेना भी मुश्किल लग रहा था।
सम्राट की आँखों में वो गहराई देखकर रोंगटे खड़े हो गए, जैसे बदला जो रोका नहीं में किसी बड़े तूफान की आहट हो। युवराज की आँखों में वो दर्द देखकर दिल दहल गया, जैसे वो किसी बड़े त्याग की तैयारी कर रहा हो। महल का हर कोना इतिहास गवाह है, लेकिन आज का दिन शायद सबसे अहम होने वाला है। सम्राट का चेहरा पढ़ना नामुमकिन है, वो क्या सोच रहे हैं? महल की खामोशी इतनी भारी थी।
तख्त का खेल शुरू हो गया है और बदला जो रोका नहीं की कहानी में अब राजनीति का पन्ना पलटने वाला है। सम्राट की मुस्कान में छिपा खतरा साफ दिख रहा है। युवराज का समर्पण देखकर दिल पसीज गया, जैसे वो किसी बड़े त्याग की तैयारी कर रहा हो। महल की दीवारें गवाह हैं कि यहाँ हर शब्द तलवार से ज्यादा धारदार होता है। युवराज की चुप्पी में कितना दर्द छिपा है, यह सिर्फ वही जानता है।