इस शो का हर पल दिल को छू लेता है और गहरा असर डालता है। जब सफेद पोशाक वाली महिला ने उस घायल योद्धा का हाथ थामा, तो मुझे लगा सब ठीक हो जाएगा। लेकिन कवच वाली महिला की मुस्कान ने सब बदल दिया। छुपा हुआ टायरेंट २ में ऐसे मोड़ बहुत आते हैं जो सोचने पर मजबूर कर दें। ऊंचे बुर्ज से नीचे का नज़ारा खूबसूरत लेकिन खतरनाक लग रहा था। उसकी पकड़ ढीली हो रही थी और दर्द साफ दिख रहा था। मैं बस यही चाहती हूं कि वह बच जाए और सब ठीक हो। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव बहुत अच्छा रहा है। कहानी में गहराई है।
कवच वाली महिला की ठंडी हंसी ने रोंगटे खड़े कर दिए और डरा दिया। उसे देखकर लगता है कि वह सब कुछ नियंत्रित कर रही है अपने हाथ में। सफेद पोशाक वाली महिला बेचारी रो रही थी मदद के लिए। छुपा हुआ टायरेंट २ की कहानी में धोखा बहुत गहरा है और समझ नहीं आता। लकड़ी की बालकनी से लटकता हुआ वह योद्धा मदद के लिए तरस रहा था। उसके चेहरे पर खून के निशान दर्द बता रहे थे साफ। मैं हैरान हूं कि आखिरकार क्या फैसला होगा इसका। यह दृश्य बहुत ही नाटकीय था और दिल को छू गया। मुझे लगता है कि यह शो बहुत आगे जाएगा। बस यही उम्मीद है।
ऊंची मीनार का दृश्य बहुत भव्य लग रहा था और आंखों को सुकून देता था। नीचे हरे भरे बाग़ थे लेकिन ऊपर मौत मंडरा रही थी सबके ऊपर। घायल योद्धा की आंखों में उम्मीद और निराशा दोनों थी साफ। छुपा हुआ टायरेंट २ में ऐसे दृश्य बार बार देखने को मिलते हैं जो पसंद आते हैं। सफेद पोशाक वाली महिला की पकड़ मजबूत थी लेकिन ताकत कम पड़ रही थी। कवच वाली महिला बस तमाशा देख रही थी बिना कुछ किए। यह क्रूरता सहन नहीं हो रही है किसी को भी। मुझे यह शो बहुत पसंद आ रहा है। नेटशॉर्ट पर गुणवत्ता अच्छी है। बस यही कहना चाहूंगी।
जब उस बूढ़े व्यक्ति ने ऊपर देखा आसमान की तरफ, तो मुझे लगा अब कोई मदद आएगी जल्दी। लेकिन चहरों के भाव बता रहे थे कि सब योजना के अनुसार हो रहा है। छुपा हुआ टायरेंट २ की कहानी बहुत पेचीदा है और समझना मुश्किल है। सफेद पोशाक वाली महिला की चीखें दिल दहला देने वाली थीं और डरा रही थीं। कवच वाली महिला की आंखों में कोई दया नहीं थी बिल्कुल भी। वह योद्धा अब और नहीं टिक पाएगा गिर जाएगा। हाथों की पकड़ धीरे धीरे छूट रही थी और समय कम था। यह दृश्य बहुत ही दर्दनाक था और रुला दिया। मैं अगली कड़ी का इंतजार कर रही हूं। बस यही हाल है।
इस शो में हर किरदार का अपना मकसद है और वजह है सबके पास। कवच वाली महिला को लगता है कि वह जीत गई है सब पर। लेकिन सफेद पोशाक वाली महिला हार नहीं मान रही थी किसी भी हाल में। छुपा हुआ टायरेंट २ में जंग सिर्फ तलवारों से नहीं होती कभी भी। भावनाओं की लड़ाई ज्यादा कठिन थी और भारी पड़ रही थी। उस योद्धा का चेहरा दर्द से विकृत हो गया था बहुत ज्यादा। खून की बूंदें गिर रही थीं नीचे की तरफ। मैं बस यही सोच रही हूं कि आखिर क्यों हो रहा है यह सब। नेटशॉर्ट ऐप पर यह शो जरूर देखें। बहुत रोमांचक है।