शुरुआत में ही सफेद पोशाक वाले शेफ का सुनहरा मुखौटा उतारना किसी बड़े खुलासे की तरह लगा। दर्शकों के चेहरे पर हैरानी साफ दिख रही थी, जैसे कोई बड़ा ट्विस्ट आने वाला हो। कुकिंग का राजा में ऐसे ड्रामेटिक पल बार-बार देखने को मिलते हैं जो आपको सीट से हिलने नहीं देते। नीली पोशाक वाले शेफ की नाराजगी और सफेद वाले का ठहराव, दोनों के बीच की तनावपूर्ण चुप्पी सबसे बेहतरीन थी।
जब जज टेबल पर बैठी लड़की ने खाना देखा तो उसका भाव देखने लायक था। पहले घृणा, फिर हैरानी और अंत में एक अजीब सी मुस्कान। कुकिंग का राजा के इस कड़ी में खाने से ज्यादा खाने वालों के प्रतिक्रिया पर फोकस किया गया है। नीले शेफ का गुस्सा और सफेद शेफ का शांत रहना, यह विरोधाभास सीन को और भी दिलचस्प बना रहा है।
नीली वर्दी वाला शेफ जिस तरह से चिल्ला रहा है और उंगली दिखा रहा है, लगता है मामला गंभीर है। सामने खड़ा सफेद पोशाक वाला शेफ बिल्कुल शांत है, जैसे उसे सब पता हो। कुकिंग का राजा में यह दुश्मनी किस मोड़ पर जाएगी, यह जानने के लिए मैं अगली कड़ी देखने के लिए बेताब हूं। दर्शकों की सीटियां और तालियां माहौल को और गरम कर रही हैं।
पीछे बैठे दर्शकों के चेहरे पर जो अलग-अलग भावनाएं हैं, वही इस शो की जान हैं। कोई हैरान है, कोई गुस्से में है तो कोई बस तमाशा देख रहा है। कुकिंग का राजा ने सिर्फ खाना बनाने का शो नहीं, बल्कि एक भावनात्मक सफर बना दिया है। खासकर वो पल जब सब एक साथ खड़े हो गए, उसमें जो ऊर्जा थी वह लाजवाब थी।
सफेद पोशाक वाले शेफ ने पूरे सीन में मुश्किल से कुछ बोला, लेकिन उसकी आंखें सब कुछ कह रही थीं। वह जानता है कि वह जीत रहा है। कुकिंग का राजा में ऐसे किरदार जो कम बोलते हैं लेकिन अपनी मौजूदगी से सब पर हावी हो जाते हैं, सबसे ज्यादा पसंद आते हैं। नीले शेफ का गुस्सा उसकी कमजोरी बनता जा रहा है।