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औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनोवां48एपिसोड

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औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो

रुद्र की गर्लफ्रेंड तारा ने अमीर अर्जुन के लिए उसे छोड़ दिया और उसका एक्सीडेंट करवा दिया। एक्सीडेंट के बाद उसे "सौ गुना वापसी" सिस्टम मिला। अब वह अमीर बन गया। उसकी मुलाकात चार लड़कियों — काव्या, प्रिया, अनुष्का और दिव्या से हुई। तारा और अर्जुन ने उसका मजाक उड़ाया, लेकिन असल में रुद्र ही उन्हें पाल रहा था। तारा को पछतावा हुआ, पर रुद्र ने उसे मौका नहीं दिया। चारों लड़कियाँ उसके लिए लड़ने लगीं। तब रुद्र ने कहा — "बच्चे चुनाव करते हैं, मैं सबको रखूंगा।" और वह चारों के साथ खुशी से रहने लगा।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सफेद सूट वाले की हिम्मत

सफेद सूट वाले की हिम्मत देखकर दंग रह गई। इतने सारे लोगों के सामने घुटने टेक दिए, पर काली पोशाक वाली ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यह दृश्य देखकर लगा जैसे औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो का कोई नया मोड़ आ गया हो। गुब्बारों की सजावट बहुत सुंदर थी, पर माहौल में तनाव साफ झलक रहा था। दोस्तों की खुशी भी फीकी पड़ गई इस ठंडे व्यवहार के आगे। सबकी निगाहें बस उसी एक जोड़े पर टिकी हुई थीं।

जन्मदिन का नाटकीय मोड़

जन्मदिन की पार्टी में प्रपोजल का यह दृश्य बहुत ही नाटकीय था। काली पोशाक वाली के चेहरे पर कोई खुशी नहीं थी, बल्कि गुस्सा साफ दिख रहा था। फिर पीले जैकेट वाले के आगमन ने सबको चौंका दिया। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो में ऐसे मोड़ की उम्मीद नहीं थी। उसका अंदाज किसी अमीर आदमी जैसा लग रहा था, क्या वह असली मालिक है? यह कहानी काफी दिलचस्प होती जा रही है। हर कोई यह जानना चाहता है कि आगे क्या होगा।

खामोशी का शोर

सजावट और रोशनी का इंतजाम बहुत शानदार था, पर कहानी का मोड़ कुछ अलग ही था। सफेद सूट वाला शख्स बहुत मासूम लग रहा था जब वह रिजेक्ट हुआ। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो के इस कड़ी में भावनाओं का खेल देखने को मिला। काली ड्रेस वाली लड़की की खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। आखिर वह चाहती क्या है? यह सवाल हर दर्शक के मन में उठ रहा होगा। कहानी में गहराई है।

दोस्तों की हैरानी

दोस्तों की प्रतिक्रियाएं बहुत ही असली लग रही थीं। जब प्रपोजल हुआ तो वे खुश थे, पर जब इनकार मिला तो हैरान हो गए। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो में ऐसे दोस्तों का होना जरूरी है जो हर हाल में साथ खड़े रहें। सफेद सूट वाले की बेचैनी साफ झलक रही थी। पीछे खड़े लोग भी इस नाटक का हिस्सा बन गए थे। माहौल में अजीब सी खामोशी छा गई थी। सब कुछ बहुत तेजी से बदल रहा था।

रहस्यमयी आगमन

पीले जैकेट वाले के आने ने पूरी कहानी बदल दी। वह सीधा काली पोशाक वाली के पास गया और बिना कुछ बोले उसके पास खड़ा हो गया। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो में यह किरदार बहुत रहस्यमयी लग रहा है। क्या वह सच्चा प्यार है या कोई और खेल? सफेद सूट वाला बेचारा बीच में फंस गया। यह मोड़ देखकर रोंगटे खड़े हो गए। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।

आंखों की जुबानी

जन्मदिन के केक और गुब्बारों के बीच यह नाटक बहुत गहरा था। सफेद सूट वाले की आंखों में उम्मीद थी, पर काली पोशाक वाली की आंखों में नफरत साफ दिख रही थी। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो के इस दृश्य में अभिनय बहुत लाजवाब था। सफेद सूट वाले ने बहुत कोशिश की, पर किस्मत साथ नहीं दी। अब पीले जैकेट वाले का क्या रोल है यह देखना बाकी है। कहानी में जान है।

रोमांटिक माहौल का अंत

पार्टी का माहौल बहुत ही रोमांटिक था, पर अंत कुछ और ही हुआ। सफेद सूट वाला घुटनों पर था और गुलाब के फूल लिए हुए था। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो में ऐसे दृश्य देखकर दिल दहल गया। काली ड्रेस वाली ने हाथ भी नहीं बढ़ाया। फिर पीछे से आए शख्स ने सबका ध्यान खींच लिया। यह कहानी बिल्कुल भी बोरिंग नहीं है। हर पल कुछ नया होता है। दर्शक बंधे हुए हैं।

राजा जैसी एंट्री

दोस्तों की फुसफुसाहट और हैरानी ने दृश्य को और भी रोचक बना दिया। सफेद सूट वाले की बेचैनी देखकर बुरा लग रहा था। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो में ऐसे भावनात्मक पल बहुत कम देखने को मिलते हैं। काली पोशाक वाली की खामोशी सबसे बड़ा हथियार थी। पीले जैकेट वाले की एंट्री जैसे किसी राजा के आगमन लग रही थी। यह ड्रामा देखने लायक है। सब कुछ अनोखा है।

रिश्तों की कड़वाहट

सजावट में नीली रोशनी और तारों जैसी लाइट्स बहुत प्यारी लग रही थीं। पर कहानी में वह चमक नहीं थी जो उम्मीद थी। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो के इस हिस्से में रिश्तों की कड़वाहट दिखाई गई है। सफेद सूट वाला शायद गलत वक्त पर आ गया था। पीले जैकेट वाले ने आते ही स्थिति संभाल ली। यह सत्ता का संतुलन बहुत ही शानदार तरीके से दिखाया गया है।

दमदार अंत

अंत में सफेद सूट वाला उठ खड़ा हुआ और हैरान होकर देखता रहा। काली ड्रेस वाली अब पीले जैकेट वाले के साथ खड़ी थी। औरतों पर खर्च करो, अरबपति बनो का यह अंत बहुत ही दमदार था। क्या यह कोई योजना थी या संयोग? दर्शकों के लिए यह पहेली बनी हुई है। अभिनय और मंच दोनों ही बहुत अच्छे हैं। आगे की कड़ी का बेसब्री से इंतजार रहेगा। कहानी बहुत आगे बढ़ी है।