एक शानदार क्रूज पर, तारा अपने पति अर्जुन को परखने के लिए याददाश्त खोने का नाटक करती है, लेकिन अर्जुन उसे बेरहमी से अपने भाई आदित्य के हवाले कर देता है। जैसे-जैसे तारा को अर्जुन के सात साल के गुप्त संबंध और उसकी दोगली जिंदगी के बारे में पता चलता है, वह दो लोगों के बीच फंस जाती है। एक नकली पति जो सच में उससे प्यार करता है, और एक असली पति जिसने कभी प्यार ही नहीं किया।
क्या तारा अपना असली चेहरा छुपा पाएगी? क्या आदित्य को सच पता चलेगा? और अर्जुन की साजिश का अंजाम क्या होगा?