जब उस बूढ़े गुरु ने उस युवक के कंधे पर हाथ रखा और सुनहरी रोशनी निकली, तो मेरी रूह कांप गई। उस युवक के मुंह से झाग निकलना और गिर जाना किसी डरावने सपने जैसा लगा। खूनी तलवार एक पिता का इंतकाम में ऐसे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। उस बूढ़े की आंखों में पागलपन और शक्ति दोनों झलक रही थी।
वह लड़की जो पीली साड़ी पहने खंभे के पीछे छिपी थी, उसकी आंखों में डर और जिज्ञासा दोनों थे। जब वह बाहर आई और सबके सामने खड़ी हुई, तो लगा जैसे वह किसी बड़े रहस्य को सुलझाने वाली हो। खूनी तलवार एक पिता का इंतकाम में उसके किरदार की गहराई बहुत प्रभावशाली है। उसकी चुप्पी भी बहुत कुछ कह जाती है।
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वह युवक जो नीले वस्त्र पहने था और बांहें बांधे खड़ा था, उसकी आंखों में चुनौती थी। वह उस लड़की को घूर रहा था जैसे वह उससे कुछ छिपा रही हो। खूनी तलवार एक पिता का इंतकाम में उसके किरदार में एक अलग तरह का आकर्षण है। उसकी चुप्पी भी बहुत कुछ कह जाती है।
जब उस बूढ़े गुरु ने अपने हाथ हिलाए और धुएं और रोशनी का जादू शुरू हुआ, तो लगा जैसे कोई पुराना मंत्र जाग गया हो। वह युवक जमीन पर गिर गया और बूढ़ा गुरु पागलों की तरह हंसा। खूनी तलवार एक पिता का इंतकाम के ऐसे दृश्य दर्शकों को हैरान कर देते हैं। विजुअल इफेक्ट्स बहुत शानदार हैं।
दो लड़कियां जो एक साथ चल रही थीं, एक पीली साड़ी में और दूसरी भूरे रंग के कपड़ों में, उनके बीच एक अजीब सी रसायन थी। एक शांत और दूसरी उत्साही। खूनी तलवार एक पिता का इंतकाम में उनके रिश्ते की गहराई धीरे-धीरे सामने आती है। उनकी बातचीत और नजरें बहुत कुछ कह जाती हैं।
मंदिर की घंटियां बज रही थीं और हवा में एक अजीब सी गूंज थी। जब वह लड़की बीच में खड़ी हुई और सबने उसे घेर लिया, तो लगा जैसे कोई बड़ा फैसला होने वाला हो। खूनी तलवार एक पिता का इंतकाम के इस दृश्य में माहौल बहुत तनावपूर्ण है। हर किरदार की सांसें रुकी हुई लग रही थीं।
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