इस दृश्य में नायक की ताकत देखकर मैं दंग रह गया। जब बंदूक से गोली चली तो उसने बिना डरे अपने उंगलियों से उसे पकड़ लिया। गाड़ीवान का रहस्य में ऐसा मारधाड़ वाला दृश्य पहले कभी नहीं देखा। खून बहता हुआ देखकर डर लग रहा था लेकिन नायक की शांति प्रशंसनीय है। सभी के चेहरे पर हैरानी साफ दिख रही थी।
खलनायक को अपनी गलती का अहसास तब हुआ जब बहुत देर हो चुकी थी। उसकी आंखों में मौत का डर साफ झलक रहा था। गाड़ीवान का रहस्य की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। जो घायल जमीन पर गिरा था उसका दर्द देखकर बुरा लगा। पीछे खड़े लोग भी कुछ बोल नहीं पा रहे थे। माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया था।
पीछे खड़ी सफेद कपड़े वाली की आंखों में चिंता साफ दिख रही थी। उसने अपना हाथ पकड़ रखा था जैसे कोई सहारा ढूंढ रही हो। गाड़ीवान का रहस्य में भावनात्मक पल बहुत अच्छे दिखाए गए हैं। जब गोली चली तो सबकी सांसें रुक गई थीं। कपड़ों की डिजाइन भी उस समय के अनुसार बहुत सटीक लग रही थी।
अंत में जो काले कपड़े वाला आया उसकी मुस्कान बहुत रहस्यमयी लग रही थी। उसके कान में बाली थी और वह बहुत शांत था। गाड़ीवान का रहस्य में नए किरदार का आगमन धमाकेदार हुआ। लगता है अब कहानी में बड़ा मोड़ आने वाला है। पुराने घायल व्यक्ति को सहारा देकर ले जाया गया।
इस जगह का माहौल बहुत पुराना और डरावना लग रहा था। लकड़ी के दरवाजे और पुराने बोर्ड ने कहानी को असली बना दिया। गाड़ीवान का रहस्य की सेटिंग बहुत शानदार है। जब धूल उड़ी तो सब कुछ और भी नाटकीय हो गया। युवक की आंखों में गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था।
जब वह घायल व्यक्ति जमीन पर गिरा तो खून के छींटे दूर तक गए। उसकी चीख सुनकर रोंगटे खड़े हो गए। गाड़ीवान का रहस्य में हिंसा का चित्रण बहुत सच्चा है। कोई भी इसे आसानी से नहीं भूल सकता। दूसरे लोग उसे उठाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वह हिल नहीं पा रहा था।
शोर शराबे के बीच भी नायक बिल्कुल शांत खड़ा था। उसने हाथ पीछे कर रखा था जैसे कुछ हुआ ही न हो। गाड़ीवान का रहस्य में उसका किरदार बहुत मजबूत लग रहा है। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। विपक्षी के पास हथियार था फिर भी वह नहीं डरा।
सबको लगा बंदूक सबसे ताकतवर है लेकिन यहां कलाबाजी जीत गई। खलनायक के हाथ से बंदूक छूट गई और वह रोने लगा। गाड़ीवान का रहस्य में पुराने जमाने की मारधाड़ दिखाई गई है। तकनीक से ज्यादा हुनर की जीत हुई है। यह देखकर बहुत अच्छा लगा।
आस पास खड़े लोग सब कुछ चुपचाप देख रहे थे। किसी में इतनी हिम्मत नहीं थी कि आगे बढ़ सके। गाड़ीवान का रहस्य में भीड़ की प्रतिक्रिया बहुत असली लग रही थी। सबकी नज़रें उसी एक व्यक्ति पर टिकी हुई थीं। डर और सम्मान दोनों का मिश्रण था।
यह अंत बहुत जोरदार था। अब आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। गाड़ीवान का रहस्य का अगला भाग कब आएगा। घायल व्यक्ति की हालत बहुत खराब थी। नायक ने बिना हथियार के सबको हरा दिया। बहुत रोमांचक कहानी है।