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गुमशुदा वारिस घर लौटीवां12एपिसोड

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गुमशुदा वारिस घर लौटी

पाँच साल की उम्र में, अमीर घर की बेटी जेनी और झुग्गी की मार्गरेट की पहचान बदल गई। जेनी को मार्गरेट बनाकर सताया गया, जबकि असली मार्गरेट अन्ना बनकर आलीशान जीवन जीती रही। सालों बाद डीएनए टेस्ट ने सच खोल दिया। अन्ना की सारी साजिशें नाकाम हो गईं। थैंक्सगिविंग पर जेनी अपने असली परिवार से मिली और नई शुरुआत की।
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इस एपिसोड की समीक्षा

लाल पोशाक वाली महिला का अहंकार

लाल पोशाक वाली महिला का व्यवहार सच में चौंकाने वाला है। वह खुद को कितना ऊंचा समझती है! स्कूल के माहौल में इस तरह का घमंड देखकर गुस्सा आता है। गुमशुदा वारिस घर लौटी कहानी में यह किरदार सबसे ज्यादा नफरत करने लायक है। उसकी हरकतें देखकर लगता है कि पैसा ही सब कुछ है।

सीढ़ियों वाला रोमांटिक पल

जब लड़का सीढ़ियों पर रोती हुई लड़की के पास जाता है, तो दिल पिघल जाता है। उसने हरे रूमाल से आंसू पोंछे, यह डिटेल बहुत प्यारी थी। गुमशुदा वारिस घर लौटी में ऐसे पल ही जान डालते हैं। उनकी आंखों में जो समझदारी और दर्द था, वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

गरीब मां का संघर्ष

स्वेटर वाली महिला की आंखों में जो मजबूरी और गुस्सा था, वह साफ दिख रहा था। अमीरों के सामने खड़े होकर अपनी बात रखना आसान नहीं होता। गुमशुदा वारिस घर लौटी ने क्लास डिफरेंस को बहुत बारीकी से दिखाया है। उस महिला की चीख में एक मां का दर्द था जो किसी को भी रुला दे।

लड़की का टूटना और संभलना

लड़की का रोना और फिर लड़के के सहारे संभलना, यह इमोशनल रोलरकोस्टर था। स्कूल यूनिफॉर्म में वह कितनी मासूम लग रही थी। गुमशुदा वारिस घर लौटी में किरदारों के इमोशन्स बहुत रियल लगते हैं। जब वह मुस्कुराई, तो लगा जैसे बादल छंट गए हों।

अमीर और गरीब का टकराव

हॉल में हुआ वह झगड़ा सच में दिल दहला देने वाला था। एक तरफ रौबदार अंदाज और दूसरी तरफ मजबूरी। गुमशुदा वारिस घर लौटी ने सोसाइटी के इस सच को बहुत खूबसूरती से उजागर किया है। डायलॉग्स तेज थे और एक्टिंग लाजवाब। ऐसा लग रहा था जैसे मैं वहीं मौजूद हूं।

लड़के की समझदारी

लड़के ने बिना कुछ कहे बस अपना रूमाल दिया, यह उसकी खामोश समझदारी थी। वह शोर नहीं मचाता, बस मदद करता है। गुमशुदा वारिस घर लौटी में यह किरदार सबसे ज्यादा परिपक्व लगता है। उसकी आंखों में जो चिंता थी, वह सब कुछ कह गई।

बचपन की यादें

वीडियो में बीच में जो बचपन का फ्लैशबैक आया, वह बहुत प्यारा था। छोटी बच्ची की खुशी और फिर बड़ी होकर मिलने वाला दुख। गुमशुदा वारिस घर लौटी की कहानी में यह कॉन्ट्रास्ट बहुत गहरा असर छोड़ता है। काश वह खुशी हमेशा बनी रहती।

नेटशॉर्ट का जादू

नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज देखना एक अलग ही अनुभव है। कहानी की पकड़ इतनी मजबूत है कि एक बार शुरू किया तो रुका नहीं जा सकता। गुमशुदा वारिस घर लौटी के हर एपिसोड में नया ट्विस्ट है। वीडियो क्वालिटी और एक्टिंग दोनों ही शानदार हैं।

स्कूल का माहौल और ड्रामा

स्कूल की सफेद दीवारें और यूनिफॉर्म वाले बच्चे, लेकिन पीछे चल रहा गहरा ड्रामा। गुमशुदा वारिस घर लौटी ने स्कूल सेटिंग का बहुत अच्छा इस्तेमाल किया है। वहां की राजनीति और दोस्ती-दुश्मनी सब कुछ बहुत रियल लगता है। क्लासरूम से ज्यादा ड्रामा कॉरिडोर में है।

आंखों का खेल

लड़के और लड़की के बीच जो आंखों की बातचीत हुई, वह किसी डायलॉग से कम नहीं थी। जब वह उसे देखकर मुस्कुराई, तो स्क्रीन पर रोशनी छा गई। गुमशुदा वारिस घर लौटी में रोमांस को बहुत सबटल तरीके से दिखाया गया है। यह केमिस्ट्री देखते ही बनती है।