एक महीने बाद का सीन देखकर दिल खुश हो गया। रोज विन्स्टन के चेहरे पर मुस्कान और एलेक्स का उत्साह देखकर लगता है कि सब ठीक हो गया है। लेकिन गुलाब का बदला में इतनी जल्दी खुशी मनाना शायद गलत साबित हो सकता है। वकील का अचानक आना और फिर से वसीयत की बातें, यह सब कुछ संदिग्ध लग रहा है।
रोज के चेहरे से पट्टी हटते ही उसकी खुशी देखने लायक थी। एलेक्स का उसे आईना दिखाना और फिर सबका मिलकर जश्न मनाना, यह सीन बहुत ही प्यारा था। लेकिन गुलाब का बदला में हर खुशी के पीछे एक दुख छिपा होता है। वकील के आने के बाद सबके चेहरे बदल गए, खासकर एलेक्स का।
जब वकील अस्पताल के कमरे में दाखिल हुआ, तो माहौल एकदम बदल गया। रोज की खुशी गायब हो गई और एलेक्स की चिंता साफ दिख रही थी। गुलाब का बदला में यह ट्विस्ट बहुत ही शानदार था। वसीयत की शर्तें क्या हैं जो सबको इतना परेशान कर रही हैं? यह जानने के लिए बेताब हूं।
रोज के चेहरे पर पहले खुशी और फिर चिंता के भाव देखकर दिल दहल गया। एलेक्स का व्यवहार भी बहुत अजीब था, कभी खुश तो कभी गंभीर। गुलाब का बदला में यह भावनात्मक उतार-चढ़ाव बहुत ही अच्छे से दिखाया गया है। वकील की हर बात पर सबका प्रतिक्रिया देना, यह सब बहुत ही रोचक है।
वसीयत में लिखी शर्तें रोज के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गई हैं। एलेक्स का उसे समझाने की कोशिश करना और फिर वकील का कठोर रवैया, यह सब कुछ बहुत ही तनावपूर्ण है। गुलाब का बदला में यह कानूनी पेंच कहानी को एक नया मोड़ दे रहा है। रोज क्या फैसला लेगी, यह देखना बाकी है।
डॉक्टर का शांत रहना और सबको देखते रहना, यह उसकी भूमिका को और भी रहस्यमय बना रहा है। गुलाब का बदला में वह सिर्फ एक डॉक्टर नहीं, बल्कि कुछ और भी हो सकता है। रोज और एलेक्स के बीच की केमिस्ट्री और फिर वकील का हस्तक्षेप, यह सब कुछ बहुत ही जटिल होता जा रहा है।
कन्फेटी और जश्न का वह सीन बहुत ही खूबसूरत था, लेकिन वह ज्यादा देर तक नहीं टिका। गुलाब का बदला में खुशी के पल हमेशा अधूरे रह जाते हैं। वकील के आने के बाद रोज के चेहरे से मुस्कान गायब हो गई और एलेक्स की आंखों में चिंता साफ दिख रही थी। यह सब कुछ बहुत ही दुखद है।
एलेक्स के चेहरे पर साफ दिख रहा था कि वह किस दुविधा में है। एक तरफ रोज की खुशी और दूसरी तरफ वसीयत की शर्तें। गुलाब का बदला में उसका किरदार बहुत ही जटिल है। वह रोज की मदद करना चाहता है, लेकिन वकील की बातें उसे रोक रही हैं। उसका अगला कदम क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
रोज का अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए सब कुछ सुनना और फिर उसकी प्रतिक्रियाएं, यह सब कुछ बहुत ही दर्दनाक है। गुलाब का बदला में उसका किरदार बहुत ही मजबूत है। वह सब कुछ सहन कर रही है, लेकिन उसकी आंखों में एक उम्मीद भी है। वह इस स्थिति से कैसे निपटेगी, यह जानने के लिए बेताब हूं।
अलेक्फ्रेड की अंतिम वसीयत सुनकर सब हैरान रह गए। गुलाब का बदला में यह मोड़ बहुत ही ड्रामेटिक था। वकील के चेहरे पर गंभीरता और एलेक्स की प्रतिक्रिया देखकर लगता है कि कुछ बड़ा होने वाला है। अस्पताल का सीन और फिर कन्फेटी वाला जश्न, सब कुछ इतना तेजी से बदल रहा है कि सांस लेने का मौका नहीं मिल रहा।