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ठुकराई माँ, छुपा आसमानवां29एपिसोड

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ठुकराई माँ, छुपा आसमान

नेहा सिन्हा, सुरक्षा दल की सबसे बड़ी सेनापति, एक प्यारी और ममतामयी माँ है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह बेहद सख्त भी बन सकती है। 25 साल पहले उन्होंने सात बच्चों को आग से बचाकर अपना बच्चा बनाकर पाला। अपनी 50वीं सालगिरह की पार्टी में, उन सातों बच्चों के असली माँ-बाप ने आकर उन्हें बहका दिया और बच्चे नेहा से अलग हो गए। अब नेहा चुप नहीं बैठेगी। वह अपनी असली पहचान सबके सामने रखकर अपनी ताकत दिखाएगी और सातों बच्चों का दिल फिर से जीतेगी, इस बार प्यार से नहीं, बल्कि उनके सामने खड़े होकर।
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इस एपिसोड की समीक्षा

खून और तमाशा का मिलन

जब ठुकराई माँ, छुपा आसमान में खून बहता है तो लगता है जैसे किसी ने दिल के टुकड़े फेंक दिए हों। वो लड़की जिसके होंठों से खून टपक रहा है, उसकी आँखों में दर्द नहीं, बल्कि एक अजीब सी शांति है। जैसे वह जानती हो कि यह सब उसके लिए ही था। बाकी लोग चिल्ला रहे हैं, लड़ रहे हैं, लेकिन वह चुपचाप खड़ी है — जैसे वह इस तमाशे की रानी हो।

पिशाच प्रेम का अंत

छुपा आसमान में जब पिशाच प्रेमी एक-दूसरे को काटते हैं, तो लगता है जैसे प्यार भी अब खून से लिखा जाता है। वो लड़का जिसके गले में लाल रस्सी बंधी है, उसकी आँखों में पागलपन है। और वो लड़की जो हंस रही है, जैसे उसे पता हो कि अगला कौन मरेगा। यह प्रेम कहानी नहीं, यह तो एक खूनी नाच है।

सभा में खून की बूंदें

ठुकराई माँ, छुपा आसमान की इस सभा में हर कोई अपने आप में खोया है। कोई चिल्ला रहा है, कोई रो रहा है, कोई हंस रहा है। लेकिन वो लड़की जिसके होंठों से खून बह रहा है, वह सब कुछ देख रही है — जैसे वह जानती हो कि अगला कदम क्या होगा। यह सभा नहीं, यह तो एक खूनी नाटक है।

प्यार या पागलपन?

छुपा आसमान में जब प्रेमी एक-दूसरे को काटते हैं, तो लगता है जैसे प्यार भी अब खून से लिखा जाता है। वो लड़का जिसके गले में लाल रस्सी बंधी है, उसकी आँखों में पागलपन है। और वो लड़की जो हंस रही है, जैसे उसे पता हो कि अगला कौन मरेगा। यह प्रेम कहानी नहीं, यह तो एक खूनी नाच है।

खून की नदी में तैरते हुए

ठुकराई माँ, छुपा आसमान में जब खून बहता है तो लगता है जैसे किसी ने दिल के टुकड़े फेंक दिए हों। वो लड़की जिसके होंठों से खून टपक रहा है, उसकी आँखों में दर्द नहीं, बल्कि एक अजीब सी शांति है। जैसे वह जानती हो कि यह सब उसके लिए ही था। बाकी लोग चिल्ला रहे हैं, लड़ रहे हैं, लेकिन वह चुपचाप खड़ी है — जैसे वह इस तमाशे की रानी हो।

पिशाच प्रेम का अंत

छुपा आसमान में जब पिशाच प्रेमी एक-दूसरे को काटते हैं, तो लगता है जैसे प्यार भी अब खून से लिखा जाता है। वो लड़का जिसके गले में लाल रस्सी बंधी है, उसकी आँखों में पागलपन है। और वो लड़की जो हंस रही है, जैसे उसे पता हो कि अगला कौन मरेगा। यह प्रेम कहानी नहीं, यह तो एक खूनी नाच है।

सभा में खून की बूंदें

ठुकराई माँ, छुपा आसमान की इस सभा में हर कोई अपने आप में खोया है। कोई चिल्ला रहा है, कोई रो रहा है, कोई हंस रहा है। लेकिन वो लड़की जिसके होंठों से खून बह रहा है, वह सब कुछ देख रही है — जैसे वह जानती हो कि अगला कदम क्या होगा। यह सभा नहीं, यह तो एक खूनी नाटक है।

प्यार या पागलपन?

छुपा आसमान में जब प्रेमी एक-दूसरे को काटते हैं, तो लगता है जैसे प्यार भी अब खून से लिखा जाता है। वो लड़का जिसके गले में लाल रस्सी बंधी है, उसकी आँखों में पागलपन है। और वो लड़की जो हंस रही है, जैसे उसे पता हो कि अगला कौन मरेगा। यह प्रेम कहानी नहीं, यह तो एक खूनी नाच है।

खून की नदी में तैरते हुए

ठुकराई माँ, छुपा आसमान में जब खून बहता है तो लगता है जैसे किसी ने दिल के टुकड़े फेंक दिए हों। वो लड़की जिसके होंठों से खून टपक रहा है, उसकी आँखों में दर्द नहीं, बल्कि एक अजीब सी शांति है। जैसे वह जानती हो कि यह सब उसके लिए ही था। बाकी लोग चिल्ला रहे हैं, लड़ रहे हैं, लेकिन वह चुपचाप खड़ी है — जैसे वह इस तमाशे की रानी हो।

पिशाच प्रेम का अंत

छुपा आसमान में जब पिशाच प्रेमी एक-दूसरे को काटते हैं, तो लगता है जैसे प्यार भी अब खून से लिखा जाता है। वो लड़का जिसके गले में लाल रस्सी बंधी है, उसकी आँखों में पागलपन है। और वो लड़की जो हंस रही है, जैसे उसे पता हो कि अगला कौन मरेगा। यह प्रेम कहानी नहीं, यह तो एक खूनी नाच है।