डैनियल की आंखों में वो गुस्सा और चिंता साफ दिख रही थी। कांच के टुकड़े निकालते वक्त उसके हाथ कांप नहीं रहे थे, पर चेहरे पर एक अजीब सी बेचैनी थी। डॉक्टर का जुनून श्रृंखला में ऐसा किरदार पहले नहीं देखा। वो सिर्फ इलाज नहीं कर रहा, बल्कि किसी बात का बदला भी ले रहा हो ऐसा लगता है। बैंडेज बांधते वक्त उसकी पकड़ में जो सख्ती थी, वो दर्द से ज्यादा डरा रही थी लड़की को।
अस्पताल वाला सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। छह हफ्ते पहले क्या हुआ था जो वो इतनी घबराकर उठी? फोन पर डैनियल का नाम देखते ही उसकी हालत खराब हो गई। डॉक्टर का जुनून की कहानी में ये पिछला दृश्य बहुत अहम लग रहा है। शायद उस रात कुछ ऐसा हुआ जिसने दोनों की जिंदगी बदल दी। अब वो बिस्तर छोड़कर क्यों भागी? जानने को दिल कर रहा है।
कमरे की रोशनी और इन दोनों के बीच की खामोशी बहुत कुछ कह रही है। वो गुस्से में है पर फिर भी उसके पैरों की देखभाल कर रहा है। डॉक्टर का जुनून में प्रेम के साथ ये रोमांच वाला अंदाज बहुत पसंद आया। डैनियल के चश्मे पहनते ही उसका रूप बदल जाता है, जैसे वो किसी और इंसान में तब्दील हो जाए। क्या वो सच में डॉक्टर है या कोई और खेल खेल रहा है?
पैर में कांच चुभने का दर्द तो था ही, पर डैनियल के सवालों ने ज्यादा तकलीफ दी होगी। उसने बिना कुछ कहे बैंडेज बांधा और चला गया। डॉक्टर का जुनून के इस एपिसोड में संवाद से ज्यादा क्रिया और भावभंगिमा बोल रहे थे। लड़की की आंखों में आंसू और डर साफ झलक रहा था। क्या वो उससे छुपा रही है कोई राज? या वो खुद किसी मुसीबत में फंसी है?
कहानी में एक अजीब सा रहस्य है जो धीरे धीरे खुल रहा है। अस्पताल से भागना और फिर इस कमरे में मिलना, सब कुछ जुड़ा हुआ लगता है। डॉक्टर का जुनून की पटकथा बहुत मजबूत लग रही है। हर सीन के बाद नया सवाल खड़ा हो जाता है। डैनियल का व्यक्तित्व बहुत जटिल है, वो मदद भी कर रहा है और डरा भी रहा है। आगे क्या होगा ये सोचकर ही नींद नहीं आएगी।
छायांकन बहुत गजब की है। नीली रोशनी और छायाओं का इस्तेमाल माहौल को बहुत गहरा बना रहा है। डॉक्टर का जुनून में दृश्य कथाकथन पर खासा ध्यान दिया गया है। डैनियल जब चश्मा साफ करता है तो लगता है वो किसी शिकार की ताक में है। लड़की का गुलाबी रोब और उसके घाव का विरोधाभास बहुत गहरा असर छोड़ता है। देखने में बहुत खूबसूरत पर कहानी में कड़वाहट है।
लड़की की हालत देखकर दिल पसीज गया। वो भ्रमित है कि उसे डैनियल पर भरोसा करना चाहिए या नहीं। डॉक्टर का जुनून में भावनात्मक संबंध बहुत मजबूत है। अस्पताल वाले सीन में उसकी घबराहट असली लग रही थी। शायद उसे अपनी याददाश्त नहीं है या वो किसी से छुप रही है। डैनियल की देखभाल करने वाला पक्ष भी है और गहरा पक्ष भी। ये मिश्रण बहुत रोचक है।
कहानी की रफ्तार बहुत सही है। न बहुत तेज कि कुछ समझ न आए, न बहुत धीमी कि बोरियत हो। डॉक्टर का जुनून के हर सीन में एक वजह है। पिछले दृश्य का समय बिल्कुल सही जगह पर आया। जब हमें लगा कि कमरे में सब ठीक हो रहा है, तभी अस्पताल का सीन आया और सब उलट गया। डैनियल का कॉल आना किसी संकेत से कम नहीं था। क्या वो उसे ढूंढ रहा था?
डैनियल सिर्फ एक डॉक्टर नहीं लग रहा, बल्कि किसी कार्य पर हो। उसकी आंखों में जो ठंडक है वो किसी सामान्य इंसान की नहीं होती। डॉक्टर का जुनून में किरदारों की गहराई बहुत अच्छी है। वो लड़की के पैर को छूता है तो लगता है वो उसे नियंत्रण करना चाहता है। लड़की भी कम नहीं है, वो डर के बावजूद सामने खड़ी है। इन दोनों के बीच की जंग देखने लायक है।
नेटशॉर्ट मंच पर ये श्रृंखला देखने का अनुभव बहुत अच्छा रहा। कहानी में दम है और अभिनय में जान। डॉक्टर का जुनून ने उम्मीदों से ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया है। हर एपिसोड के बाद रुचिकर मोड़ छोड़ना इसकी खासियत है। अब ये जानना जरूरी है कि उस रात अस्पताल में क्या हुआ था। डैनियल और लड़की का रिश्ता क्या है? प्रेम या नफरत? सब कुछ मिश्रित है।