वीडियो की शुरुआत में ही काले लिबास वाला पात्र इतना डरावना लग रहा था कि रोंगटे खड़े हो गए। उसने जब लाल दवा पी और फिर अपनी ताकत दिखाई, तो सस्पेंस अपने चरम पर था। तलवार का नाद जैसे ही शुरू हुआ, माहौल में एक अजीब सी गंभीरता आ गई। उसकी आँखों में जो क्रूरता थी, वो किसी विलेन से कम नहीं लग रही थी। यह दृश्य दर्शकों को बांधे रखने के लिए काफी है।
सुनहरी गाउन और ताज पहने उस लड़की की मासूमियत और फिर उस पर हुआ हमला देखकर दिल दहल गया। जब वह जादुई ताकत से लड़ी, तो उसकी हिम्मत कायल कर देने वाली थी। तलवार का नाद में ऐसे दृश्य ही तो असली जान डालते हैं। उसकी आँखों में डर और चेहरे पर जिद्द साफ दिख रही थी। यह किरदार दर्शकों के दिलों में जगह बना लेगा।
ग्रे सूट और पीली टाई वाला शख्स शुरू में शांत लग रहा था, लेकिन जैसे ही उसने जादुई पेंडेंट छीना, उसकी असली नियत सामने आ गई। तलवार का नाद में ऐसे ट्विस्ट ही तो कहानी को रोचक बनाते हैं। उसकी मुस्कान के पीछे छिपी चालाकी और फिर उसका हमला देखकर हैरानी हुई। यह किरदार कहानी में एक नया मोड़ ला रहा है।
वह नीला चमकता हुआ पेंडेंट जिसने सबकी नजरें खींच लीं। जब काले लिबास वाले ने उसे पहना और फिर उससे ताकत ली, तो लगा जैसे कोई महाकाव्य चल रहा हो। तलवार का नाद में ऐसे जादुई तत्व कहानी को और भी रोमांचक बना देते हैं। उसकी चमक और फिर उससे निकली ऊर्जा देखकर लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है।
सफेद यूनिफॉर्म और चश्मे वाली महिला का अंदाज ही कुछ और था। जब वह बीच में आई और स्थिति को संभालने की कोशिश की, तो उसका रौब साफ झलक रहा था। तलवार का नाद में ऐसे किरदार ही तो कहानी को संतुलित रखते हैं। उसकी आवाज में अधिकार और चेहरे पर गंभीरता थी। यह किरदार दर्शकों को प्रभावित करेगा।
जब जादुई हमला हुआ और भीड़ में अफरातफरी मच गई, तो हर किसी के चेहरे पर डर साफ दिख रहा था। तलवार का नाद में ऐसे दृश्य ही तो असली तनाव पैदा करते हैं। पीछे खड़े सैनिक और आम लोग सब हैरान थे। यह दृश्य दर्शकों को भी उसी माहौल में ले जाता है।
जब काले लिबास वाले पर हमला हुआ और वह गिर गया, तो लगा जैसे कहानी का एक अध्याय खत्म हो गया हो। तलवार का नाद में ऐसे दृश्य ही तो दर्शकों को संतुष्टि देते हैं। उसका दर्द और फिर उसकी हार देखकर लगा कि अब हीरो की बारी है। यह दृश्य कहानी में एक नया मोड़ ला रहा है।
जब सूट वाले शख्स ने जादुई पेंडेंट हासिल कर लिया और उसकी मुस्कान वापस आ गई, तो लगा कि उसकी चालाकी कामयाब हो गई। तलवार का नाद में ऐसे मोड़ ही तो कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उसकी खुशी और फिर उसका अंदाज देखकर लगा कि अब वह असली विलेन है। यह किरदार कहानी में एक नया ट्विस्ट ला रहा है।
जब राजकुमारी पर हमला हुआ और उसके दोस्त उसे बचाने आए, तो उनकी दोस्ती और वफादारी साफ झलक रही थी। तलवार का नाद में ऐसे दृश्य ही तो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं। उनकी चिंता और फिर उनकी कोशिश देखकर लगा कि अब कहानी में एक नया मोड़ आएगा।
पूरा दृश्य इतना सिनेमैटिक था कि लगा जैसे कोई बड़ी फिल्म देख रहे हों। रंग-बिरंगे फूल, भव्य हॉल और फिर जादुई ताकतें सब कुछ परफेक्ट था। तलवार का नाद में ऐसे दृश्य ही तो दर्शकों को बांधे रखते हैं। कैमरा एंगल और फिर एक्टिंग सब कुछ बेहतरीन था। यह दृश्य दर्शकों को लंबे समय तक याद रहेगा।