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ब्लाइंड डेट से दिल तकवां7एपिसोड

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ब्लाइंड डेट से दिल तक

पूर्व सैनिक सूरज सिंह, सीईओ जोया शेट्टी का नकली प्रेमी बनता है ताकि वह विक्रम राठौर के शादी के दबाव से बच सके। सूरज ने जोया के पिता की बीमारी ठीक की, जो उसके गुरु भाई की मौत से जुड़ी थी। विक्रम ने हत्यारे भेजे और बिजनेस में नुकसान पहुँचाया, लेकिन सूरज ने सब हराया। आखिर में सूरज को पता चला कि असली दुश्मन शर्मा परिवार है, और अब उसके सामने बदला और हिफाजत दोनों हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सोफे पर रोमांस का नया अंदाज

ब्लाइंड डेट से दिल तक में शुरुआती सीन ही दिल को छू लेता है। वो नज़दीकियां, वो आंखों का मिलना और फिर अचानक दूरी बन जाना। लड़की का सफेद सूट और लड़के की काकी जैकेट का कॉन्ट्रास्ट बहुत अच्छा लग रहा है। जब वो सोफे पर लेट जाता है तो लगता है जैसे वो अपनी किस्मत को कोस रहा हो। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सुकून देता है।

अगली सुबह का ट्विस्ट

रात भर सोफे पर बिताने के बाद सुबह का सीन कमाल का है। लड़की डेनिम में कितनी खूबसूरत लग रही है और लड़का अभी भी उसी कपड़े में। उसकी नींद टूटने पर जो हैरानी होती है, वो बिल्कुल असली लगती है। ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में ये मोड़ बहुत जरूरी था। लगता है अब कुछ बड़ा होने वाला है।

पार्किंग लॉट का खतरनाक माहौल

लिविंग रूम के आरामदायक माहौल से सीधा पार्किंग लॉट के डरावने सीन में जाना बहुत तेज था। लाल स्पोर्ट्स कार और फिर वो गुंडे। लड़के का चेहरा देखकर लगता है वो डरा नहीं है, बल्कि तैयार है। ब्लाइंड डेट से दिल तक में एक्शन का ये अंदाज मुझे बहुत पसंद आया। अब देखना है वो अकेले कैसे लड़ेगा।

लिफ्ट वाले सीन की खामोशी

लिफ्ट के बाहर खड़े होकर जो खामोशी थी, उसमें हजारों बातें छिपी थीं। लड़की आगे चल रही थी और लड़का पीछे, जैसे दोनों के बीच कोई अनकही दूरी हो। ब्लाइंड डेट से दिल तक के इस सीन में डायलॉग नहीं थे लेकिन एक्टिंग सब कुछ कह गई। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखना एक अलग ही अनुभव है।

कपड़ों से कहानी बयान होना

लड़की का व्हाइट सूट से डेनिम में बदलना और लड़के का वही जैकेट पहने रहना। ये छोटी-छोटी चीजें कहानी को आगे बढ़ाती हैं। ब्लाइंड डेट से दिल तक में कॉस्ट्यूम डिजाइनर ने बहुत अच्छा काम किया है। हर कपड़ा किरदार के मूड को दर्शाता है। ये डिटेलिंग मुझे बहुत पसंद आई।

गुंडों का एंट्री और टेंशन

पार्किंग में जब वो तीन गुंडे घेरते हैं, तो स्क्रीन पर टेंशन साफ दिखती है। लीड एक्टर की आंखों में डर नहीं, बल्कि गुस्सा है। ब्लाइंड डेट से दिल तक का ये क्लाइमेक्स बहुत दमदार लग रहा है। ऐसे सीन देखकर दिल की धड़कन तेज हो जाती है। नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीरीज देखना बेस्ट डिसीजन था।

सोफे पर रात बिताना

लड़के का पूरा रात सोफे पर बिताना और सुबह उठकर उसका कन्फ्यूज्ड चेहरा। ये सीन बहुत रिलेटेबल है। ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे छोटे-छोटे पल बड़े इमोशनल होते हैं। लगता है लड़की ने उसे जानबूझकर वहां छोड़ा था। ये सस्पेंस बना रहना चाहिए।

लाल कार और रफ्तार

पार्किंग गैराज में लाल कार का ड्राइव करना और फिर अचानक रुकना। ये सीन बहुत सिनेमेटिक था। ब्लाइंड डेट से दिल तक में व्हीकल्स का इस्तेमाल कहानी के मूड को बदलने के लिए किया गया है। ये डायरेक्शन बहुत शानदार है। नेटशॉर्ट पर ऐसे विजुअल्स देखना मजेदार है।

लड़की का स्ट्रॉन्ग कैरेक्टर

लड़की का व्यवहार बहुत रहस्यमयी है। कभी वो पास आती है तो कभी दूर चली जाती है। ब्लाइंड डेट से दिल तक में उसका किरदार बहुत लेयरड है। वो सिर्फ एक लड़की नहीं, बल्कि कहानी की चाबी लगती है। उसकी हर चाल में कुछ न कुछ छिपा है।

अंत में अकेलापन

जब लड़का पार्किंग में अकेला खड़ा होता है और चारों तरफ दुश्मन होते हैं, तो वो सीन बहुत पावरफुल है। ब्लाइंड डेट से दिल तक का ये अंत हमें अगले एपिसोड के लिए बेचैन कर देता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे क्लिफहैंगर देखना आदत बन गई है। अब बस अगला पार्ट देखना है।