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ब्लाइंड डेट से सीधे शादीवां20एपिसोड

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ब्लाइंड डेट से सीधे शादी

रिया, बहन पर बोझ न बनने के लिए, यश से ब्लाइंड डेट पर शादी कर लेती है। पहले दिन से झगड़े और गलतफहमियाँ शुरू हो जाती हैं। यश उसे पैसे की दीवानी समझता है, पर धीरे-धीरे उसका दिल बदलता है। वह रिया को बदनामी से बचाता है और रिश्तेदारों को मुंहतोड़ जवाब देता है। एक गलतफहमी के चलते वे एक साल का शादी समझौता कर लेते हैं। बीच में शालू और आयुष आ जाते हैं। तमाम उलझनों के बाद यश को अपनी गलती का एहसास होता है और वह रिया को मनाने लगता है। धीरे-धीरे यह कागजी शादी सच्चे प्यार में बदल जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

ऑफिस का वो पल जब सब कुछ बदल गया

वो क्लिपबोर्ड पकड़े खड़ी थी और उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। जब उसने साइन किया, तो लगा जैसे किसी ड्रामे का क्लाइमेक्स आ गया हो। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी में ऐसे ही मोड़ आते हैं जहाँ चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचाती है। उसकी मुस्कान के पीछे छिपा दर्द साफ झलक रहा था।

बार में अकेलापन और दोस्त की चिंता

बार का माहौल इतना शांत था कि शराब के गिलास टकराने की आवाज़ भी दिल को छू जाती थी। उसकी नज़रें खालीपन में खोई हुई थीं, जैसे वो किसी याद को भगाने की कोशिश कर रहा हो। दोस्त की चिंता साफ दिख रही थी, पर वो चुपचाप पीता रहा। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी के ऐसे सीन्स दिल को भारी कर देते हैं।

साइन करते हाथ और कांपती सांसें

कलम कागज़ पर चल रही थी, पर लग रहा था जैसे वो किसी फैसले को अंजाम दे रही हो। उसके हाथ थोड़े कांप रहे थे, शायद डर से या शायद राहत से। वो पल इतना इंटेंस था कि सांस रोककर देखना पड़ा। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी में ऐसे सीन्स ही तो असली जादू करते हैं।

दोस्त की चुप्पी और शराब का सहारा

उसने शराब का गिलास भरा, पर पीने से पहले रुक गया। दोस्त ने कुछ कहा नहीं, बस देखता रहा। उस चुप्पी में इतनी बातें थीं कि शब्द बेकार लग रहे थे। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी के ऐसे पल दिखाते हैं कि कभी-कभी साथ बैठना ही सबसे बड़ा सहारा होता है।

ऑफिस की रोशनी और दिल की अंधेरी रात

ऑफिस की ब्राइट लाइट्स के बीच वो अकेली खड़ी थी, जैसे उसके आसपास की दुनिया धुंधली हो गई हो। उसकी आँखों में एक अजीब सी उदासी थी जो कैमरे तक पहुंच रही थी। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी के ऐसे सीन्स दिखाते हैं कि बाहर से सब ठीक लगता है, पर अंदर तूफान चल रहा होता है।

बार का कोना और टूटे हुए सपने

बार के उस कोने में बैठकर वो शराब पी रहा था, जैसे हर घूंट के साथ कोई याद धुल रही हो। दोस्त ने हाथ रखा, पर वो हटा नहीं। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी के ऐसे पल दिखाते हैं कि कभी-कभी दर्द को छुपाने के लिए शोर नहीं, चुप्पी चाहिए होती है।

कलम की नोक पर टिका फैसला

कलम कागज़ को छू रही थी, पर लग रहा था जैसे वो किसी किस्मत को लिख रही हो। उसकी उंगलियां थोड़ी सफेद पड़ गई थीं, जैसे वो किसी बड़े फैसले के किनारे खड़ी हो। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी के ऐसे सीन्स दिल को झकझोर देते हैं।

दोस्त की नज़रों में छिपी चिंता

उसने शराब का गिलास आगे बढ़ाया, पर दोस्त ने नहीं रोका। बस उसकी आँखों में एक सवाल था क्या तुम ठीक हो ब्लाइंड डेट से सीधे शादी के ऐसे पल दिखाते हैं कि कभी-कभी शब्दों की जरूरत नहीं होती, बस एक नज़र काफी होती है।

ऑफिस की चुप्पी और दिल की धड़कन

ऑफिस में सब शांत था, पर उसकी धड़कनें इतनी तेज थीं कि लग रहा था सब सुन रहे होंगे। उसने क्लिपबोर्ड कसकर पकड़ रखा था, जैसे वो उसे गिरने से बचा रही हो। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी के ऐसे सीन्स दिखाते हैं कि कभी-कभी बाहर से शांत दिखना ही सबसे बड़ा संघर्ष होता है।

शराब के गिलास में डूबी यादें

हर घूंट के साथ वो किसी याद को पी रहा था, शायद भूलने की कोशिश में। दोस्त ने कुछ नहीं कहा, बस साथ बैठा रहा। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी के ऐसे पल दिखाते हैं कि कभी-कभी अकेलेपन में भी साथ होना सबसे बड़ी ताकत होती है।