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बेवफाई का बदलावां49एपिसोड

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बेवफाई का बदला

अपनी शादी की पहली सालगिरह पर, चारु सिंह को उसके पति रमेश शर्मा ने धोखा दिया और बेइज्जत किया। वह बदला लेने की ठान लेती है और ताकतवर अक्षय शर्मा के साथ हाथ मिला लेती है। जो एक साझेदारी के तौर पर शुरू होता है, वह धीरे-धीरे प्यार में बदल जाता है, भले ही उसका दबंग अंदाज़ उसे डराता हो। बदला लेने और रमेश से तलाक लेने के बाद, चारु अक्षय की मदद से अपना करियर वापस पाती है और उसके साथ नई जिंदगी शुरू करती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

राजकुमारी का असली चेहरा

शुरुआत में चार्लोट इतनी मासूम लग रही थी, लेकिन जैसे ही वोटिंग का रिजल्ट सामने आया, उसका असली रूप सामने आ गया। विवियन के साथ उसकी दुश्मनी साफ दिख रही है। ऑफिस का माहौल और वो तनाव भरी नजरें बता रही हैं कि आगे बहुत बड़ा धमाका होने वाला है। बेवफाई का बदला देखकर रोंगटे खड़े हो गए।

अलेक्जेंडर का सस्पेंस

अलेक्जेंडर का मैसेज आते ही कहानी में एक नया मोड़ आ गया। वो सिर्फ बॉस नहीं, बल्कि कुछ और भी लग रहे हैं। जब वो ब्लाइंड्स के पीछे खड़े थे और फिर अचानक मुड़े, तो दिल की धड़कन रुक सी गई। उनकी और असिस्टेंट के बीच की केमिस्ट्री बहुत गहरी है। बेवफाई का बदला की ये लेयर बहुत दमदार है।

ऑफिस की राजनीति

चीफ डिजाइनर की कुर्सी के लिए ये वोटिंग सिर्फ एक बहाना लग रही है। विवियन का चार्लोट को देखने का तरीका और फिर असिस्टेंट को बुलाना, सब कुछ प्लान्ड लग रहा है। लक्जरी ऑफिस और महंगे कपड़े, लेकिन दिलों में कितनी गंदगी छिपी है। बेवफाई का बदला में ये पावर गेम देखना बहुत इंटरेस्टिंग है।

प्यार या धोखा

जब अलेक्जेंडर ने असिस्टेंट को गले लगाया, तो लगा शायद प्यार है, लेकिन उनकी आंखों में वो चमक कुछ और ही कहानी कह रही थी। क्या वो असिस्टेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं चार्लोट से बदला लेने के लिए? ये सवाल दिमाग में घूम रहा है। बेवफाई का बदला का हर सीन एक नया सवाल खड़ा कर देता है।

विवियन का रोल

विवियन सिर्फ एक मैनेजर नहीं, बल्कि पूरी कहानी की चाबी लग रही हैं। वो चार्लोट को नीचा दिखाना चाहती हैं और असिस्टेंट को अपने पक्ष में करना चाहती हैं। उनका हर डायलॉग और हर एक्शन बहुत कैलकुलेटेड है। बेवफाई का बदला में उनका किरदार सबसे ज्यादा कॉम्प्लेक्स लग रहा है।

असिस्टेंट की मासूमियत

बेचारी असिस्टेंट, जो सिर्फ अपना काम कर रही थी, अब इस बड़े खेल का हिस्सा बन गई है। उसकी आंखों में डर और कन्फ्यूजन साफ दिख रहा था जब उसने वोटिंग का रिजल्ट देखा। क्या वो अलेक्जेंडर के प्यार में है या सिर्फ डरी हुई है? बेवफाई का बदला में उसका किरदार बहुत संपर्कणीय है।

लग्जरी और धोखा

इतनी शानदार बिल्डिंग, महंगे कपड़े, हीरे-जवाहरात, लेकिन इंसानियत कहीं खो गई है। चार्लोट की पार्टी से लेकर ऑफिस की मीटिंग तक, हर जगह एक नकलीपन है। बेवफाई का बदला ये दिखाता है कि अमीरी के पीछे कितना अंधेरा छिपा हो सकता है।

ब्लाइंड्स वाला सीन

जब अलेक्जेंडर ब्लाइंड्स के पीछे खड़े थे और सूरज की रोशनी उनके चेहरे पर पड़ रही थी, वो सीन सिनेमेटिक था। और फिर असिस्टेंट के करीब आना, उसकी सांसें रुक सी गईं। ये मोमेंट बेवफाई का बदला का सबसे रोमांटिक और सस्पेंसफुल सीन था।

चार्लोट का गिरना

पार्टी में राजकुमारी बनने वाली चार्लोट, ऑफिस में हार गई। उसका चेहरा जब वोटिंग रिजल्ट देखा, तो टूट गया। उसे लगा सब कुछ उसके कब्जे में है, लेकिन विवियन ने उसे मात दे दी। बेवफाई का बदला में ये पावर शिफ्ट बहुत ड्रामेटिक है।

आगे क्या होगा

अब असिस्टेंट अलेक्जेंडर के ऑफिस में है, और दोनों के बीच कुछ होने वाला है। क्या ये प्यार है या बदले की आग? चार्लोट और विवियन की लड़ाई कहाँ जाएगी? बेवफाई का बदला का अगला एपिसोड देखने के लिए बेचैनी बढ़ गई है।