नाइट वॉच एजेंसी का तनावपूर्ण माहौल देखकर रोंगटे खड़े हो गए। अशोक राणा की घबराहट साफ झलक रही थी जब वे आदेश दे रहे थे। तकनीक और जादू का यह संगम बहुत अनोखा लगा। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मिलते हैं जो दिल की धड़कन बढ़ा दें। दृश्य चित्रण की गुणवत्ता भी काफी शानदार है और हर पल रोमांच से भरा है।
काव्या शर्मा का प्रवेश दृश्य सबसे बेहतरीन था। लाल आंखें और तलवार लेकर वे जब सामने आईं तो लग रहा था कि अब दुश्मनों की खैर नहीं। एस-ग्रेड वॉचर की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! की कहानी में संघर्ष का तड़का बहुत जबरदस्त है। हर फ्रेम में जान है और दर्शक बांधे रहते हैं।
अस्पताल का वो वीरान गलियारा देखकर ही डर लग रहा था। दीवारों पर खून के निशान और टूटी हुई चीजें माहौल को और भी खौफनाक बना रही थीं। नर्स चुड़ैल का किरदार बहुत ही रहस्यमयी और डरावना लगा। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में डर का माहौल बहुत बढ़िया है। ऐसे दृश्य रात में देखने पर और भी असरदार लगते हैं।
बाथटब वाला दृश्य बहुत अलग था जहां एक लड़का आराम कर रहा था। लेकिन तभी वहां राक्षसों का आना कहानी में एक नया मोड़ ले आया। यह शांति और तूफान का अंतर बहुत गहरा था। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में ऐसे अप्रत्याशित पल देखकर मजा आ गया। कलाकारों की प्रस्तुति भी लाजवाब है और कहानी आगे बढ़ती है।
आभासी तकनीक का इस्तेमाल करके संपर्क करना बहुत भविष्यवादी लगा। काव्या शर्मा का होलोग्राम देखकर लगा कि वे कहीं भी मौजूद हो सकती हैं। यह तकनीकी पहलू कहानी को आगे बढ़ाता है। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में विज्ञान और अलौकिक शक्तियों का मेल बहुत खूबसूरत है। देखने में बहुत अच्छा लगता है और नयापन है।
राक्षसों की रूपरेखा बहुत ही भयानक और विस्तृत थी। फल की ट्रे लेकर खड़ा वो विशालकाय प्राणी बहुत अजीब लग रहा था। ऐसे दुश्मनों से लड़ना आसान नहीं होगा। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में खलनायक की पेशकश बहुत मजबूत है। हर कड़ी में नया चुनौतीपूर्ण दुश्मन मिलता है जो रोमांच बढ़ाता है और देखने में मजा आता है।
सामूहिक प्रयास का जो नजारा दिखाया गया वह बहुत प्रेरणादायक था। तीनों पात्र जब एक साथ आए तो उनकी ताकत कई गुना बढ़ गई। नीली रोशनी में उनका स्थानांतरण होना जादुई लगा। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में दोस्ती और जिम्मेदारी का पैगाम भी छिपा है। यह सिर्फ संघर्ष नहीं बल्कि जज्बात भी है जो दिल को छूता है।
अशोक राणा के चेहरे पर पसीने की बूंदें देखकर उनकी चिंता का अंदाजा हुआ। वे एजेंसी के प्रमुख हैं और जिम्मेदारी उन पर बहुत ज्यादा है। नेतृत्व की झलक मिली। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में हर किरदार की अपनी एक अहमियत है। बड़े अधिकारी भी इंसान ही होते हैं यह दिखाया गया है बहुत खूबसूरती से।
नर्स चुड़ैल की मुस्कान में छिपा खतरा बहुत गहरा था। उसके सिले हुए होंठ और लाल आंखें किसी को भी डरा सकती हैं। एस-ग्रेड भूत वस्तु होने का मतलब ही कुछ और है। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में खलनायक इतने खतरनाक क्यों हैं यह समझ आ गया। हर दृश्य में सस्पेंस बना रहता है और दर्शक जुड़े रहते हैं।
शुरुआत से लेकर अंत तक की रफ्तार बहुत तेज थी। कीबोर्ड टाइपिंग से लेकर तलवारबाजी तक सब कुछ बहुत सुचारु लगा। निर्माण टीम ने मेहनत की है। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! को देखने का अनुभव बहुत रोमांचक रहा। मैं अगली कड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं और सभी को देखने की सलाह दूंगा।