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मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति हैवां31एपिसोड

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मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है

लिली को पता चलता है कि उसका बॉस रेक्स शहर का सबसे बड़ा डिवोर्स वकील है। वह उससे प्यार करती है, लेकिन तीन साल से उसकी शादी किसी और से हो चुकी है – एक ऐसे आदमी से जिससे वह कभी मिली नहीं। रेक्स भी उससे प्यार करता है, पर वह भी शादीशुदा है। दोनों तय करते हैं – पहले अपनी-अपनी शादी तोड़ेंगे, फिर साथ रहेंगे। पर उन्हें नहीं पता – वे दोनों एक-दूसरे से ही शादीशुदा हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

वो नज़रें जो सब कुछ कह गईं

उस पल जब उसने उसकी तरफ देखा, तो लगा जैसे समय थम गया हो। उसकी आँखों में इतनी बातें थीं जो शब्दों में बयां नहीं हो सकतीं। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है की कहानी में ऐसे ही पल आते हैं जो दर्शक को बांध लेते हैं। वो लड़की जो पहले शांत थी, अब घबराई हुई लग रही थी। उसके हाथ कांप रहे थे और वो कुछ समझने की कोशिश कर रही थी। ऑफिस की दीवारें भी जैसे उनकी बातें सुन रही थीं।

कॉफी का कप और टूटी हुई खामोशी

उसकी मेज़ पर रखा कॉफी का कप अब भी गर्म था, पर उसकी दुनिया ठंडी पड़ गई थी। जब उसने उसकी आवाज़ सुनी, तो उसका दिल ज़ोर से धड़कने लगा। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में ऐसे ही छोटे-छोटे पल बड़े असर छोड़ते हैं। वो लड़की जो काम में मग्न थी, अब हैरान और परेशान लग रही थी। उसकी सांसें तेज़ हो गई थीं और वो कुछ बोलना चाहती थी पर शब्द गले में अटक रहे थे।

जब ऑफिस की दीवारें भी सुनने लगीं

उस दिन ऑफिस में कुछ अजीब सा माहौल था। जब वो लड़की अपनी फाइल्स देख रही थी, तो अचानक उसकी नज़र उस पर पड़ी और सब कुछ बदल गया। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है की कहानी में ऐसे ही मोड़ आते हैं जो दर्शक को हैरान कर देते हैं। उसकी आँखों में डर और हैरानी साफ़ झलक रही थी। वो कुछ बोलना चाहती थी पर बोल न पा रही थी। ऑफिस की शांति अचानक टूट गई और हर चीज़ अजीब लगने लगी।

वो पल जब सब कुछ उलट गया

जब उसने उसकी तरफ देखा, तो लगा जैसे ज़मीन खिसक गई हो। उसकी आँखों में इतनी बातें थीं जो शब्दों में बयां नहीं हो सकतीं। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में ऐसे ही पल आते हैं जो दर्शक को बांध लेते हैं। वो लड़की जो पहले शांत थी, अब घबराई हुई लग रही थी। उसके हाथ कांप रहे थे और वो कुछ समझने की कोशिश कर रही थी। ऑफिस की दीवारें भी जैसे उनकी बातें सुन रही थीं।

ऑफिस का वो कोना जहाँ राज़ छुपा था

उस दिन ऑफिस में कुछ अजीब सा माहौल था। जब वो लड़की अपनी फाइल्स देख रही थी, तो अचानक उसकी नज़र उस पर पड़ी और सब कुछ बदल गया। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है की कहानी में ऐसे ही मोड़ आते हैं जो दर्शक को हैरान कर देते हैं। उसकी आँखों में डर और हैरानी साफ़ झलक रही थी। वो कुछ बोलना चाहती थी पर बोल न पा रही थी। ऑफिस की शांति अचानक टूट गई और हर चीज़ अजीब लगने लगी।

जब नज़रें मिलीं तो दिल धड़कने लगा

उस पल जब उसने उसकी तरफ देखा, तो लगा जैसे समय थम गया हो। उसकी आँखों में इतनी बातें थीं जो शब्दों में बयां नहीं हो सकतीं। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है की कहानी में ऐसे ही पल आते हैं जो दर्शक को बांध लेते हैं। वो लड़की जो पहले शांत थी, अब घबराई हुई लग रही थी। उसके हाथ कांप रहे थे और वो कुछ समझने की कोशिश कर रही थी। ऑफिस की दीवारें भी जैसे उनकी बातें सुन रही थीं।

वो सवाल जो बिना बोले पूछा गया

जब उसने उसकी तरफ देखा, तो लगा जैसे ज़मीन खिसक गई हो। उसकी आँखों में इतनी बातें थीं जो शब्दों में बयां नहीं हो सकतीं। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में ऐसे ही पल आते हैं जो दर्शक को बांध लेते हैं। वो लड़की जो पहले शांत थी, अब घबराई हुई लग रही थी। उसके हाथ कांप रहे थे और वो कुछ समझने की कोशिश कर रही थी। ऑफिस की दीवारें भी जैसे उनकी बातें सुन रही थीं।

ऑफिस की वो शाम जब सब कुछ बदला

उस दिन ऑफिस में कुछ अजीब सा माहौल था। जब वो लड़की अपनी फाइल्स देख रही थी, तो अचानक उसकी नज़र उस पर पड़ी और सब कुछ बदल गया। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है की कहानी में ऐसे ही मोड़ आते हैं जो दर्शक को हैरान कर देते हैं। उसकी आँखों में डर और हैरानी साफ़ झलक रही थी। वो कुछ बोलना चाहती थी पर बोल न पा रही थी। ऑफिस की शांति अचानक टूट गई और हर चीज़ अजीब लगने लगी।

जब खामोशी ने भी आवाज़ दी

उस पल जब उसने उसकी तरफ देखा, तो लगा जैसे समय थम गया हो। उसकी आँखों में इतनी बातें थीं जो शब्दों में बयां नहीं हो सकतीं। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है की कहानी में ऐसे ही पल आते हैं जो दर्शक को बांध लेते हैं। वो लड़की जो पहले शांत थी, अब घबराई हुई लग रही थी। उसके हाथ कांप रहे थे और वो कुछ समझने की कोशिश कर रही थी। ऑफिस की दीवारें भी जैसे उनकी बातें सुन रही थीं।

ऑफिस का वो पल जब सब कुछ बदल गया

जब वो लड़की अपनी फाइल्स में खोई थी और अचानक उसकी नज़र उस पर पड़ी, तो उसके चेहरे का भाव देखकर लगता है जैसे कोई बड़ा राज़ खुलने वाला हो। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में ऐसे ही मोड़ आते हैं जो दिल की धड़कन बढ़ा देते हैं। उसकी आँखों में डर और हैरानी साफ़ झलक रही थी, जैसे वो कुछ बोलना चाहती हो पर बोल न पा रही हो। ऑफिस की शांति अचानक टूट गई और हर चीज़ अजीब लगने लगी।