सूर्य वर्मा अपनी बहन रिया को बचाने के लिए कितना पागलपन दिखा रहा है, यह देखकर रोंगटे खड़े हो गए। गोदाम में जब वो दुश्मनों से घिर गया था, तब भी उसने हिम्मत नहीं हारी। लाल पंखों वाली लड़की और नीली परी ने भी कमाल का साथ दिया। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी में ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं जो दिल को छू लेते हैं। साहस और जज़्बात का बेहतरीन मिश्रण है यह।
खलनायकों की एंट्री ही कुछ ऐसी थी कि लगा अब तो मुसीबत बढ़ने वाली है। सफेद सूट वाला आदमी और किमोनो पहना गंजा आदमी दोनों खतरनाक लग रहे थे। लेकिन जादू की ताकत के आगे सब फीके पड़ गए। कंकाल का जादू देखकर हैरानी हुई। इस मंच पर यह सीरीज देखना एक अलग ही अनुभव है। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी की कहानी में रोमांच कूट-कूट कर भरा है।
दृश्य प्रभाव सच में लाजवाब हैं। जब नीली आग में कंकाल उठा और फिर लाल चंद्रमा वाला दृश्य आया, तो आंखें फटी की फटी रह गईं। जादूई दुनिया का नज़ारा किसी सपने जैसा लग रहा था। सूर्य वर्मा का पेंडेंट चमका तो लगा अब असली ताकत जाग गई है। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी जैसे शो में रचनात्मकता की कमी नहीं है। हर फ्रेम कला जैसा लगता है।
रिया वर्मा की आंखों में आंसू देखकर बुरा लगा। बहन को बंधा देख भाई का गुस्सा साफ़ झलक रहा था। परिवार के लिए लड़ने का जज़्बा ही इस कहानी की जान है। दुश्मनों ने सोचा नहीं होगा कि मामला इतना बिगड़ जाएगा। पाताल लोक में शिफ्ट होना सबसे बड़ा ट्विस्ट था। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी में रिश्तों की अहमियत को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है।
लाल बालों वाली राक्षसी लड़की का किरदार बहुत प्रभावशाली है। उसके पंख और ताकत ने दुश्मनों के होश उड़ा दिए। जब उसने बड़े कंकाल वाले विशाल जीव को बुलाया, तो माहौल बदल गया। सूर्य वर्मा के साथ उसकी दोस्ती भी देखने लायक है। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी में हर किरदार की अपनी खासियत है। लड़ाई के दृश्यों में जान है।
नरक जैसी दुनिया का नज़ारा डरावना भी था और सुंदर भी। लाल चांद और किले देखकर लगा कि अब कहानी नए मोड़ पर है। खलनायक भी घबरा गए जब सब कुछ बदल गया। यह जादूई पलटवार किसी को उम्मीद नहीं था। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी की कहानी बहुत मज़बूत है। हर कड़ी में कुछ नया देखने को मिलता है।
सफेद सूट वाले शख्स की घमंडी हंसी शुरू में बहुत चिढ़ा रही थी। लेकिन जब आग का सामना हुआ तो उसका चेहरा बदल गया। अहंकार का अंत हमेशा बुरा होता है, यह सबक इस शो में मिलता है। सूर्य वर्मा की शांति और ताकत का संगम बेमिसाल है। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी देखते वक्त समय का पता नहीं चलता।
नीली परी लड़की बहुत प्यारी लग रही थी लेकिन उसकी ताकत कम नहीं है। उसने हवा में उड़कर जो जादू किया, वो सबके काम आया। तीन दोस्तों की एकता ही जीत की वजह बनी। रिया को बचाने की यह जंग आसान नहीं थी। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी में दोस्ती और वफादारी को बहुत अहमियत दी गई है।
शुरू में लगा बस एक साधारण बचाव मिशन है, लेकिन फिर जादू का खेल शुरू हुआ। कंकाल से लेकर आग तक, सब कुछ अचानक था। रहस्य बना रहता है कि आगे क्या होगा। सूर्य वर्मा का असली रूप क्या है, यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी के प्रशंसक होने का मतलब है हर दृश्य का इंतज़ार करना।
चित्रण की गुणवत्ता और कहानी की गहराई ने मुझे बांध लिया। गोदाम से लेकर पाताल लोक तक का सफर रोमांचक था। खलनायकों की भीड़ देखकर लगा कि अब क्या होगा, लेकिन नायक ने सब संभाल लिया। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी जैसे किरदारों को सलाम है। यह शो देखकर मन हल्का हो जाता है और जोश आता है।