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लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहींवां47एपिसोड

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लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं

अरबपति रुद्र सिंह ने तेरह साल घरेलू पति बनकर बिताए। उसकी पत्नी तारा का विक्रम मेहता से अफेयर निकला और गर्भपात का दोष रुद्र पर डाला गया। तलाक माँगने पर तारा ने उसका अपमान किया। रुद्र ने घर छोड़ा और असली पहचान में बड़े कारोबारी के रूप में लौटा, फिर तारा की कंपनी की सारी फंडिंग बंद कर दी। तारा को टेक समिट में अक्षर कैपिटल से मदद की उम्मीद थी, लेकिन वहाँ उतरने वाला वही रुद्र था। सबके सामने उसने तारा और विक्रम को बर्बाद कर दिया। तारा को पछतावा हुआ, लेकिन देर हो चुकी थी।
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इस एपिसोड की समीक्षा

नकली घाव और असली लालच

इस ड्रामे में दिखाया गया है कैसे लालच इंसान को अंधा कर देता है। बेटी के चेहरे पर लगा नकली खून देखकर दिल दहल गया, पर सच तो यह है कि यह सब एक साजिश थी। सीईओ लिन युआन की शांत मुद्रा देखकर लगता है कि वे सब जानते हैं। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में ऐसा मोड़ देखकर हैरानी हुई। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सस्पेंस से भरे सीन देखना बहुत रोमांचक है। हर पल नया खुलासा होता है।

लाइव स्ट्रीम का खेल

सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके झूठी कहानी फैलाना कितना खतरनाक हो सकता है, यह इस कहानी में साफ दिखा। भीड़ बिना सच जाने फैसला सुना रही है। माँ और बेटी का रोना नाटक लग रहा था। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं की कहानी में यह दिखाया गया है कि कैसे भीड़ की अदालत गलत हो सकती है। ऑफिस वाला सीन बहुत दमदार था। वहाँ का माहौल बिल्कुल अलग था।

सीईओ की खामोशी

जब सब कुछ झूठ हो रहा हो और सामने वाला चुप हो, तो यही सबसे बड़ा सबूत है। ऑफिस में बैठे उस शख्स की आँखों में गुस्सा नहीं, बल्कि एक ठंडा इंतजार था। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में किरदारों की गहराई देखने लायक है। चश्मे वाले शख्स की चालाकी भी कम नहीं थी। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। हर एपिसोड में नया ट्विस्ट है।

बेटी की मजबूरी या चाल

शुरू में बेटी को बेचारा लगा, पर छत वाले सीन में सब बदल गया। उसने खुद को चोट पहुँचाई ताकि पिता को फंसाया जा सके। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में रिश्तों की यह कड़वी सच्चाई दिखाई गई है। माँ का साथ देना भी हैरान करने वाला था। नेटशॉर्ट ऐप पर मिलने वाली यह कहानी समाज की एक कड़वी तस्वीर पेश करती है। रिश्ते टूटते दिखाई दिए।

चश्मे वाले की चालाकी

वह शख्स जो कैमरा पकड़े था, असल में इस खेल का सूत्रधार लग रहा था। उसने जानबूझकर एंगल ऐसा चुना कि सच छिप जाए। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में विलेन की एंट्री धमाकेदार है। कमेंट्स में लोग जो लिख रहे थे, वह सब उसी के इशारे पर हो रहा था। ऐसे थ्रिलर देखकर मजा आ जाता है। सस्पेंस बना हुआ है।

ऑफिस और छत का फर्क

एक तरफ छत पर शोर और नाटक, दूसरी तरफ ऑफिस में सन्नाटा और सच्चाई। यह कंट्रास्ट बहुत अच्छे से दिखाया गया है। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं की कहानी में यह द्वंद्व मुख्य है। सीईओ का टैबलेट देखना यह संकेत देता है कि अब पलटवार होगा। दर्शक के रूप में यह पल सबसे बेहतरीन लगा। सिनेमेटोग्राफी भी अच्छी है।

कमेंट्स की ताकत

वीडियो में दिखाए गए कमेंट्स ने दिखाया कि लोग कैसे बिना सबूत के किसी को कोसने लगते हैं। हजारों की संख्या में लाइक्स ने झूठ को सच बना दिया। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में सोशल मीडिया की इस ताकत को बखूबी दिखाया गया है। यह कहानी हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम क्या देख रहे हैं। सच क्या है।

माँ के आँसू असली नहीं

माँ के चेहरे पर दर्द नहीं, बल्कि एक अजीब सी चमक थी जब लाइव व्यूज बढ़ रहे थे। यह साबित करता है कि यह सब पैसों के लिए था। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में महिला किरदार का यह रूप चौंकाने वाला है। बेटी को भी इसमें शामिल करना सबसे बड़ा दुख था। कहानी बहुत गहरी है। भावनाओं की कद्र नहीं रही।

असली सच का इंतजार

अभी तक जो दिखाया गया है वह सिर्फ एक पर्दा है। असली सच तो तब सामने आएगा जब सीईओ बोलेगा। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में ट्विस्ट की उम्मीद बहुत बढ़ गई है। छत वाला सीन और ऑफिस वाला सीन मिलकर एक तूफान खड़ा कर रहे हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज जरूर देखनी चाहिए। मिस नहीं करनी चाहिए।

भावनाओं के साथ खेल

लोगों की हमदर्दी का फायदा उठाना कितना आसान है, यह वीडियो में साफ है। चोट दिखाकर सहानुभूति जीतना एक पुरानी चाल है। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में इस मनोविज्ञान को अच्छे से समझाया गया है। लिन युआन की चुप्पी अब शोर मचाएगी। कहानी की रफ्तार बहुत तेज और पकड़ मजबूत है। अंत क्या होगा।