पीले वस्त्र वाले पुजारी की अभिनय शक्ति बहुत प्रभावशाली है उनके चेहरे पर दर्द और आश्चर्य साफ दिखता है। जब रस्सियां उन्हें जकड़ती हैं तो लगता है जैसे कोई अदृश्य शक्ति हो। सिद्धगिरि जीवन मृत्यु ऋण में ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। काले वस्त्र वाली का प्रभाव बहुत गहरा है और उसकी चुप्पी ही सबसे बड़ी ताकत लगती है इस कहानी में। यह दृश्य बहुत ही यादगार है।
लाल छाता वाली का किरदार बहुत रहस्यमयी लगता है उसकी आंखों में एक अलग ही चमक है। जब सैनिक घुटनों के बल बैठते हैं तो लगता है कि असली ताकतवर कौन है यह स्पष्ट हो गया है। सिद्धगिरि जीवन मृत्यु ऋण की कहानी में यह मोड़ बहुत ही रोमांचक है और दर्शकों को बांधे रखता है। चमड़े का कोट पहने हुए की हताशा भी देखने लायक है। उसकी आवाज में भी कंपन है।
चमड़े का कोट पहने हुए का गुस्सा और फिर अचानक बेबस हो जाना बहुत नाटकीय है। रस्सियों का हिलना जैसे जादू लगता है और यह दृश्य बहुत ही अच्छे से फिल्माया गया है। सिद्धगिरि जीवन मृत्यु ऋण में ऐसे साहसिक दृश्य और जादू का मिश्रण बहुत पसंद आ रहा है। नीले वस्त्र वाले की शांति भी इस तनाव में एक अलग विपरीत भाव बनाती है। यह संतुलन बहुत अच्छा है।
सैनिकों का एक साथ घुटनों के बल बैठना इस बात का संकेत है कि अब खेल बदल गया है। पीले वस्त्र वाले पुजारी की हालत देखकर तरस आता है वे कुछ बोलना चाहते हैं पर नहीं पा रहे। सिद्धगिरि जीवन मृत्यु ऋण के इस भाग में तनाव चरम पर है। काले वस्त्र वाली के नाखून भी उसके खतरनाक होने का संकेत देते हैं। माहौल बहुत गंभीर है।
नीले वस्त्र वाले की शांत मुद्रा इस शोर शराबे में सबसे अलग लगती है। वह सब कुछ देख रहा है पर चुप है शायद उसे सब पता है। सिद्धगिरि जीवन मृत्यु ऋण में यह किरदार बहुत महत्वपूर्ण लग रहा है। लाल छाता वाली के साथ उसकी कहीं न कहीं कड़ी जुड़ी हुई लगती है इस कहानी में। उसकी आंखें सब बता रही हैं।
जब रस्सियां अपने आप चलती हैं तो लगता है कि यह कोई साधारण लड़ाई नहीं है। चमड़े का कोट पहने हुए का जमीन पर गिरना बहुत दर्दनाक लगता है। सिद्धगिरि जीवन मृत्यु ऋण में ऐसे दृश्य दर्शकों को हैरान कर देते हैं। सैनिकों की बंदूकें जमीन पर पड़ी हैं जो उनकी हार को दर्शाती हैं इस समय। धूल उड़ती हुई दिख रही है।
काले वस्त्र वाली की खूबसूरती के पीछे एक खतरनाक राज छिपा हुआ लगता है। उसकी मुस्कान में भी एक ठंडक है जो डराती है। सिद्धगिरि जीवन मृत्यु ऋण का यह किरदार बहुत यादगार बन गया है। पीले वस्त्र वाले पुजारी की आंखों में अब डर साफ दिखाई दे रहा है इस मोड़ पर। उनकी सांसें तेज होती दिख रही हैं जो स्थिति की गंभीरता को बढ़ाती हैं। पसीना भी साफ दिख रहा है।
इस दृश्य की सेटिंग बहुत ही शानदार है पुरानी इमारत और लाल कार्पेट का विपरीत रंग अच्छा है। सभी किरदारों के कपड़े उस समय के हिसाब से बहुत सटीक लगते हैं। सिद्धगिरि जीवन मृत्यु ऋण की निर्माण गुणवत्ता बहुत अच्छी है। सैनिकों की वर्दी और अधिकारी की पोशाक भी बहुत विस्तार से डिजाइन की गई है। रंगों का चुनाव सही है।
जब अधिकारी को भी रस्सियों में जकड़ लिया जाता है तो लगता है कि कोई नहीं बचेगा। उनकी वर्दी अब उनकी ताकत नहीं बच पा रही है। सिद्धगिरि जीवन मृत्यु ऋण में यह दिखाया गया है कि असली ताकत क्या होती है। चमड़े का कोट पहने हुए की चीखें भी इस माहौल को और गहरा करती हैं। आवाजें गूंज रही हैं चारों तरफ।
अंत में जब सब कुछ शांत हो जाता है तो लगता है कि यह तो बस शुरुआत है। लाल छाता वाली की जीत साफ दिख रही है इस पल में। सिद्धगिरि जीवन मृत्यु ऋण की कहानी आगे क्या मोड़ लेगी यह देखना बहुत रोमांचक होगा। सभी किरदारों के बीच की रसायन बहुत ही जबरदस्त है इस कहानी में। अंत बहुत ही शानदार है।