जब सूर्य देव ने अपनी प्रेमिका को खो दिया, तो उनका क्रोध देखने लायक था। हमेशा गलत से प्यार किया की कहानी में यह दृश्य सबसे ज्यादा दिल को छू गया। सुनहरे रथ और चमकते घोड़े दृश्य को और भी भव्य बना रहे हैं।
काले वस्त्रों में लिपटी वह रानी जब अपने ड्रेगन रथ पर सवार होकर आई, तो माहौल में एक अजीब सी ठंडक छा गई। हमेशा गलत से प्यार किया में खलनायक का प्रवेश इतना नाटकीय पहले कभी नहीं देखा।
सफेद पोशाक में वह जब रथ से उतरी और अपने प्रेमी को ढूंढने लगी, तो उसकी आंखों में डर साफ दिख रहा था। हमेशा गलत से प्यार किया के इस मोड़ पर लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है।
जब वह सुनहरे कवच में लिपटा योद्धा हवा में उड़ने लगा, तो लगता था जैसे सूरज ही धरती पर उतर आया हो। हमेशा गलत से प्यार किया में ऐसे दृश्य प्रभाव देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
दो रथों के बीच की यह दौड़ सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि अच्छाई और बुराई का संघर्ष लग रही थी। हमेशा गलत से प्यार किया में कार्रवाई के दृश्यों का यह क्रम सबसे ज्यादा रोमांचक था।
जब सुनहरे कवच में दरारें दिखीं, तो लगा जैसे किसी देवता का दिल टूट गया हो। हमेशा गलत से प्यार किया में यह छोटा सा विवरण बहुत गहरा असर छोड़ गया।
वह काले घुंघरू में लिपटा शख्स कौन है? उसकी आंखें क्यों नहीं दिख रहीं? हमेशा गलत से प्यार किया में यह रहस्यमय पात्र सबसे ज्यादा जिज्ञासा पैदा कर रहा है।
जब आसमान से आग का गोला गिरा और रथ के पास फटा, तो लगा जैसे प्रलय आ गई हो। हमेशा गलत से प्यार किया में ऐसे नाटकीय क्षण देखकर सांस रुक जाती है।
जब प्रेमी और प्रेमिका अलग-अलग रथों में सवार हुए, तो लगा जैसे किस्मत ने उनका साथ छोड़ दिया हो। हमेशा गलत से प्यार किया में यह भावनात्मक क्षण दिल को छू गया।
जब सुनहरे रथ के दरवाजे पर बिजली कड़की, तो लगा जैसे कहानी का अंत अब शुरू होने वाला है। हमेशा गलत से प्यार किया का चरमोत्कर्ष देखने के लिए अब इंतजार नहीं हो रहा।