अपने गृहनगर में दादा के अंतिम संस्कार के दौरान एपेक्स ग्रुप की अध्यक्ष बेला पर दो पुरुष आरोप लगाते हैं कि उसके द्वारा वित्तपोषित प्रतिष्ठित वृद्धाश्रम ने उनके पिता की मृत्यु का कारण बना। सच जानने के लिए बेला परिचारिका बनकर भेष बदलती है और एक चौंकाने वाला अंधकारमय रहस्य उजागर करती है।