इसाबेला की आंखों में जब वो दर्द देखा तो दिल दहल गया। मार्कस मिल्स जैसे पति पर भरोसा करना सबसे बड़ी गलती थी। रेड कार्पेट पर सब कुछ अच्छा लग रहा था लेकिन असलियत कुछ और थी। उस स्ट्रीम ने सब बदल दिया। जब उसने तकिए पर अपनी फोटो देखी तो टूट गई। अच्छी पत्नी से मत खिलवाड़ करो कहानी में यही मोड़ सबसे तेज था। अब वो चुप नहीं बैठेगी।
इसाबेला अब चुप नहीं बैठने वाली है। मार्कस ने सोचा था वो कमजोर है पर वो गलत था। स्कैरलेट टैबलेट लेकर जब वो टाइप करने लगी तो समझ गया कि अब बदला लेने का समय आ गया है। खून से सने हाथ और टूटा हुआ फूलदान सब संकेत हैं। इस शो अच्छी पत्नी से मत खिलवाड़ करो में अब असली खेल शुरू हुआ है। देखना चाहती हूं मार्कस क्या जवाब देगा।
लाल बालों वाली औरत की हंसी मुझे बिल्कुल पसंद नहीं आई। मार्कस के साथ मिलकर उसने इसाबेला का मजाक उड़ाया। ये सब देखकर गुस्सा आ रहा था। पर इसाबेला ने रोने के बजाय लड़ना चुना। रात के ग्यारह बज रहे थे जब सब खुला। अच्छी पत्नी से मत खिलवाड़ करो ड्रामा में ऐसा प्लॉट बहुत कम देखने को मिलता है। अब बदला कैसे लेगी ये देखना बाकी है।
जब उसने वो नीला फूलदान तोड़ा तो लगा जैसे उसका गुस्सा फूट पड़ा। कांच के टुकड़े और खून बहता हाथ दिखा रहा था कि वो कितनी आहत है। मार्कस की वजह से उसकी जिंदगी बिखर गई। पर अब वो टूटे हुए टुकड़ों को जोड़ने नहीं बल्कि तोड़ने आई है। अच्छी पत्नी से मत खिलवाड़ करो सीरीज का ये सीन बहुत इमोशनल था। काश मार्कस को पहले ही पता चल जाता।
इसाबेला सिर्फ एक पत्नी नहीं बल्कि बहुत कुछ है। जब उसने स्कैरलेट टैबलेट खोला तो स्क्रीन पर कोडिंग दिखी। लगता है वो मार्कस के राज़ खोदने वाली है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके वो सबूत जुटाएगी। ये शो अच्छी पत्नी से मत खिलवाड़ करो बताता है कि औरतें कितनी ताकतवर हो सकती हैं। मार्कस की हंसी अब जल्द ही रुकने वाली है।
वो लाइव स्ट्रीम देखकर हैरान रह गई। दो लाख तीस हजार लोग देख रहे थे जब मार्कस ने धोखा दिया। पब्लिक के सामने उसकी बेइज्जती हुई। फोन पर वो मैसेज आया और सब बदल गया। इसाबेला की चुप्पी अब शोर मचाएगी। अच्छी पत्नी से मत खिलवाड़ करो कहानी में ये ट्विस्ट बहुत बड़ा था। अब वो कैसे पलटवार करेगी ये देखना दिलचस्प होगा। सबको सबक मिलना चाहिए।
तकिए पर उसकी फोटो देखकर जो अपमान हुआ वो बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मार्कस और वो लड़की हंस रहे थे जब इसाबेला रो रही थी। ये क्रूरता थी। पर अब वो कमजोर नहीं है। उसने खुद को संभाला और प्लान बनाया। अच्छी पत्नी से मत खिलवाड़ करो में ऐसे सीन दिल को छू लेते हैं। बदला ठंडा खाया जाता है ये बात सच है। अब देखते हैं क्या होता है।
रात के ग्यारह बजकर छियालीस मिनट पर फोन बजा और सब खुल गया। समय बहुत अहम होता है कहानियों में। इसाबेला ने उस वक्त अकेलेपन में सच जाना। मार्कस को लगा वो सो रही होगी पर वो जाग रही थी। अच्छी पत्नी से मत खिलवाड़ करो ड्रामा का हर सीन सस्पेंस से भरा है। अब वो चुपचाप सबूत इकट्ठा कर रही है। मार्कस की नींद उड़ने वाली है जल्द ही।
शुरुआत में वो बस एक पत्नी लग रही थी लेकिन अंत में वो एक योद्धा बन गई। खून बहने के बाद भी उसने हार नहीं मानी। स्कैरलेट सिस्टम में घुसकर वो सब कुछ बदल देगी। मार्कस मिल्स को नहीं पता उसके सामने कौन खड़ा है। अच्छी पत्नी से मत खिलवाड़ करो सीरीज में ये ट्रांसफॉर्मेशन सबसे बेस्ट था। अब वो नियम बनाएगी।
ये कहानी सिर्फ धोखे के बारे में नहीं है बल्कि खुद को खोजने के बारे में है। इसाबेला ने दर्द को ताकत में बदल दिया। मार्कस की गलती बहुत बड़ी थी जिसकी कीमत उसे चुकानी होगी। ये शो देखना बहुत रोमांचक है। अच्छी पत्नी से मत खिलवाड़ करो नाम ही काफी है संकेत देने के लिए। अब अंत कैसे होगा ये सबको जानना है। जल्दी आना चाहिए नया एपिसोड।