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अंधकार का वारिसवां14एपिसोड

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अंधकार का वारिस

नायक एक अनाथालय में बड़ा हुआ। वह पूरे स्कूल में सबसे कमज़ोर था, जिसे हर कोई सताता था। तीन सौ रुपये में किसी ने उसके बालों का एक तार खरीद लिया – और उसकी किस्मत बदल गई। डीएनए जांच से पता चला कि वह पूरे प्रदेश के सबसे बड़े माफिया का असली बेटा था। रोते हुए माता-पिता और असीमित काले धन को देखकर उसकी सोच टूट गई। जब बच नहीं सकता, तो उसने तय किया – बुराई से बुराई का मुकाबला करेगा, उन्हीं के नियमों से पलटवार करेगा। जिन्होंने कभी उसे रौंदा था, वे अब अपने परिवार सहित उसके सामने घुटने टेकेंगे...
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इस एपिसोड की समीक्षा

काले कार्ड का जादू

कपड़ों की दुकान में वह दृश्य बहुत शानदार था जब उसने काला कार्ड निकाला। दुकानदार महिला की खुशी देखने लायक थी। अंधकार का वारिस में ऐसे सीन बार-बार देखने को मिलते हैं जो दिल को अच्छे लगते हैं। नायक का अंदाज ही कुछ और है जब वह बिना सोचे समझे खरीदारी करता है। यह शैली दर्शकों को बहुत पसंद आ रही है क्योंकि इसमें एक अलग ही नशा है। हर कोई ऐसा जीवन जीना चाहता है जहां पैसा मायने नहीं रखता।

सेल्समैन का बदलाव

घड़ी की दुकान पर सेल्समैन का रवैया बदलना बहुत दिलचस्प था। पहले वह घड़ी दिखाकर हैरान हुआ, फिर पैसे देखकर मुस्कुराया। अंधकार का वारिस की कहानी में यह दिखाता है कि समाज कैसे काम करता है। मुख्य पात्र की चुप्पी में जो ताकत है वह शब्दों से ज्यादा बोलती है। मुझे यह पल बहुत पसंद आया जब उसने बिना बात किए घड़ी पहन ली। सच्ची शक्ति यही है।

रात की सवारी

खरीदारी के बाद जब वह किराये की गाड़ी में बैठा तो चेहरे पर एक अलग ही शांति थी। इतने सारे बैग होने के बावजूद वह सामान्य लगा। अंधकार का वारिस में ऐसे छोटे-छोटे विवरण कहानी को गहराई देते हैं। रात के शहर की रोशनी और उसकी काली जैकेट का मेल बहुत सुंदर लगा। ऐसा लग रहा था कि वह किसी बड़े काम पर जा रहा है। मुझे यह चित्रण शैली बहुत भा रही है।

कीमत का असर

घड़ी की कीमत देखकर सेल्समैन का पसीना आना कॉमेडी जैसा लगा। पांच हजार से ज्यादा की घड़ी देखकर वह घबरा गया था। अंधकार का वारिस में ऐसे हास्य के पल गंभीर माहौल को हल्का कर देते हैं। नायक ने बिना कुछ कहे सब कुछ समझ लिया। यह बिना संवाद के कहानी कहने का तरीका बहुत प्रभावशाली है। दर्शक हर पल जुड़े रहते हैं क्योंकि उन्हें नहीं पता क्या होगा।

काला किरदार

काले रंग की जैकेट और काले बालों वाला यह किरदार बहुत रहस्यमयी लगता है। जब वह दुकान में घुसा तो सबकी नजरें उस पर थीं। अंधकार का वारिस में किरदारों की रूपरेखा बहुत आधुनिक और आकर्षक है। उसने जिस तरह से कार्ड का उपयोग किया उसमें एक अलग ही ठाठ था। मुझे लगता है कि यह किरदार आगे चलकर बहुत बड़ा खेल खेलने वाला है। सबको इसका इंतजार है।

समाज का सच

दुकानदार का डरना और फिर खुश होना बहुत असली लगा। अमीर ग्राहकों को देखकर लोगों का व्यवहार कैसे बदल जाता है यह दिखाना जरूरी था। अंधकार का वारिस ने इस सामाजिक सच को बहुत खूबसूरती से पेश किया है। नायक को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग क्या सोचते हैं। उसका आत्मविश्वास ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। यह सीख सबको लेनी चाहिए।

लग्जरी माहौल

खरीदारी केंद्र का माहौल बहुत लग्जरी बनाया गया है। हर दुकान की रोशनी और सजावट बहुत अमीराना लगती है। अंधकार का वारिस में पृष्ठभूमि की बारीकियों पर बहुत ध्यान दिया गया है। जब नायक वहां से गुजरता है तो लगता है वह उसका अपना राज्य है। ऐसे दृश्य देखकर ही मजा आता है। तकनीक का इस्तेमाल कहानी को बढ़ाने के लिए किया गया है न कि सिर्फ दिखाने के लिए।

खामोश अभिनय

घड़ी पहनते वक्त उसकी उंगलियों का कांपना नहीं बल्कि स्थिर होना दिखाया गया है। यह छोटी सी अभिनय बहुत मायने रखती है। अंधकार का वारिस में हर कार्य के पीछे एक वजह होती है। सेल्समैन की घबराहट और नायक का ठहराव एकदम विरोधाभास था। यह अंतर देखने में बहुत अच्छा लगा। मुझे उम्मीद है कि आगे की कड़ी में और भी ऐसे पल आएंगे।

रात का सफर

रात के समय शहर की सड़कों पर चलना और गाड़ी लेना एक अलग ही माहौल देता है। इतनी खरीदारी के बाद भी वह थका हुआ नहीं लगा। अंधकार का वारिस में ऊर्जा का स्तर हमेशा बना रहता है। शायद उसे कहीं जल्दी पहुंचना था या कोई जरूरी काम था। यह रहस्य बना रहना चाहिए। दर्शकों को अनुमान लगाने में मजा आता है कि आगे क्या होगा।

शक्ति और प्रतिष्ठा

कुल मिलाकर यह कड़ी शक्ति और प्रतिष्ठा के बारे में थी। कैसे पैसा सब कुछ खरीद सकता है लेकिन सम्मान नहीं। अंधकार का वारिस ने यह संदेश बहुत अच्छे से दिया है। नायक ने बिना घमंड के सब कुछ खरीदा। यह उसकी असली बड़ी बात है। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है और मैं आगे का इंतजार नहीं कर सकता। सबको देखना चाहिए।