शुरुआत में शावर के नीचे खड़ा होकर रोना दिल को बहुत छू लेता है। पानी और आंसू एक जैसे लग रहे थे जैसे वह सब धोना चाहता हो। फिर फोन की घंटी ने सब बदल दिया। नींद से जागते ही चेहरे पर तनाव साफ दिख रहा था। अंधकार का वारिस ने इस दर्द को बहुत खूबसूरती से दिखाया है। रात के शहर की रोशनी पीछे थी और वह अकेला खड़ा था। यह दृश्य बहुत गहरा असर छोड़ता है। हमें जानना है कि आखिर हुआ क्या है। कोट पहनकर निकलना किसी मिशन की तरह लग रहा था।
फोन की स्क्रीन जलती है और नींद टूट जाती है। वह सो रहा था लेकिन कॉल ने सब बदल दिया। चेहरे पर पसीना और डर साफ दिख रहा था। अंधकार का वारिस में रहस्य बना हुआ है। कौन फोन कर रहा था। क्यों वह इतना घबरा गया। बिस्तर से उठकर कोट पहनना दिखाता है कि अब समय आ गया है। रात के अंधेरे में वह चल पड़ा। यह कहानी हमें बांधे रखती है। हर पल कुछ नया होता है। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव अच्छा है।
आईने में खुद को देखते हुए वह मुस्कुराया फिर गंभीर हो गया। यह बदलाव बहुत तेज था। शायद वह कुछ छुपा रहा है। अंधकार का वारिस के पात्र बहुत गहरे हैं। शावर का दृश्य बहुत कलात्मक था। पानी की बूंदें चेहरे से गिर रही थीं। फिर बेडरूम में शांति थी। फोन की वजह से सब बदल गया। वह तैयार होकर निकल गया। हमें अगला एपिसोड देखना है। यह बहुत रोमांचक लग रहा है।
रात के शहर की खिड़की से दिखने वाला नज़ारा बहुत सुंदर था। वह अकेला था लेकिन अंदर से बहुत कुछ चल रहा था। फोन उठाते ही आंखें चौड़ी हो गईं। अंधकार का वारिस में भावनात्मक नाटक बहुत है। वह सो रहा था लेकिन दुनिया नहीं सो रही थी। कॉल ने उसे वापस खींच लिया। कोट पहनकर वह दरवाजे की तरफ बढ़ा। अंधेरा रास्ता उसका इंतज़ार कर रहा था। यह बहुत रोमांचक है।
पानी की आवाज़ और सन्नाटा बहुत भारी लग रहा था। वह नहा रहा था पर मन कहीं और था। आंसू छुपा नहीं पा रहे थे। अंधकार का वारिस ने इस उदासी को अच्छे से पकड़ा है। फिर सुबह की रोशनी आई और फोन बजा। नींद में भी चैन नहीं था। वह उठा और फोन देखा। चेहरे पर गुस्सा और डर था। वह तैयार होकर चल दिया। कहानी आगे बढ़ रही है।
बिस्तर पर लेटा हुआ वह शांत लग रहा था। फोन की वजह से सब हिल गया। उसने फोन उठाया और बात की। आवाज़ में कंपन था। अंधकार का वारिस में हर दृश्य मायने रखता है। शावर से लेकर बेडरूम तक का सफर बहुत भावनात्मक है। वह अकेला नहीं है पर अकेला महसूस कर रहा है। कोट पहनकर वह बाहर निकला। रात अभी बाकी है। हमें पता चलना है कि क्या हुआ।
चेहरे के भाव बहुत साफ दिखाए गए हैं। रोना फिर मुस्कुराना फिर डरना। यह सब कुछ मिनटों में हुआ। अंधकार का वारिस का अभिनय बहुत अच्छा है। एनिमेशन शैली बहुत वास्तविक लग रहा था। पानी की बूंदें बहुत साफ दिख रही थीं। फोन की रोशनी ने चेहरे को जलाया। वह उठा और कपड़े पहने। दरवाजा खुला और वह चला गया। यह सफर बहुत रोचक है।
शहर की रोशनी पीछे थी और वह आगे देख रहा था। फोन में कुछ ऐसा था जिसने उसे हिला दिया। नींद पूरी नहीं हुई पर काम बुला रहा था। अंधकार का वारिस में जिम्मेदारी का बोझ है। वह शावर में था फिर सो गया। अब वह चल रहा है। कोट की हवा में उड़ रही थी। यह दृश्य बहुत सिनेमाई था। हमें और देखना है।
तौलिया रखते हाथ कांप रहे थे। शायद वह ठंडा था या डरा हुआ था। अंधकार का वारिस में विवरण बहुत अच्छे हैं। फोन बजा तो वह चौंक गया। नींद में भी उसे चैन नहीं मिला। उसने फोन उठाया और बात सुनी। चेहरे पर पसीना आ गया। वह उठा और तैयार हुआ। दरवाजे से बाहर अंधेरा था। वह उसमें कूद गया। यह बहुत नाटकीय है।
कहानी की शुरुआत बहुत धीमी है पर अंत तेज है। शावर से लेकर निकलने तक का सफर। अंधकार का वारिस ने लय बहुत अच्छी रखी है। वह रो रहा था फिर मुस्कुराया। फिर डर गया। यह सब क्यों हुआ। फोन की वजह से सब बदला। वह अकेला कमरे में था। अब वह बाहर दुनिया में है। हमें अगला हिस्सा चाहिए। यह बहुत मजेदार है।