गुलाबी पोशाक वाली महिला का प्रवेश देखकर ही लग गया कि कुछ बड़ा होने वाला है। जब सोने के सिक्के मेज पर गिराए गए तो सबकी आंखें चमक उठीं। लाल पोशाक वाली महिला की शांति इस कोलाहल में अजीब लग रही थी। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान वाले दृश्य में हर किसी के चेहरे के भाव देखने लायक थे। बाहर सैनिकों का आना कहानी में नया मोड़ लाता है। सबकी घबराहट साफ दिख रही थी। यह क्षण बहुत महत्वपूर्ण है।
सफेद पोशाक वाले व्यक्ति और काली पोशाक वाले व्यक्ति की लालच साफ दिख रही थी। जैसे ही थैली खुली और सोना बाहर आया, सब भूल गए कि खतरा बाहर खड़ा है। गुलाबी पोशाक वाली महिला की घबराहट असली लगती है। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान नामक इस नाटक में धन और जान का खेल बहुत रोचक है। अंत में दरवाजे पर दस्तक ने रोंगटे खड़े कर दिए। सबकी सांसें थम सी गईं। मौत सामने खड़ी थी।
लाल पोशाक वाली महिला की सजी धजी सजावट और माथे की बिंदी बहुत सुंदर लग रही थी। लेकिन उसकी आंखों में चिंता साफ झलक रही थी। जब सोने के इंगट्स टेबल पर लुढ़के तो सबकी प्राथमिकताएं बदल गईं। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान की कहानी में हर पल नया मोड़ आता है। सैनिकों की वर्दी और तलवारें खतरे का संकेत देती हैं। माहौल में तनाव बढ़ गया है। सब डर रहे हैं।
इस दृश्य में तनाव और खुशी का अनोखा मिश्रण देखने को मिला। गुलाबी पोशाक वाली महिला कुछ बताने की कोशिश कर रही थी पर सोने ने सबका ध्यान खींच लिया। काली पोशाक वाले व्यक्ति की हंसी अब डर में बदल रही है। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान में दिखाया गया संघर्ष बहुत गहरा है। बाहर खड़ा नीली पोशाक वाला व्यक्ति रहस्य बना हुआ है। उसकी तलवार चमक रही थी। खतरा नज़दीक था।
सोने की चमक ने सबकी आंखों पर पर्दा डाल दिया था। सफेद पोशाक वाले व्यक्ति ने जैसे ही सिक्का उठाया, उसकी नियत साफ हो गई। गुलाबी पोशाक वाली महिला की आवाज में दर्द था पर किसी ने नहीं सुना। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान वाली कथा में भावनाओं की कद्र नहीं है। सैनिकों के कदमों की आहट से माहौल गंभीर हो गया। खतरा पास आता जा रहा है। बचने का रास्ता नहीं है।
कमरे के अंदर की सजावट और बाहर का खतरा एक दूसरे के विपरीत हैं। लाल पोशाक वाली महिला चुपचाप सब देख रही थी जैसे उसे सब पता हो। जब थैली से सोना गिरा तो सबकी हवस जाग उठी। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान की इस कड़ी में लालच का बुरा परिणाम दिख सकता है। दरवाजे के पास खड़ा योद्धा चुनौती बनकर आया है। उसकी आंखें तेज थीं। वह हमला करने वाला है।
गुलाबी पोशाक वाली महिला की भागदड़ देखकर लगा कि वह किसी से बचकर आई है। मेज पर रखे चाय के बर्तन और मिठाइयां अब बेमान लग रही थीं। काली पोशाक वाले व्यक्ति की हरकतें संदिग्ध लग रही थीं। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान में हर किरदार का अपना मकसद है। सैनिकों का आगमन कहानी की रफ्तार तेज कर देता है। अब बचना मुश्किल होगा। सब फंस चुके हैं।
सोने के सिक्कों को गिनते हुए हाथ कांप रहे थे पर लालच नहीं रुक रहा था। सफेद पोशाक वाले व्यक्ति की हैरानी देखने लायक थी। लाल पोशाक वाली महिला की खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान वाले दृश्य में डर और लालच का टकराव है। बाहर तलवारें तैन हैं और अंदर खजाना बंटा जा रहा है। समय कम बचा है। मौत दस्तक दे रही है।
इस नाटक का निर्माण बहुत ही प्राचीन और असली लगता है। गुलाबी पोशाक वाली महिला के गहने और कपड़े बहुत बारीकी से बनाए गए हैं। जब खतरा सर पर आया तो सोना बोझ बन गया। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान की कहानी में हर मोड़ पर रहस्य है। नीली पोशाक वाले योद्धा के आगमन का इंतजार सबको है। वह दरवाजा खोलने वाला है। सबकी नींद उड़ गई है।
अंत में जब दरवाजे पर हाथ रखा गया तो सांसें रुक सी गईं। काली पोशाक वाले व्यक्ति का चेहरा पीला पड़ गया था। गुलाबी पोशाक वाली महिला की आंखों में आंसू थे पर आवाज नहीं निकली। इच्छा पूरी हुई, पूरा परिवार हैरान में दिखाया गया अंत बहुत चौंकाने वाला है। अब आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। कहानी बहुत रोचक है। आगे का इंतजार है।