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उस चौराहे पर प्यार मर गयावां5एपिसोड

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उस चौराहे पर प्यार मर गया

जब मौत ने दस्तक दी, तो नायक ने दूसरी औरत को बचा लिया। यही नायिका के लिए आखिरी धोखा था। अब, दुनिया की सबसे ताकतवर छुपी हुई वारिस, गरीब प्रेमिका बनना छोड़ चुकी है। वह अपना सिंहासन वापस लेने और जिन्होंने उसके साथ गलत किया, उन पर आग बरसाने के लिए घर जा रही है। जब उन्हें पता चलेगा कि उन्होंने कितनी बड़ी दौलत मूर्खता से ठुकरा दी थी, तो देखना उनका रोना।
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इस एपिसोड की समीक्षा

शुरुआत की खामोशी

शुरुआत में ही उनकी जोड़ी काफी शानदार लग रही थी लेकिन आंखों में एक अजीब सी खामोशी थी। जब वह नीले सूट में चल रहा था और वह काली ड्रेस में थी, तो लगा जैसे कोई राज छिपा हो। उस चौराहे पर प्यार मर गया कहानी में यही तो दिखाया गया है कि बाहर से सब कुछ सही लग सकता है पर अंदर सब खत्म हो चुका होता है। मुझे यह ड्रामा बहुत पसंद आया।

तोहफे का बोझ

हार का तोहफा देना रोमांटिक लगता है पर लड़की के चेहरे पर कोई खुशी नहीं थी। शायद उसे पता था कि यह रिश्ता अब बचने वाला नहीं है। उस चौराहे पर प्यार मर गया सीरीज में ऐसे ही पल दिखाए गए हैं जहां उपहार भी बोझ लगने लगते हैं। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव काफी अच्छा रहा क्योंकि हर दृश्य में गहराई है।

तीसरे का आगमन

कार वाले दृश्य में तीसरे इंसान की एंट्री ने सब बदल दिया। ब्लॉन्ड महिला की मुस्कान के पीछे भी कुछ चाल थी ऐसा लगा। पुरुष को लगा कि सब ठीक है पर महिला की नजरें सब बता रही थीं। उस चौराहे पर प्यार मर गया में जलन का जो पहलू दिखाया गया है वह काफी असली लगता है। मुझे यह मोड़ बहुत पसंद आया।

छूने का डर

कार के पीछे वाले दृश्य में जब उसने उसका चेहरा छूया तो लगा शायद प्यार बच जाए। पर उसकी आंखों में डर साफ दिख रहा था। क्या वह उससे प्यार करती है या बस मजबूरी में है। उस चौराहे पर प्यार मर गया की कहानी में यही उलझन सबसे बड़ा हिस्सा है। दर्शक के रूप में मैं बस यही चाहती हूं कि सच सामने आए।

आखिरी चुंबन

दरवाजे पर खड़े होकर चुंबन करने वाला दृश्य काफी तनावपूर्ण था। लग रहा था कि शायद यह आखिरी मौका है अपने प्यार को बचाने का। पर उसके बाद का चलना बता रहा था कि सब खत्म हो चुका है। उस चौराहे पर प्यार मर गया में ऐसे ही मोड़ आते हैं जो दिल तोड़ देते हैं। मुझे अभिनय बहुत स्वाभाविक लगा।

नाश्ते का सन्नाटा

सुबह के नाश्ते वाले दृश्य में सन्नाटा चीख रहा था। दोनों रोब में थे पर बातचीत बिल्कुल नहीं थी। फोन कैलेंडर में माता-पिता से मिलने की बात लिखी थी पर चेहरे पर तनाव था। उस चौराहे पर प्यार मर गया में रिश्तों की इसी कशमकश को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। यह कार्यक्रम जरूर देखना चाहिए।

कपड़ों की भाषा

काली चमकदार पोशाक में वह काफी खूबसूरत लग रही थी पर उसकी चाल में थकान थी। पुरुष का नीला सूट भी उसकी परेशानी छिपा नहीं पा रहा था। उस चौराहे पर प्यार मर गया की दृश्य कथा काफी मजबूत है। कपड़ों से लेकर स्थान तक सब कुछ मूड के हिसाब से सेट किया गया है। मुझे यह बारीकियां पसंद आई।

खिड़की का नज़ारा

जब वह फोन देख रहा था और वह खिड़की से बाहर देख रही थी, तो लगा अब बातचीत खत्म हो चुकी है। शायद वह मिलने नहीं जाना चाहते थे। उस चौराहे पर प्यार मर गया में दिखाया गया है कि कैसे छोटी-छोटी बातें रिश्ते को तोड़ देती हैं। यह कहानी हर किसी के दिल को छू लेगी। मुझे यह दृश्य बहुत याद रहेगा।

लिफ्ट की दूरी

लिफ्ट वाले दृश्य में उनकी शारीरिक भाषा सब बता रही थी। वह उसके पीछे खड़ा था पर दूरियां मिट नहीं रही थीं। उस चौराहे पर प्यार मर गया में ऐसे ही पल दिखाए गए हैं जहां पास होकर भी लोग अकेले होते हैं। नेटशॉर्ट पर यह श्रृंखला देखना एक अलग ही अनुभव है। मुझे यह जोड़ी काफी पसंद आई।

अनसुलझा अंत

अंत में जब वह कमरे में अकेले चले गए तो लगा कहानी खत्म हो गई। शायद यह नई शुरुआत है या अंत। उस चौराहे पर प्यार मर गया का शीर्षक ही सब कुछ बता देता है। प्यार कहां और कैसे खत्म हो जाता है पता नहीं चलता। मुझे यह अनसुलझा अंत काफी प्रभावशाली लगा। सबको यह कार्यक्रम देखना चाहिए।