उस युवक का घमंड देखकर बहुत गुस्सा आ रहा है। पंखा लेकर ऐसे घूम रहा है जैसे पूरा राज्य उसी का हो। एक मुक्का से आकाश जलाना में ऐसा किरदार पहले कभी नहीं देखा था। बंदी बनाए लोगों की हालत बहुत खराब नजर आ रही है। लाल रोशनी में डर साफ झलक रहा है। बहुत तनावपूर्ण दृश्य है जो दिल को छू जाता है।
लड़की की आंखों में आंसू देखकर दिल बहुत दुख गया। रस्सियों से कसकर बंधी वह बेचारी क्या करेगी। एक मुक्का से आकाश जलाना की कहानी में यह मोड़ बहुत भारी पड़ रहा है। उस युवक को जल्द सबक मिलना चाहिए। अभिनय बहुत असली लगा जो दर्शकों को बांधे रखता है।
बूढ़े बाबा की शांति देखकर बहुत हैरानी हुई। सब बंधे हैं पर वह बिल्कुल भी डरे नहीं हुए हैं। एक मुक्का से आकाश जलाना में ऐसे गुरु जैसे पात्र जान डालते हैं। पीछे लाल पर्दे का रंग खतरा बता रहा है। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी यह देखना बाकी है।
कॉलर पकड़ने वाला दृश्य बहुत तेज और धमाकेदार था। गुस्सा साफ झलक रहा था स्क्रीन पर हर पल। एक मुक्का से आकाश जलाना में एक्शन ऐसे ही चाहिए होता है। मध्यम उम्र के व्यक्ति की नफरत साफ दिख रही थी। इस ऐप पर देखने का बहुत मजा आ गया है।
घुटनों के बल बैठने का दृश्य बहुत दर्दनाक लगा। इज्जत का सवाल हो गया है यहाँ पर सबके लिए। एक मुक्का से आकाश जलाना में सम्मान की लड़ाई चल रही है। युवक की चाल में बहुत चालाकी नजर आ रही है। कपड़े बहुत सुंदर और रंगीन बने हैं इसमें।
पंखा बंद करते ही गुस्सा निकल आया था। चेहरे के भाव बदलना कमाल का था अभिनेता का। एक मुक्का से आकाश जलाना में अभिनेता ने जान डाल दी है। लालटेन की रोशनी में सब कुछ डरावना लगा। मैं अगली कड़ी देखने के लिए बहुत बेताब हूं।
तीनों बंदियों की हालत पर बहुत तरस आ रहा है। एक साथ बांधकर रखना बहुत गलत लग रहा है। एक मुक्का से आकाश जलाना में ऐसा अत्याचार क्यों दिखाया। युवक की आंखों में नीली पट्टी अजीब लग रही है। कहानी में रहस्य बहुत गहरा छिपा हुआ है।
पीछे खड़े रक्षक भी डरावने लग रहे हैं सबको। माहौल पूरी तरह से गंभीर और डरावना है। एक मुक्का से आकाश जलाना की मंच सजावट बहुत अच्छी है। लाल और काले रंग का संयोजन बहुत अच्छा लगा। देखने वाले को शुरू से अंत तक बांधे रखता है।
युवक की उंगली का इशारा हुक्म जैसा लग रहा था। कोई जवाब नहीं दे रहा था वहां पर किसी ने भी। एक मुक्का से आकाश जलाना में खामोशी भी शोर मचाती है। लड़की का रूप रोने जैसा लग रहा था बिल्कुल। असली दर्द दिखाया है निर्देशक ने यहाँ।
अंत में चलते वक्त जो ठंडी हंसी हंसा उसने। रोंगटे खड़े कर दिए उसने सबके सबके। एक मुक्का से आकाश जलाना में खलनायक ऐसा ही होना चाहिए। बूढ़े व्यक्ति की चिंता बढ़ गई है अब। जल्दी छूटेंगे ये लोग या नहीं यह देखना है। बहुत उत्सुकता है।