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एक मुक्का से आकाश जलानावां45एपिसोड

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एक मुक्का से आकाश जलाना

नायक दैवीय पुनर्जन्म है। बचपन में माता-पिता मारे गए, उसे पूर्वी क्षेत्र के प्रथम संप्रदाय को सौंप दिया गया। वृद्ध गुरु ने मरते समय उसकी सगाई संप्रदाय की राजकुमारी से कर दी। वर्षों बाद, नायक खुद को बेकार समझता था, अपनी प्रतिभा नहीं दिखाता था। जब उसकी मंगेतर उसके लिए बार-बार आगे आकर अपमानित हुई, तो उसने जोर लगाने का फैसला किया। संप्रदाय के अस्तित्व संकट में, नायक ने अंततः अपनी शक्ति विस्फोट कर दी...
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इस एपिसोड की समीक्षा

नायक का गुस्सा देखते ही बनता है

सफेद पोशाक वाले नायक की आंखों में छिपा गुस्सा साफ दिख रहा था जब उसने उस ताकतवर दुश्मन को चुनौती दी। माहौल में बिजली सी कौंध गई और सबकी सांसें थम गईं। एक मुक्का से आकाश जलाना की यह झलक देखकर रोंगटे खड़े हो गए। काश मैं भी ऐसे ही किसी क्लान का हिस्सा होता और दुश्मनों को सबक सिखाता। यह दृश्य बहुत ही शानदार था।

खलनायक की एंट्री धमाकेदार

बाघ की खाल ओढ़े वह खलनायक सच में बहुत डरावना लग रहा था जब वह सामने आया। उसके सिर के अजीब टैटू और ठहाके ने पूरे हॉल में खौफ भर दिया था। जब वह जोर से हंसा, तो लगा जैसे कोई शैतान जाग गया हो। इस शो की विलेन एंट्री सबसे बेहतरीन और यादगार है। दर्शक इससे डर रहे हैं।

मंदिर का सेट डिजाइन कमाल का

उस प्राचीन मंदिर का सेट डिजाइन कमाल का है और बहुत ही रहस्यमयी लग रहा था। लाल रंग के झंडे और मोमबत्तियों की धीमी रोशनी में रहस्य और गहरा लग रहा था। जब वो पट्टिकाएं अपने आप गिरने लगीं, तो लगा कोई जादू हो रहा हो। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सुकून देता है। कला बहुत अच्छी है।

लड़की की हालत पर तरस आया

बेचारी लड़की की हालत देखकर दिल दुख गया और सहानुभूति हुई। वह रस्सियों में कसकर बंधी हुई थी और उसकी आंखों में आंसू थे। नायक को उसे बचाने के लिए कड़ी लड़ाई लड़नी होगी। एक मुक्का से आकाश जलाना में इमोशनल ड्रामा भी खूब है जो दर्शकों को बांधे रखता है। कहानी में दम है।

रहस्यमयी व्यक्ति की कला देखते बनती

वह रहस्यमयी व्यक्ति जिसने सुई को हवा में ही पकड़ लिया, उसकी कला देखते ही बनती थी और हैरान कर दी। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी जो ताकत दिखा रही थी। लगता है वह नायक का दोस्त है या कोई गुप्त गुरु जो मदद करेगा। ऐसे ट्विस्ट कहानी को रोचक बनाते हैं। सब देख रहे हैं।

बूढ़े व्यक्ति की चुप्पी भारी थी

सफेद बालों वाले बूढ़े व्यक्ति की स्थिति बहुत नाजुक लग रही थी और वे कमजोर थे। वह जमीन पर बैठे हुए थे और सब कुछ चुपचाप देख रहे थे। शायद वे इस क्लान के पूर्व नेता हैं जो सब जानते हैं। उनकी चुप्पी में भी एक भारीपन था जो स्क्रीन पर महसूस हुआ। अभिनय बहुत अच्छा है।

पट्टिकाएं गिरने का सस्पेंस

जब वो स्मारक पट्टिकाएं एक के बाद एक गिरने लगीं, तो सस्पेंस अपने चरम पर था और डर लगा। लगा जैसे किसी अदृश्य शक्ति ने वार किया हो और सब हिल गया। विजुअल इफेक्ट्स साधारण लेकिन प्रभावशाली थे। एक मुक्का से आकाश जलाना की एक्शन कोरियोग्राफी शानदार है। सबको पसंद आएगा।

नायक और विलेन की नोकझोक

नायक और खलनायक के बीच की नोकझोक देखने लायक थी और तनाव बढ़ाया। दोनों एक दूसरे को घूर रहे थे जैसे शेर और चीता आमने सामने हों। डायलॉग बाजी में भी दम था और आवाज भारी थी। ऐसे सीन बार बार देखने को मन करता है और बोरियत नहीं होती। फीलिंग बहुत अच्छी है।

पोशाकों का चयन सटीक है

पोशाकों का चयन बहुत ही सटीक किया गया है और किरदारों को सूट करता है। सफेद वस्त्रों में नायक की पवित्रता और बाघ की खाल में विलेन की क्रूरता साफ झलकती है। कॉस्ट्यूम डिजाइनर की तारीफ करनी होगी। नेटशॉर्ट ऐप पर क्वालिटी कंटेंट मिल रहा है। देखने में मजा आता है।

अगले एपिसोड का इंतजार

अंत में जब नायक ने कंधे पर हाथ महसूस किया, तो लगा कोई नया मोड़ आने वाला है और कहानी बदलेगी। कहानी अभी शुरू हुई है और आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। एक मुक्का से आकाश जलाना का अगला एपिसोड कब आएगा यह सब पूछ रहे हैं। इंतजार नहीं हो रहा।