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टूटे रिश्ते और दूरीवां15एपिसोड

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टूटे रिश्ते और दूरी

राहुल कपूर ससुर महेश मल्होत्रा का इलाज कर लौटता है और वेस्ट सिटी मॉल में पत्नी रिया मल्होत्रा की बेवफाई विक्रम सिंह के साथ देखता है। सुरक्षा ताबीज़ सच उजागर करता है। विक्रम हमले में महेश को घायल कर देता है। नेहा खन्ना राहुल को बचाती है। शिवराजपुर ऑक्शन हॉल में राहुल पहचान दिखाता है। रिया की गलती से ज़ीरो-वन इंजेक्शन नष्ट होता है, महेश की मृत्यु हो जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

कॉन्फ्रेंस रूम में तमाशा खड़ा हो गया

जब प्रेजेंटेशन चल रही थी और अचानक यह हंगामा शुरू हुआ, तो माहौल एकदम बदल गया। भूरे जैकेट वाले की हरकतें देखकर लग रहा था कि वह जानबूझकर शांति भंग कर रहा है। ग्रे सूट वाले का धैर्य देखकर हैरानी होती है, वह बिना हिले-डुले सब सह रहा है। टूटे रिश्ते और दूरी जैसे ड्रामे में ऐसे मोड़ बहुत अहम होते हैं जहाँ सबके असली रंग सामने आते हैं। पीछे खड़ी महिला की चिंतित नज़रें भी कहानी का एक अहम हिस्सा लगती हैं।

लिफाफे में क्या था जो सब बदल गया?

शुरुआत में जब वह बैंगनी लिफाफा सामने आया, तो लगा कि शायद कोई साधारण चिट्ठी होगी, लेकिन पात्रों के रिएक्शन ने बता दिया कि इसमें कुछ बहुत बड़ा राज छिपा है। भूरे जैकेट वाला शख्स उसे पढ़कर हैरान हो गया और फिर ग्रे सूट वाले पर हमला बोल दिया। टूटे रिश्ते और दूरी की पटकथा में यह लिफाफा किसी सबूत या धोखे की निशानी लग रहा है। अब सवाल यह है कि आखिर उस कागज पर क्या लिखा था जिसने सबकी नींद उड़ा दी।

गुस्से का असली चेहरा

भूरे जैकेट वाले किरदार ने गुस्से का जो प्रदर्शन किया, वह काबिले तारीफ है। उसकी आवाज, उसके हाव-भाव और उसका इशारा करना, सब कुछ यह बता रहा था कि वह कितना आहत महसूस कर रहा है। वहीं ग्रे सूट वाला शख्स बिल्कुल पत्थर की तरह खड़ा रहा। टूटे रिश्ते और दूरी में ऐसे इमोशनल क्लाइमेक्स बहुत देखने को मिलते हैं जहाँ एक पक्ष चीखता है और दूसरा चुपचाप सब सुनता है। यह चुप्पी शायद सबसे बड़ा जवाब थी।

पीछे खड़ी महिला की भूमिका

सबका ध्यान उन दो लड़कों की बहस पर था, लेकिन मेरी नज़र पीछे खड़ी उस महिला पर थी जो सफेद ड्रेस में थी। उसके चेहरे पर जो बेचैनी और डर था, वह साफ दिख रहा था। शायद वह इस पूरे झगड़े का कारण है या फिर वह बस इसका शिकार बन रही है। टूटे रिश्ते और दूरी की कहानियों में अक्सर तीसरा इंसान सबसे ज्यादा परेशान होता है। उसकी खामोशी शोर से ज्यादा शक्तिशाली लग रही थी, जैसे वह कुछ बोलना चाहती हो पर बोल न पा रही हो।

नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामे देखना मज़ा है

ऐसे सीन्स देखकर ही तो नेटशॉर्ट ऐप पसंद आता है, जहाँ हर सेकंड में कुछ न कुछ नया होता है। बिना किसी बोरिंग डायलॉग के सीधा एक्शन और इमोशन। भूरे जैकेट वाले का गुस्सा और ग्रे सूट वाले का सब्र, यह कॉम्बिनेशन बहुत जबरदस्त लगा। टूटे रिश्ते और दूरी जैसे सीरीज में यही बात अच्छी लगती है कि वे दर्शकों को बांधे रखते हैं। कॉन्फ्रेंस रूम का सेटिंग भी बहुत रियलिस्टिक था, जिसने सीन को और भी गंभीर बना दिया।

काले कोट वाले की चालाकी

शुरुआत में काले कोट वाला शख्स बहुत शांत लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे बात बढ़ी, उसने भी अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। उसने लिफाफा थमाया और फिर पीछे हटकर तमाशा देखने लगा। टूटे रिश्ते और दूरी में ऐसे किरदार अक्सर आग में घी डालने का काम करते हैं। उसकी मुस्कान और फिर गंभीर चेहरा, यह सब बता रहा था कि वह कुछ प्लान कर रहा है। शायद वह इन दोनों के बीच की दुश्मनी का फायदा उठाना चाहता है।

बॉडी लैंग्वेज की जंग

इस पूरे सीन में डायलॉग से ज्यादा बॉडी लैंग्वेज ने कहानी कही। ग्रे सूट वाले का सीना तानकर खड़ा होना और भूरे जैकेट वाले का बार-बार इशारा करना, यह सब एक मानसिक युद्ध जैसा लग रहा था। टूटे रिश्ते और दूरी में जब शब्द खत्म हो जाते हैं, तो यही इशारे बोलते हैं। ग्रे सूट वाले के हाथ पर पट्टी भी एक संकेत हो सकती है कि पहले भी कोई हिंसक घटना हो चुकी है। यह नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन बहुत पावरफुल था।

ऑडियंस का रिएक्शन भी कमाल का था

जब यह झगड़ा हो रहा था, तो पीछे बैठे लोगों के चेहरे भी देखने लायक थे। कोई हैरान था, तो कोई डरा हुआ। एक महिला ने तो सिर भी पकड़ लिया था। टूटे रिश्ते और दूरी जैसे शो में सिर्फ मुख्य किरदार ही नहीं, बल्कि भीड़ का रिएक्शन भी माहौल बनाता है। यह दिखाता है कि यह झगड़ा कितना पब्लिक और शर्मनाक हो गया था। सबकी नज़रें उसी एक बिंदु पर टिकी थीं, जो तनाव को और बढ़ा रहा था।

अंत में वह मुस्कान क्या संकेत थी?

सीन के अंत में भूरे जैकेट वाले के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान आई, जबकि ग्रे सूट वाला अभी भी गंभीर था। यह मुस्कान जीत की थी या फिर पागलपन की? टूटे रिश्ते और दूरी में अक्सर विलेन या फिर धोखेबाज ऐसे ही मुस्कुराते हैं जब उन्हें लगता है कि उन्होंने खेल जीत लिया है। यह अंत दर्शकों को अगले एपिसोड के लिए मजबूर कर देता है कि आखिर हुआ क्या और आगे क्या होने वाला है। सस्पेंस बना हुआ है।

सूट वाले की खामोशी सबसे डरावनी है

इस दृश्य में सबसे दिलचस्प बात यह है कि भूरे जैकेट वाला शख्स कितना शोर मचा रहा है, जबकि ग्रे सूट वाला बिल्कुल शांत है। उसकी आँखों में जो गुस्सा और ठंडक है, वो चीखने से कहीं ज्यादा असरदार लगती है। टूटे रिश्ते और दूरी की कहानी में अक्सर यही दिखाया जाता है कि जो इंसान कम बोलता है, वो ज्यादा खतरनाक होता है। बैंगनी लिफाफे का रहस्य अभी भी बना हुआ है, लेकिन लगता है कि यह सब उसी के इर्द-गिर्द घूम रहा है।