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(डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ोवां18एपिसोड

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(डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो

बीते लम्हों को फिर से जीने के लिए, मैरी अपने याददाश्त खो चुके पति के साथ एक टूर पर निकलती है। लेकिन पहचान में एक छोटी-सी गलती, टूर गाइड की बेरुखी और बेइज़्ज़ती में बदल जाती है। जब सच्चाई सामने आती है, तो वही गाइड अपने किए पर पछतावे और बर्बादी के अंधेरे में डूब जाता है—और उधर, मैरी और उसका पति एक बार फिर अपनी खोई हुई मोहब्बत की मिठास को पा लेते हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बूढ़ी औरत की आँखों में दर्द

जब वो बूढ़ी औरत ज़मीन पर गिरी हुई थी, तो उसकी आँखों में सिर्फ डर नहीं, बल्कि एक टूटी हुई माँ का दर्द था। लिज़ा का गुस्सा समझ आता है, पर क्या करियर के लिए इंसानियत भी बेचनी पड़ती है? (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में ये दृश्य दिल दहला देता है। मनीषा का हँसते हुए गला दबाना सबसे ज्यादा चौंकाने वाला था।

लिज़ा का गुस्सा या डर?

लिज़ा चिल्ला रही थी, पर उसकी आँखों में डर साफ दिख रहा था। शायद उसे पता था कि ये बूढ़ी औरत सिर्फ एक नौकरानी नहीं, बल्कि उसके भविष्य की चाबी है। (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में हर संवाद के पीछे एक छिपी कहानी है। मनीषा का रोल सबसे ज्यादा डरावना लगा, क्योंकि वो बिना किसी अफसोस के हिंसा कर रही थी।

रोल्स रॉयस वाला बेटा

जब वो लड़का रोल्स रॉयस से उतरा, तो लगा जैसे कोई राजकुमार आया हो। पर उसके चेहरे पर वो उदासी थी जो सिर्फ माँ की याद में होती है। (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में ये मोड़ सबसे ज्यादा भावनात्मक था। उसने बूढ़ी औरत को देखकर अपनी माँ को याद किया – शायद वो भी ऐसी ही थी।

मनीषा की हंसी में खतरा

मनीषा जब हँस रही थी, तो लगा जैसे कोई शैतान खुश हो रहा हो। उसने बिना किसी झिझक के बूढ़ी औरत का मुँह बंद किया। (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में ये किरदार सबसे ज्यादा डरावना है। लिज़ा का गुस्सा समझ आता है, पर मनीषा की निर्दयता दिल दहला देती है।

बूढ़ी औरत की चुप्पी

वो बूढ़ी औरत चिल्ला रही थी, पर कोई नहीं सुन रहा था। उसकी आवाज़ दब गई, जैसे उसकी पहचान भी दब गई हो। (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में ये दृश्य सबसे ज्यादा दर्दनाक है। लिज़ा और मनीषा का व्यवहार देखकर लगा कि पैसा इंसान को कितना बदल देता है।

लिज़ा का नामपट्ट वाला गुस्सा

लिज़ा के नामपट्ट पर उसका पद लिखा था, पर उसके व्यवहार में इंसानियत नहीं थी। वो बूढ़ी औरत को धमका रही थी जैसे वो कोई कीड़ा हो। (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में ये संवाद सबसे ज्यादा चुभने वाला था। क्या करियर के लिए इंसानियत भी छोड़नी पड़ती है?

बेटे की माँ की याद

जब वो लड़का कार में बैठा, तो उसने कहा कि बूढ़ी औरत को देखकर उसे अपनी माँ याद आ गई। शायद वो भी ऐसी ही थी – बेचारी, अकेली, और बेजुबान। (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में ये पंक्ति दिल को छू गई। क्या वो जानता होगा कि उसकी माँ के साथ क्या हो रहा है?

मनीषा का हँकची वाली हरकत

मनीषा ने हँकची लाकर बूढ़ी औरत का मुँह बंद किया, जैसे वो कोई जानवर हो। उसकी हंसी में इतनी निर्दयता थी कि दिल दहल गया। (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में ये दृश्य सबसे ज्यादा हिंसक लगा। लिज़ा का गुस्सा समझ आता है, पर मनीषा का व्यवहार बर्बरता था।

बूढ़ी औरत की आखिरी चीख

वो बूढ़ी औरत चीख रही थी – "जाने दो मुझे!" पर कोई नहीं सुन रहा था। उसकी आवाज़ दब गई, जैसे उसकी उम्मीदें भी दब गई हों। (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में ये दृश्य सबसे ज्यादा दर्दनाक था। लिज़ा और मनीषा का व्यवहार देखकर लगा कि पैसा इंसान को कितना अंधा कर देता है।

लिज़ा का पदोन्नति वाला डर

लिज़ा चिल्ला रही थी कि अगर ये बूढ़ी औरत बोल गई, तो उसकी पदोन्नति रुक जाएगी। शायद उसे पता था कि ये औरत सिर्फ एक नौकरानी नहीं, बल्कि उसके भविष्य की चाबी है। (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में ये संवाद सबसे ज्यादा चौंकाने वाला था। क्या करियर के लिए इंसानियत भी बेचनी पड़ती है?