PreviousLater
Close

(डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ोवां4एपिसोड

like2.1Kchase2.4K

(डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो

बीते लम्हों को फिर से जीने के लिए, मैरी अपने याददाश्त खो चुके पति के साथ एक टूर पर निकलती है। लेकिन पहचान में एक छोटी-सी गलती, टूर गाइड की बेरुखी और बेइज़्ज़ती में बदल जाती है। जब सच्चाई सामने आती है, तो वही गाइड अपने किए पर पछतावे और बर्बादी के अंधेरे में डूब जाता है—और उधर, मैरी और उसका पति एक बार फिर अपनी खोई हुई मोहब्बत की मिठास को पा लेते हैं।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

नौकरानी की बदमाशी देखकर गुस्सा आ गया

वीडियो में जो नौकरानी लिसा है, उसकी हरकतें सच में दिल दहला देने वाली हैं। पहले चॉकलेट फेंकी, फिर क्रोइसैंट में मसाला डालकर बदला लिया। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो देखकर लगा कि अमीरों के साथ ऐसा व्यवहार करना कितना खतरनाक हो सकता है। उमेश बेचारा व्हीलचेयर में है और उसे परेशान किया जा रहा है। यह शो नेटशॉर्ट ऐप पर बहुत अच्छा लग रहा है, ड्रामा और इमोशन दोनों हैं।

जेसिका की मासूमियत दिल जीत लेती है

जेसिका नाम की लड़की सच में बहुत मासूम लगती है। वह बस अपना काम कर रही थी लेकिन लिसा और सोफिया उसे डरा रही हैं। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे किरदार दिखाते हैं जो सच्चाई के साथ खड़े होते हैं। जब जेसिका दौड़कर आती है और चिल्लाती है कि मत खाओ, तो लगता है कि वह सच में इंसानियत बचाने आई है। नेटशॉर्ट पर ऐसे शो देखना सुकून देता है।

उमेश की चुप्पी में छिपा दर्द

उमेश जो व्हीलचेयर में बैठा है, उसकी आंखों में एक अजीब सा दर्द है। वह कुछ बोल नहीं पा रहा लेकिन उसकी नजरें सब कुछ कह रही हैं। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे किरदार दिखाए गए हैं जो शारीरिक रूप से कमजोर हैं लेकिन भावनात्मक रूप से मजबूत। जब वह क्रोइसैंट खाता है और फिर चौंक जाता है, तो लगता है कि उसकी जिंदगी में भी ऐसे धोखे होते रहे होंगे। नेटशॉर्ट ऐप पर यह शो बहुत गहराई से छूता है।

लिसा की चालाकी देखकर हंसी भी आई और गुस्सा भी

लिसा का किरदार सच में बहुत चालाक है। वह मुस्कुराते हुए माफी मांगती है लेकिन उसकी आंखों में शैतानी चमक रही है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे विलेन दिखाए गए हैं जो मासूम बनकर वार करते हैं। जब वह क्रोइसैंट देती है और फिर हंसती है, तो लगता है कि वह अपने प्लान में कामयाब हो गई। नेटशॉर्ट पर ऐसे शो देखकर लगता है कि दुनिया में ऐसे लोग भी हैं जो दूसरों के दर्द से मजा लेते हैं।

बगीचे का दृश्य बहुत खूबसूरत लेकिन डरावना भी

बगीचे का दृश्य सच में बहुत खूबसूरत है, फूल, फव्वारे, और हरी-भरी घास। लेकिन इस खूबसूरती के पीछे छिपा डर और धोखा और भी डरावना लगता है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं जहां बाहर से सब कुछ अच्छा लगता है लेकिन अंदर से सड़न है। जब उमेश और उसकी पत्नी बगीचे में बैठते हैं, तो लगता है कि यह उनकी आखिरी शांति का पल है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे शो देखना एक अलग अनुभव है।

पत्नी का प्यार और चिंता दिल को छू लेता है

उमेश की पत्नी का किरदार सच में बहुत प्यारा है। वह हमेशा उसकी देखभाल करती है और उसकी चिंता करती है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे रिश्ते दिखाए गए हैं जो सच्चे प्यार की मिसाल हैं। जब वह उमेश को क्रोइसैंट खिलाती है और फिर घबरा जाती है, तो लगता है कि वह उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी ताकत है। नेटशॉर्ट पर ऐसे शो देखकर लगता है कि प्यार सच में सबसे बड़ी ताकत है।

सोफिया की हंसी में छिपी बर्बरता

सोफिया जो काले जैकेट में है, उसकी हंसी सच में डरावनी है। वह लिसा के साथ मिलकर उमेश और उसकी पत्नी को परेशान कर रही है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे किरदार दिखाए गए हैं जो दूसरों के दर्द से मजा लेते हैं। जब वह क्रोइसैंट के बाद हंसती है, तो लगता है कि वह इंसान नहीं बल्कि शैतान है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे शो देखकर लगता है कि दुनिया में ऐसे लोग भी हैं जो दूसरों की तकलीफ से खुश होते हैं।

क्रोइसैंट का धोखा और उसका अंजाम

क्रोइसैंट जो साधारण लगता है, वह सच में एक खतरनाक हथियार बन जाता है। लिसा और सोफिया ने इसे उमेश को खिलाकर उसे परेशान किया। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे प्लॉट दिखाए गए हैं जहां साधारण चीजें भी खतरनाक हो सकती हैं। जब उमेश क्रोइसैंट खाता है और फिर चौंक जाता है, तो लगता है कि उसकी जिंदगी में भी ऐसे धोखे होते रहे होंगे। नेटशॉर्ट पर ऐसे शो देखना एक अलग अनुभव है।

नेटशॉर्ट ऐप पर यह शो बहुत अच्छा लगा

नेटशॉर्ट ऐप पर (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो देखकर लगा कि यह शो सच में बहुत अच्छा है। ड्रामा, इमोशन, और सस्पेंस सब कुछ है। किरदारों की एक्टिंग बहुत अच्छी है और प्लॉट बहुत दिलचस्प है। जब लिसा और सोफिया उमेश को परेशान करती हैं, तो लगता है कि यह शो सच में देखने लायक है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे शो देखना एक अलग अनुभव है और मैं इसे सबको सुझाव दूंगा।

अंत में जेसिका की दौड़ और चिल्लाना

अंत में जब जेसिका दौड़कर आती है और चिल्लाती है कि मत खाओ, तो लगता है कि वह सच में इंसानियत बचाने आई है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे किरदार दिखाए गए हैं जो सच्चाई के साथ खड़े होते हैं। जब वह उमेश को रोकती है, तो लगता है कि वह उसकी जिंदगी बचाने आई है। नेटशॉर्ट पर ऐसे शो देखकर लगता है कि दुनिया में ऐसे लोग भी हैं जो दूसरों की मदद के लिए आगे आते हैं। यह शो सच में देखने लायक है।