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(डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानीवां4एपिसोड

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(डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी

स्वयंवर में ईशानी ने विक्रम को चुना। जबकि मोहिनी को सिर्फ़ भिखारी मिला। ईर्ष्या में उसने अपनी बहन की हत्या कर दी। नियति ने दोनों को फिर पिछले जन्म में पहुँचा दिया। इस बार मोहिनी ने छल से विक्रम पा लिया। ईशानी का विवाह भिखारी से करा दिया। पर स्वार्थी विक्रम पत्नी को मोहरा समझा। और वही भिखारी छद्मवेशी सम्राट निकला। अंत में ईशानी महारानी बनी। मोहिनी अपने लोभ की सज़ा पाई।
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इस एपिसोड की समीक्षा

इशानी का साहस देखकर दंग रह गया

इशानी ने जिस तरह से आदि वीर को अपना पति चुना, वह सच में दिल को छू गया। सब लोग उसे पागल कह रहे थे, लेकिन उसने अपनी आँखों से देखा और दिल से फैसला किया। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे पल बार-बार देखने को मिलते हैं जहाँ प्यार सब कुछ जीत लेता है। उसकी आवाज़ में जो दृढ़ता थी, वह किसी रानी से कम नहीं थी।

आदि वीर की गरीबी बनाम इशानी का प्यार

आदि वीर ने खुद कहा कि उसके पास कुछ नहीं है, फिर भी इशानी ने उसे चुना। यह दिखाता है कि असली दौलत दिल में होती है, जेब में नहीं। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी का यह सीन मुझे बहुत पसंद आया क्योंकि यहाँ पैसा नहीं, चरित्र मायने रखता है। इशानी की बातें सुनकर लगता है जैसे वह भविष्य देख सकती हो।

माता-पिता की चिंता vs बेटी का फैसला

इशानी के माता-पिता उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही। यह संघर्ष हर घर में होता है जब बच्चे अपने रास्ते चुनते हैं। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में यह टकराव बहुत अच्छे से दिखाया गया है। इशानी ने साबित किया कि भविष्य पद से नहीं, चरित्र से बनता है।

स्वयंवर का नियम टूटा या नया इतिहास बना?

सब कह रहे थे कि स्वयंवर का नियम टूट गया, लेकिन इशानी ने तो बस अपने दिल की सुनी। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे मोड़ आते हैं जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। क्या नियमों से बड़ा प्यार होता है? इशानी ने इसका जवाब दे दिया। उसकी आँखों में जो चमक थी, वह किसी नियम से नहीं रोकी जा सकती।

आदि वीर की शर्मिंदगी बनाम इशानी का गर्व

आदि वीर शर्मिंदा था कि वह इशानी के लायक नहीं, लेकिन इशानी ने उसे गर्व से अपना पति घोषित किया। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी का यह पल मुझे बहुत भा गया। इशानी ने साबित किया कि प्यार में कोई ऊंच-नीच नहीं होती। उसकी बातें सुनकर लगता है जैसे वह भविष्य देख सकती हो।

भीड़ की राय बनाम इशानी का दिल

सभी लोग इशानी के फैसले पर हैरान थे, कुछ ने मजाक उड़ाया, कुछ ने चिंता जताई। लेकिन इशानी ने किसी की नहीं सुनी। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में यह दिखाया गया है कि जब दिल बोलता है, तो दुनिया चुप हो जाती है। इशानी की आवाज़ में जो ताकत थी, वह किसी रानी से कम नहीं थी।

तीन दिन बाद का वादा - क्या होगा आगे?

इशानी ने आदि वीर से कहा कि तीन दिन बाद घर आकर हाथ मांगे। यह वादा कितना रोमांचक है! (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे पल आते हैं जो दर्शकों को अगले एपिसोड का इंतजार करने पर मजबूर कर देते हैं। क्या आदि वीर वादा निभाएगा? क्या इशानी के माता-पिता मान जाएंगे?

इशानी की बहन की ईर्ष्या साफ दिख रही है

इशानी की बहन ने उसे धमकी दी कि वह हमेशा उसके चरणों तले रहेगी। यह ईर्ष्या साफ दिख रही है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे किरदार होते हैं जो कहानी में तनाव बढ़ाते हैं। इशानी ने उसे जवाब दिया कि पहले तुम अपना ध्यान रखो। यह जवाब बहुत ही शानदार था।

आदि वीर के कपड़े साधारण, पर दिल सोने का

इशानी ने कहा कि आदि वीर के कपड़े साधारण हैं, लेकिन उसका स्वभाव अच्छा लगता है। यह बात सच है कि बाहरी दिखावा नहीं, अंदर की अच्छाई मायने रखती है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में यह संदेश बहुत अच्छे से दिया गया है। आदि वीर की आँखों में जो ईमानदारी थी, वह किसी अमीर आदमी में नहीं होती।

देव महल की शान-शौकत से कोई वास्ता नहीं

इशानी ने साफ कह दिया कि देव महल की शान-शौकत से उसका कोई वास्ता नहीं। यह दिखाता है कि वह प्यार को महत्व देती है, पैसा को नहीं। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे पल आते हैं जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। इशानी की आवाज़ में जो दृढ़ता थी, वह किसी रानी से कम नहीं थी।