इशानी देवी जब अपने मायके लौटती हैं, तो उन्हें अपने ही परिवार से घृणा और ताने सुनने को मिलते हैं। उनकी बहन मोहिनी और उसके पति का घमंड देखकर दिल दुखता है। माता-पिता का रवैया भी बेहद निराशाजनक है, जो सिर्फ धन और हैसियत देखते हैं। इशानी का धैर्य और संयम इस स्थिति में काबिले तारीफ है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में भावनात्मक दृश्यों ने रूह को झकझोर दिया।
मोहिनी का व्यवहार अपनी बहन इशानी के प्रति बेहद क्रूर है। वह अपने पति की दौलत के घमंड में चूर है और इशानी के पति को भिखारी कहकर उसका मजाक उड़ाती है। उसकी माँ भी उसी का साथ दे रही है। यह दिखाता है कि कैसे पैसा इंसान के रिश्तों को कैसे खराब कर देता है। इशानी की चुप्पी और दर्द साफ झलक रहा है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी की कहानी बहुत ही दिलचस्प है।
इशानी के माता-पिता का व्यवहार बेहद पक्षपाती है। वे मोहिनी और उसके अमीर पति की चापलूसी करते हैं, जबकि अपनी दूसरी बेटी इशानी को नीचा दिखाते हैं। इशानी का लाया हुआ तोहफा, जो दिल से बना था, उसे वे ठुकरा देते हैं। यह दृश्य देखकर गुस्सा आता है कि कैसे माता-पिता भी अपने बच्चों के बीच भेदभाव कर सकते हैं। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में परिवारिक कलह को खूब दिखाया गया है।
इतने अपमान और तानों के बावजूद इशानी देवी का धैर्य नहीं टूटता। वह शांत रहती हैं और अपने पति के बारे में एक शब्द भी बुरा नहीं कहतीं। उनका यह संयम और आत्मसम्मान काबिले तारीफ है। वे जानती हैं कि सच्चाई एक दिन सामने आएगी। उनका यह रवैया दर्शकों को प्रेरित करता है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में इशानी का किरदार बहुत मजबूत है।
इशानी देवी का अपने माता-पिता के लिए लाया गया तोहफा, एक सुरक्षा धागा, बहुत ही भावुक करने वाला था। यह दिखाता है कि वे अपने परिवार से कितना प्यार करती हैं, भले ही वे उनसे कितना भी बुरा व्यवहार क्यों न करें। लेकिन उनका यह प्यार भरा तोहफा भी उनके माता-पिता को पसंद नहीं आया। यह दृश्य बहुत ही दर्दनाक था। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे दृश्य दिल को छू लेते हैं।
मोहिनी और उसके पति का अमीरी का घमंड साफ झलकता है। वे इशानी और उसके पति को गरीब कहकर उनका मजाक उड़ाते हैं। वे सोचते हैं कि पैसा ही सब कुछ है। लेकिन वे यह नहीं जानते कि असली दौलत प्यार और सम्मान है। उनका यह अहंकार उन्हें एक दिन बहुत महंगा पड़ेगा। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में अहंकार के परिणामों को दिखाया गया है।
इशानी देवी जब अपने मायके आती हैं, तो उनके चेहरे पर ससुराल की चिंता साफ झलकती है। वे अपने पति के बारे में चिंतित हैं, लेकिन अपने परिवार को यह नहीं बता पातीं। उनका यह द्वंद्व और अकेलापन दर्शकों को उनके प्रति सहानुभूति महसूस कराता है। काश उनका परिवार उनकी मदद करता। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में इशानी की स्थिति बहुत ही दयनीय है।
जब राजमहल से इशानी देवी के लिए तोहफे आते हैं, तो सबके चेहरे के भाव बदल जाते हैं। यह संकेत देता है कि इशानी की असली पहचान कुछ और ही है। यह मोड़ कहानी में एक नया उत्साह भर देता है। अब देखना यह है कि इशानी कैसे अपने आप को साबित करेंगी और अपने अपमान का बदला लेंगी। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी का प्लॉट बहुत ही रोमांचक है।
मोहिनी बार-बार इशानी की तुलना अपने पति से करती है और उन्हें नीचा दिखाती है। यह तुलना इशानी के लिए बहुत ही दर्दनाक है, खासकर जब यह उनकी अपनी बहन और माता-पिता के सामने हो। यह दिखाता है कि कैसे समाज में हैसियत के आधार पर लोगों का आकलन किया जाता है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में सामाजिक विसंगतियों को उजागर किया गया है।
इशानी देवी पर हो रहे इस अत्याचार और अपमान के बाद, अब बारी है बदले की। राजमहल के तोहफे इस बात का संकेत हैं कि इशानी की किस्मत बदलने वाली है। अब देखना यह है कि कैसे इशानी अपने परिवार को अपनी असली ताकत का अहसास कराएंगी। यह कहानी आगे बहुत ही रोमांचक होने वाली है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी का अगला एपिसोड देखने के लिए बेताब हूं।