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नौ लोकों के देवतावां17एपिसोड

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नौ लोकों के देवता

नायक कभी सूर्य देश का युद्ध देवता था। फिर एक दिन वह गिर गया – अंधा, बेकार, सबकी नज़र में अपमानित। वह कैदी भी रहा। पर जब उसकी आत्मा शरीर से अलग हुई, तो उसे दैवीय संयोग मिला – एक नई दुनिया दिखी। उसके पास जज़्बा है, सपने हैं। वह मरकर भी अपने देश और परिवार की रक्षा करेगा।
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इस एपिसोड की समीक्षा

राजकुमार का धैर्य

सफेद पोशाक वाले राजकुमार की शांति देखकर मुझे बहुत बड़ी हैरानी हुई। पूरी भीड़ गुस्से में चिल्ला रही थी पर वह बिल्कुल शांत मुस्कुरा रहे थे। नौ लोकों के देवता में ऐसा तीव्र संघर्ष पहले कभी नहीं देखा गया था। काश हमें भी जीवन में ऐसा अद्भुत धैर्य मिल पाए। यह दृश्य दिल को छू गया और मैं बार बार देख रहा हूं। सच में बहुत प्यारा लगा। मुझे यह वीडियो बहुत पसंद आया है।

योद्धा की वफादारी

योद्धा महिला ने तलवार निकाली जब खतरा बढ़ा और सब डर गए। उसकी वफादारी देखकर मेरी आंखें नम हो गईं। नौ लोकों के देवता की कहानी में यह पल सबसे खास है। उसने अपने स्वामी की रक्षा के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया। सच में प्रशंसा के लायक है। ऐसे किरदार हमें प्रेरणा देते हैं। यह दृश्य बहुत ही शानदार था।

बूढ़े आदमी का गुस्सा

बूढ़े आदमी का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था और वह कांप रहे थे। वह बार बार चिल्ला रहे थे और सबको डांट रहे थे। नौ लोकों के देवता में किरदारों के बीच की दुश्मनी साफ झलकती है। लगता है कोई बड़ा षड्यंत्र चल रहा है। देखने वालों को यह पसंद आएगा। मुझे अगला हिस्सा देखने का इंतजार है। कहानी में रोमांच है।

भीड़ का हमला

भीड़ द्वारा सब्जियां और पत्थर फेंकना बहुत चौंकाने वाला था। ऐसा लग रहा था कि सबका गुस्सा सातवें आसमान पर है। नौ लोकों के देवता के इस कड़ी में नाटक बहुत बढ़िया है। सफेद पोशाक वाले ने कुछ नहीं कहा बस चुपचाप खड़ा रहा। यह चुप्पी शोर से ज्यादा तेज थी। यह दृश्य बहुत गहरा असर छोड़ गया। मुझे यह पसंद है।

सजा का डर

लकड़ी का सजा देने वाला उपकरण देखकर मुझे डर लग रहा था। बूढ़े आदमी ने उसे पकड़ रखा था जैसे कोई सजा देने वाले हों। नौ लोकों के देवता में सजा का यह दृश्य बहुत गंभीर है। क्या राजकुमार को वास्तव में सजा मिलेगी। यह जानने के लिए मैं बेताब हूं। कहानी में बहुत रोमांच है। यह देखने लायक है।

महल की खूबसूरती

महल के बाहर का नजारा बहुत ही शानदार लग रहा था और सुंदर था। पुराने जमाने की वास्तुकला देखकर मन खुश हो गया। नौ लोकों के देवता की सेटिंग पर मेहनत साफ दिखती है। हर कोने पर बारीकियां हैं जो कहानी को असली बनाती हैं। मुझे यह दृश्य बहुत भा गया। मैं इसे दोस्तों को दिखाऊंगा। सबको देखना चाहिए।

आंखों की बात

राजकुमार और बूढ़े आदमी के बीच की बहस देखने लायक थी। दोनों की आंखों में अलग अलग भावनाएं साफ दिख रही थीं। नौ लोकों के देवता में अभिनय बहुत ही लाजवाब है। बिना ज्यादा संवाद के सब कुछ समझ आ गया। यह कलाकारों की ताकत है। उनकी आंखें सब कुछ बोल रही थीं। मुझे यह बहुत अच्छा लगा।

महिला योद्धा

योद्धा महिला की पोशाक लाल और काले रंग की थी जो खतरा दर्शाती है। उसका खड़ा होना साहस की निशानी था। नौ लोकों के देवता में महिला किरदार बहुत मजबूत दिखाए गए हैं। यह देखकर अच्छा लगा कि वह डरी नहीं। उसने तलवार निकालकर सबको चौंका दिया। यह बहुत ही शानदार पल था। मैं हैरान रह गया।

तेज शुरुआत

शुरू में भागते हुए लोग देखकर लगा कोई भगदड़ मच गई है। सबके हाथ में टोकरी थी और वे कुछ ले जा रहे थे। नौ लोकों के देवता की शुरुआत ही इतनी तेज रफ्तार है। यह दर्शकों को बांधे रखने के लिए काफी है। मुझे अगली कड़ी देखने की जल्दी है। कहानी बहुत रोचक लग रही है। यह बेहतरीन है।

यादगार अंत

अंत में जब सब कुछ शांत हुआ तो भी तनाव बना रहा। सफेद पोशाक वाले की आंखों में कुछ और ही चमक थी। नौ लोकों के देवता का यह अंत बहुत यादगार बन गया। कहानी में अब क्या मोड़ आएगा यह देखना बाकी है। मैं इस कार्यक्रम का दीवाना हो गया हूं। सबको देखना चाहिए। यह बहुत अच्छा है।