शुरुआत ही इतनी खूनी देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जमीन पर घिसटता हुआ वो व्यक्ति और खून की नदी देखकर सच में झटका लगा। फिर अचानक सफेद पोशाक वाली महिला की एंट्री होती है। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में ऐसे सीन बार-बार देखने को मिलते हैं जो दिल की धड़कन बढ़ा देते हैं। आग और तबाही के बीच उसका खड़ा होना किसी तूफान से कम नहीं लग रहा था।
प्रणाली वाला पर्दा मुझे सबसे ज्यादा पसंद आया। जब स्क्रीन पर इनाम दिखाई दिए तो लगा जैसे कोई खेल खेल रहे हों। विशेष दवा और मृत सैनिकों को बुलाने की शक्ति जैसे विकल्प देखकर हैरानी हुई। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी की कहानी में यह जादुई तत्व नयापन लाता है। दर्शक को लगता है कि नायिका के पास अब ताकतवर हथियार हैं।
उस महिला के हाथ में हथौड़ा देखकर किसी देवता की याद आ गई, लेकिन यह पूरी तरह देशी अंदाज में था। जलते हुए मंदिर के बीच वह कितनी शांत खड़ी थी। उसकी आंखों में गुस्सा साफ झलक रहा था। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में कार्रवाई दृश्य की लड़ाई की बनावट बहुत शानदार है। हर फ्रेम में एक अलग ही ऊर्जा महसूस होती है जो दर्शकों को बांधे रखती है।
बच्चे का उसकी साड़ी पकड़ना सबसे इमोशनल पल था। वह डरा हुआ था लेकिन महिला ने उसे अकेला नहीं छोड़ा। इस छोटे से किरदार ने कहानी में गहराई जोड़ दी। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी सिर्फ बदला नहीं, बल्कि सुरक्षा की कहानी भी लगती है। आग के शोले पीछे थे लेकिन उसका ध्यान बच्चे पर था।
बुजुर्ग अधिकारी का चेहरा देखकर हंसी भी आई और डर भी। उसने रुमाल से नाक पोंछी जैसे बदबू आई हो। उसके पीछे खड़े सैनिक भी हैरान थे। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में विलेन की प्रतिक्रिया भी बहुत स्वाभाविक हैं। यह दिखाता है कि नायिका की ताकत से सब कितने सहमे हुए हैं। हास्य और नाटक का अच्छा मिश्रण है।