इस दृश्य में जब महारानी उस टूटे हुए महल में प्रवेश करती है, तो सन्नाटा चीख रहा होता है। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में दिखाया गया हर कोना कहानी कहता है। जाले लगे दरवाजे और टूटी हुई खिड़कियां बताती हैं कि यहां कभी क्या हुआ था। बच्चे को सुलाते समय उसकी आंखों में जो दर्द है, वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यह दृश्य दिल को छू लेता है और आगे की कहानी के लिए बेचैन कर देता है।
जब वह अपने बच्चे को गोद में लेकर चलती है, तो लगता है जैसे वह पूरी दुनिया से लड़ रही हो। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी के इस कड़ी में भावनाओं का ऐसा बहाव है जो रुला देता है। सफेद पोशाक वाली का गुस्सा और आंसू बताते हैं कि बदला लेने का समय आ गया है। बच्चे की मासूमियत और वयस्कों के बीच का यह संघर्ष देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है जो दर्शकों को बांधे रखती है।
उस छोटे बच्चे को देखकर कोई भी पिघल सकता है जो बिना किसी डर के सो रहा है। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में बच्चे का किरदार कहानी की जान लगता है। जब वह सफेद पोशाक वाली उसके चेहरे को छूती है, तो लगता है जैसे वह किसी वादे को दोहरा रही हो। धूप की किरणें उस कमरे में उम्मीद की तरह दिखाई देती हैं। यह दृश्य बहुत ही सुंदर तरीके से फिल्माया गया है जो दर्शकों को बांधे रखता है और पसंद आता है।
सफेद कपड़ों वाली की आंखों में जो आग है, वह पूरे महल को जला सकती है। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी की कहानी में यह मोड़ बहुत महत्वपूर्ण है। उसका गुस्सा और फिर धीरे से बच्चे को सहलाना दिखाता है कि वह कितनी टूट चुकी है। पुरानी इमारत की दीवारें भी शायद इस दर्द को गवाह बन रही हैं। ऐसे दृश्य देखकर ही इस कहानी की असली ताकत समझ आती है जो हर बार नया अनुभव देता है।
जब दरवाजे खुलते हैं और सूरज की रोशनी अंदर आती है, तो लगता है कि अब सब ठीक हो जाएगा। पुनर्जन्मी महारानी की वापसी में रोशनी और अंधेरे का खेल बहुत गहरा है। महारानी का हार और पोशाक बताती है कि वह रॉयल है लेकिन हालात खराब हैं। बच्चे के आंसू और मां का गुस्सा मिलकर एक तूफान खड़ा कर रहे हैं। यह कहानी आगे जाकर क्या रूप लेगी, यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है दर्शकों में।