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पहाड़ से उतरा खोदने कुआँवां27एपिसोड

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पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ

प्रेत घाटी के शिष्य आदित्य सिंह पहाड़ से उतरकर नौ कुएँ खोदने और सूखा मिटाने का जिम्मा संभालता है। रास्ते में वह अमीर लड़की प्रिया कपूर और शर्मा समूह की मालिक तारा शर्मा से मिलता है, गलती से तारा का अंगरक्षक बन जाता है। तारा की सहेली नीलिमा सिंह भी उसे परखती है। आदित्य अपनी ताकत छुपाते हुए पानी के स्रोत ढूंढता है और अपने मिशन पर डटा रहता है। क्या वह अपना लक्ष्य पूरा कर पाएगा? और उसकी जिंदगी में सच्चा प्यार कौन बनकर आएगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

सुरंग का रहस्यमयी दृश्य

सुरंग का दृश्य बहुत ही रहस्यमयी और सुंदर था। नीली रोशनी में गाड़ी का चलना और फिर अचानक वह युवक बाहर रह गया। उसका चेहरा देखकर हंसी भी आई और डर भी लगा। कहानी में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ नामक इस धारावाहिक में हर सीन नया और रोमांचक है। गाड़ी के अंदर का आलीशान माहौल और बाहर का संघर्ष बहुत अच्छा लगा। दर्शक इससे जुड़े रहते हैं।

परिवार का तनावपूर्ण झगड़ा

शुरुआत में जो परिवार का झगड़ा दिखाया गया वह काफी तनावपूर्ण और गंभीर था। लाल साड़ी वाली महिला की डांट सबको चुप करा रही थी। फिर बाहर का सीन आया जहां कुत्ते के साथ वार्तालाप हुआ। यह शांति ज्यादा देर नहीं रही। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव बहुत अच्छा रहा क्योंकि क्वालिटी साफ है। अंत में वह युवक चीखता रहा पर गाड़ी चली गई। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की कहानी अच्छी है।

सफेद फर वाली युवती

सफेद फर वाली युवती की खूबसूरती सबका ध्यान खींच रही थी। उसके गहने और कपड़े बहुत महंगे और शानदार लग रहे थे। लेकिन कहानी में ऐसा क्या हुआ कि वह युवक सुरंग में अकेला रह गया। यह सवाल सबके मन में है। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की कहानी धीरे धीरे खुल रही है। हर कड़ी के बाद उत्सुकता बढ़ती जाती है। यह देखने लायक है।

ठंडा रवैया और नीली रोशनी

काले कपड़े वाली युवती का रवैया काफी ठंडा और रूखा था। उसने बिना कुछ कहे गाड़ी आगे बढ़ा दी। सुरंग की नीली रोशनी ने डरावना माहौल बना दिया। वह युवक दरवाजा खटखटाता रहा पर कोई नहीं रुका। यह दृश्य दिल को छू गया। ऐसे धारावाहिक कम ही देखने को मिलते हैं जहां हर किरदार की अपनी मजबूरी हो। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में यह सब है।

आलीशान गाड़ी का नज़ारा

विलासिता वाली गाड़ी के अंदर का नज़ारा बहुत शानदार और आकर्षक था। नारंगी सीटें और छत की रोशनी मन मोह लेती है। लेकिन बाहर का माहौल बिल्कुल विपरीत और कठिन था। ठंडी सुरंग और अकेलेपन का डर। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में ऐसे विरोधाभास बहुत देखने को मिलते हैं। कहानीकार ने बहुत बारीकी से यह सीन तैयार किया है। मुझे बहुत पसंद आया।

कुत्ते वाला प्यारा सीन

कुत्ते वाला सीन बहुत प्यारा और सुकून भरा था। काले चमड़े के जैकेट वाली युवती उसे गोद में लिए थी। फिर अचानक सब बदल गया और माहौल गंभीर हो गया। जब वह युवक गाड़ी के पीछे भागा तो लगा कि अब क्या होगा। यह अनिश्चितता दर्शकों को बांधे रखती है। मुझे यह लघु फिल्म बहुत पसंद आई क्योंकि इसमें भावनाएं सच्ची हैं। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ देखें।

बुजुर्ग महिला का गुस्सा

बुजुर्ग महिला की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। उसने जो कहा सब चुपचाप सुन रहे थे। फिर बाहर का दृश्य आया जहां हवा में ठंडक थी। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की पटकथा बहुत मजबूत और प्रभावशाली है। हर किरदार का अपना रंग और अंदाज है। सुरंग वाला सीन तो जैसे किसी सपने जैसा लग रहा था नीली रोशनी में। यह कला का अच्छा नमूना है।

घबराहट और अकेलापन

जब गाड़ी चलने लगी तो उस युवक की घबराहट साफ दिखी और बढ़ गई। वह चिल्ला रहा था पर आवाज़ किसी ने नहीं सुनी। यह अकेलेपन का अहसास बहुत गहरा और दर्दनाक था। नेटशॉर्ट पर ऐसी कहानियां मिलना दुर्लभ है। विलासिता और संघर्ष का यह मिश्रण बहुत अच्छा लगा। अंत तक देखने का मन करता है कि आगे क्या होगा। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ बेहतरीन है।

कपड़ों का शानदार चयन

कपड़ों का चयन बहुत ही शानदार और आधुनिक था। लाल मखमली साड़ी से लेकर सफेद फर तक सब कुछ आंखों को सुकून देता है। लेकिन कहानी में जो ठंडक है वह कपड़ों से नहीं निकलती। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में भावनाओं की गहराई है। सुरंग का दृश्य तकनीकी रूप से भी बहुत अच्छा बनाया गया है। रोशनी का खेल कमाल का था। सबको देखना चाहिए।

यादगार अंत और सन्नाटा

अंत में जब गाड़ी दूर चली गई तो सन्नाटा छा गया और डर लगा। वह युवक वहीं खड़ा रह गया। यह दृश्य बहुत यादगार और प्रभावशाली है। कहानी में उतार चढ़ाव बहुत हैं और रोमांच है। कभी शांति तो कभी शोर और भागदड़। मुझे यह लघु फिल्म बहुत पसंद आई। ऐसे धारावाहिक देखने के बाद मन में कई सवाल उठते हैं जो अगली कड़ी का इंतजार कराते हैं। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ।