वह काली शर्ट और टाई पहने आदमी बिल्कुल विलेन लग रहा है। उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं, बस एक अजीब सी मुस्कान। जब वह रिपोर्ट पर टिक लगा रहा था, तो लगा जैसे वह किसी की जिंदगी बर्बाद कर रहा हो। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना की कहानी में यह किरदार सबसे ज्यादा रहस्यमयी है। उसकी आंखों में छिरा है कुछ गहरा राज।
उस लड़की की आंखों में आंसू और चेहरे पर डर साफ दिख रहा था। वह चीख रही थी, लेकिन कोई उसकी मदद नहीं कर रहा था। वह आदमी बस शांत खड़ा था, जैसे यह सब उसके लिए सामान्य हो। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में ऐसा दर्दनाक सीन पहले कभी नहीं देखा। उसकी चीखें दिल को छू जाती हैं।
जब वह सूट पहने आदमी आया, तो लगा जैसे कुछ बड़ा होने वाला हो। उसकी आंखों में चिंता थी, लेकिन वह कुछ बोल नहीं रहा था। क्या वह उस लड़की को बचाने आया है? मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में यह मोड़ बहुत ही रोचक है। दोनों आदमियों के बीच की तनावपूर्ण चुप्पी सब कुछ कह रही है।
जब कैमरा ने रिपोर्ट पर जूम किया और मानसिक रोग शब्द दिखा, तो मेरी सांस रुक गई। यह सिर्फ एक डायग्नोसिस नहीं, बल्कि एक साजिश लग रही है। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में ऐसे पल बार-बार दिल धड़का देते हैं। वह आदमी जानबूझकर उसे पागल साबित करना चाहता है।
दीवार पर दया और स्वास्थ्य लिखा था, लेकिन वहां हो रहा था बिल्कुल उल्टा। वह लड़की बंधी हुई थी और कोई उसकी मदद नहीं कर रहा था। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में यह विरोधाभास बहुत गहरा है। अस्पताल का माहौल डरावना और असली लग रहा था।
उसकी मुस्कान में कुछ गड़बड़ थी। जब वह लड़की चीख रही थी, तो वह बस मुस्कुरा रहा था। यह मुस्कान डरावनी थी, जैसे वह किसी शिकार को देख रहा हो। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में यह किरदार सबसे ज्यादा डरावना है। उसकी आंखों में कोई इंसानियत नहीं बची थी।
उसकी आंखों में आंसू थे, लेकिन उससे ज्यादा दर्द था। वह बोल नहीं पा रही थी, लेकिन उसकी आंखें सब कुछ कह रही थीं। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में ऐसे इमोशनल सीन्स दिल को छू जाते हैं। उसकी बेबसी देखकर लगता है जैसे वह अकेली पड़ गई हो।
जब दोनों आदमी एक-दूसरे को देख रहे थे, तो उनकी चुप्पी में बहुत कुछ छिपा था। क्या वे दुश्मन हैं या साथी? मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में ऐसे सीन्स कहानी को और भी रोचक बना देते हैं। उनकी आंखों की भाषा सब कुछ कह रही थी।
जब दूसरा आदमी चला गया, तो वह काले कपड़े वाला आदमी अकेला खड़ा था। उसके चेहरे पर एक अजीब सी संतुष्टि थी। क्या उसकी योजना सफल हो गई? मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में ऐसा अंत बहुत ही चौंकाने वाला है। वह अकेला खड़ा था, लेकिन उसकी जीत पक्की लग रही थी।
जब उसने डायग्नोसिस रिपोर्ट पर मानसिक रोग लिखा, तो मेरी रूह कांप गई। वह लड़की बिस्तर पर बंधी हुई चीख रही थी, और वह आदमी बिल्कुल शांत था। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में ऐसा ट्विस्ट नहीं देखा था। डॉक्टर की आंखों में कोई दया नहीं थी, बस एक अजीब सी ठंडक थी। यह सीन देखकर लगता है जैसे कोई साइको थ्रिलर देख रहे हों।