शुरुआत में लगा कि यह आदमी उस बेचारी को मार देगा, लेकिन अंत में गले लगाने वाला सीन देखकर दिल पिघल गया। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा कहानी में यह ट्विस्ट बिल्कुल उम्मीद नहीं था। उस लड़की के चेहरे पर जो चोट के निशान थे, वे दर्दनाक लग रहे थे, पर उस आदमी के गले लगते ही जो राहत मिली, वह अनोखी थी।
नीली ड्रेस वाली औरत का रिएक्शन देखकर मजा आ गया। जब उसने देखा कि गोली नहीं चली और दोनों गले मिल रहे हैं, तो उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा सीरीज में ऐसे किरदार ही तो चाहिए जो कहानी में आग लगा दें। उसकी जलन और क्रोध साफ झलक रहा था।
जिस तरह से उस आदमी ने बंदूक नीचे फेंकी और फिर उस लड़की को गले लगाया, वह सीन सिनेमैटिक था। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा प्लॉट में यह मोड़ बहुत दमदार लगा। लोहे के जंग लगे गोदाम का माहौल और उसमें यह इमोशनल ड्रामा, बिल्कुल वैसा ही जैसा एक थ्रिलर में होना चाहिए।
उस लड़की के चेहरे पर बहते आंसू और मिट्टी के निशान देखकर दिल दहल गया। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा कहानी में इतना दर्द कम ही देखा है। वह कांप रही थी, रो रही थी, लेकिन जब वह सुरक्षित महसूस करने लगी, तो उसकी आंखों में जो राहत थी, वह शब्दों में बयां नहीं की जा सकती।
जब गोली नहीं चली और गले मिलने लगा, तो पीछे खड़े उन तीनों के चेहरे देखने लायक थे। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा सीन में उनका कन्फ्यूज्ड एक्सप्रेशन कमाल का था। लग रहा था जैसे उनकी सारी प्लानिंग धरी की धरी रह गई हो। ऐसे रिएक्शन शॉट्स कहानी को और भी रोचक बनाते हैं।
काले सूट में वह आदमी कितना खतरनाक लग रहा था, बंदूक ताने हुए। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा सीरीज में उसका यह रूप देखकर डर लगा था। लेकिन जब उसने बंदूक छोड़ी, तो पता चला कि असली खेल कुछ और था। उसकी आंखों में जो गहराई थी, वह बता रही थी कि वह सिर्फ एक विलेन नहीं है।
पुराने जंग लगे गोदाम में यह पूरा ड्रामा हो रहा है, जो माहौल बनाता है। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा सीन की शूटिंग लोकेशन बहुत सही चुनी गई है। टूटी हुई छत, जंग लगे लोहे और बिखरे हुए सामान के बीच यह इमोशनल कहानी और भी भारी लग रही थी। सेट डिजाइनर को सलाम।
शुरुआत में वह लड़का हंस रहा था, और फिर अचानक माहौल गंभीर हो गया। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा कहानी में यह उतार-चढ़ाव बहुत तेज था। एक पल लगता है सब ठीक है, और अगले ही पल बंदूक तन जाती है। यह अनिश्चितता ही दर्शकों को बांधे रखती है।
अंत में जब उस आदमी ने उस लड़की को गले लगाया और उसके सिर पर हाथ फेरा, तो लगा जैसे सब ठीक हो गया। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा सीरीज का यह अंत बहुत सुकून देने वाला लगा। उस लड़की की आंखों में अब डर नहीं, बल्कि भरोसा था। यह रिश्ता क्या है, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
जब वह बंदूक सीधी माथे पर तानी गई थी, तो सांस रुक गई थी। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा वाला सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। उस लड़की की आंखों में मौत का डर साफ दिख रहा था, और सामने खड़े उस आदमी की आंखों में बर्फ जैसी ठंडक। बिना किसी शोर के जो तनाव बनाया गया है, वह कमाल का है।