एक्शन दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। कमांडो की लड़ाई की शैली बहुत ही शानदार है। धुएं के बीच जो युद्ध हुआ वो दिलचस्प था। मेरे पापा, देश के हीरो में ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मिलते हैं। हरकतें बहुत तेज हैं और कार्टून की गुणवत्ता भी बेहतरीन है। नेटशॉर्ट पर देखने का मजा ही अलग है।
काले कपड़ों वाला योद्धा बहुत मजबूत लग रहा था। उसके हाथ में लाठी थी लेकिन उसने सबको हरा दिया। सिपाहियों के पास चाकू थे फिर भी वो हार गए। मेरे पापा, देश के हीरो की कहानी में ये मोड़ अच्छा लगा। चेहरे के भाव बहुत गहरे थे। एक्शन के शौकीनों के लिए ये उत्तम है।
सड़क पर अचानक धुआं छा गया और फिर लड़ाई शुरू हुई। कौन है ये व्यक्ति जो अकेले सब पर भारी पड़ रहा है? मेरे पापा, देश के हीरो में रहस्य बना हुआ है। आगे क्या होगा ये जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। गाड़ी से उतरने वाले लोग भी रहस्यमयी लग रहे थे। कहानी में गहराई है।
कार्टून की बारीकियों पर ध्यान दें तो पता चलता है कितनी मेहनत हुई है। धुएं का असर और सड़क का दरार वाला दृश्य बहुत वास्तविक लगा। मेरे पापा, देश के हीरो की दृश्य कथा कहने की शैली बहुत मजबूत है। रंगों का इस्तेमाल भी जबरदस्त है। हर चित्र एक तस्वीर जैसा लग रहा था। देखने वाले को बांधे रखता है।
जब वो जमीन पर गिरा तो लगा अब खत्म हुआ, लेकिन उसने वापसी की। जज्बात और जुनून साफ दिख रहा था। मेरे पापा, देश के हीरो में भावनात्मक पल भी हैं। सिर्फ लड़ाई नहीं, कहानी भी दिल को छूती है। हीरो की आंखों में गुस्सा और ठान ली हुई थी। ऐसा किरदार कम मिलता है।