जब वह भूरे रंग के सूट में खड़ा होता है और सोती हुई नायिका पर अपना कोट डालता है, तो उसकी आंखों में एक अजीब सी चिंता दिखाई देती है। लगता है जैसे वह किसी पुराने दर्द को छिपा रहा हो। इस शो रक्षक जो है बेहद ताकतवर में हर पल एक नया रहस्य खुलता है। उसका खामोश खड़ा रहना और फिर धीरे से कोट ओढ़ाना बताता है कि उसके दिल में उसके लिए खास जगह है, भले ही वह कुछ बोलता नहीं। यह खामोशी शोर से ज्यादा बात करती है।
वह दृश्य जहां एक छोटा बच्चा बिस्तर के नीचे छिपा होता है और बाहर एक खूनी नजारा होता है, रोंगटे खड़े कर देने वाला है। बच्चे की आंखों में डर साफ झलक रहा है जब वह अपनी मां को तकलीफ में देखता है। रक्षक जो है बेहद ताकतवर की कहानी में यह मोड़ बहुत अंधेरा है। काले कपड़े वाले खलनायक का गुस्सा और नायिका की हालत देखकर लगता है कि बदला लेने का वक्त आने वाला है। बच्चे की चुप्पी सबसे ज्यादा दर्दनाक लगती है।
सोफे पर सोते वक्त वह कितनी शांत लग रही है, लेकिन फ्लैशबैक में वही नायिका जमीन पर खून से सनी हुई है। यह विरोधाभास दिल को छू लेता है। उसकी आंखों के पास खरोंच और दर्द साफ दिख रहा है। रक्षक जो है बेहद ताकतवर में किरदारों की गहराई बहुत अच्छे से दिखाई गई है। वह नायिका जो अब सुरक्षित है, क्या वह उस डरावने भूतकाल को भूल पाएगी? उसकी नींद में भी शायद वो डर बना रहेगा।
काले कपड़े और सुनहरी कढ़ाई वाले खलनायक का व्यवहार बेहद क्रूर है। जब वह नायिका के बालों पर पैर रखता है, तो गुस्सा अपने आप आ जाता है। उसकी हंसी में एक अलग तरह की खतरनाकियत है। रक्षक जो है बेहद ताकतवर में विलेन इतना नफरत भरा क्यों है, यह जानना जरूरी है। उसकी हरकतें बताती हैं कि उसे सत्ता का नशा है। वह किसी की भीड़ नहीं सुनता और अपने रसूख का गलत इस्तेमाल करता है।
उस छोटे बच्चे को देखकर बहुत तरस आता है जो बिस्तर के नीचे मुंह दबाए रो रहा है। उसे पता है कि अगर आवाज आई तो कुछ बुरा होगा। उसकी मासूमियत उस क्रूर माहौल में और भी उभर कर आती है। रक्षक जो है बेहद ताकतवर में बच्चे का किरदार कहानी की रीढ़ है। वह सब देख रहा है और शायद बड़ा होकर बदला लेगा। उसकी आंखों में छिपा डर भविष्य की कहानी कह रहा है।
एक तरफ आधुनिक घर और सूट वाला रक्षक, दूसरी तरफ पुराने जमाने का क्रूरता भरा दृश्य। यह समय का अंतर कहानी को बहुत दिलचस्प बनाता है। रक्षक जो है बेहद ताकतवर में यह दिखाया गया है कि भूतकाल कैसे वर्तमान को प्रभावित करता है। जब वह रक्षक नायिका को देखता है, तो लगता है वह उस पुराने दर्द को मिटाना चाहता है। यह टकराव दर्शकों को बांधे रखता है।
भूरे सूट वाला रक्षक एक संरक्षक की तरह सामने आता है। उसकी चुप्पी और उसके कदमों में एक ठहराव है जो भरोसा दिलाता है। जब वह कोट ओढ़ाता है, तो लगता है जैसे वह किसी टूटी हुई चीज को जोड़ रहा हो। रक्षक जो है बेहद ताकतवर में हीरो का यह रूप बहुत पसंद आ रहा है। वह ताकतवर है लेकिन नरम दिल भी है। नायिका को अब उसकी जरूरत है।
जमीन पर गिरा खून और नायिका का दर्दनाक चीखना किसी को भी झकझोर सकता है। वह दृश्य इतना यथार्थ है कि लगता है हम वहीं मौजूद हैं। रक्षक जो है बेहद ताकतवर में हिंसा का चित्रण बहुत गहरा है। वह खलनायक जो ऊपर खड़ा है, उसे कोई दया नहीं है। यह दृश्य बताता है कि कहानी में कितनी गंभीरता है। यह कोई साधारण ड्रामा नहीं है।
जब सूट वाला रक्षक कैमरे की तरफ देखता है, तो उसकी आंखों में एक अलग ही चमक है। वह कुछ सोच रहा है, शायद उस पुराने खलनायक के बारे में। रक्षक जो है बेहद ताकतवर में हर किरदार की आंखें एक कहानी कहती हैं। वह नायिका जो सो रही है, क्या उसे पता है कि उसका रक्षक जाग रहा है? यह खामोश संवाद बहुत प्रभावशाली है।
अब सवाल यह है कि क्या वह बच्चा बच पाएगा और क्या वह नायिका सुरक्षित रहेगी। खलनायक अभी भी खतरनाक है और हीरो को तैयार रहना होगा। रक्षक जो है बेहद ताकतवर की अगली कड़ी देखने के लिए बेचैनी बढ़ रही है। हर सीन के बाद कहानी और उलझती जाती है। यह ड्रामा आसान नहीं है लेकिन देखने में बहुत मजेदार है।