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जब चाँदनी रात में मशालों की रोशनी ने कमरे को जलाया, तो विक्रम सिंह के चेहरे पर डर और आत्मसमर्पण की भावना साफ दिख रही थी। समय यात्रा, विनाशकारी शुरुआत के इस दृश्य में हर किरदार की आँखों में एक अलग कहानी छिपी है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखकर लगता है जैसे हम भी उसी कमरे में बैठे हैं, सांस रोके हुए।