हिम कीट की छाया की शुरुआत ही इतनी डरावनी है कि रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बर्फ पर गिरता खून और उसकी चीखें देखकर लगता है जैसे कोई भयानक दुर्घटना घटित हुई हो। पात्रों के चेहरे पर डर साफ झलक रहा है, जो दर्शकों को भी उसी माहौल में खींच लेता है। यह दृश्य पूरी कहानी की गंभीरता को बयां करता है।
जब पूरा समूह उस आदमी के चारों ओर इकट्ठा होता है, तो हर किसी के चेहरे पर अलग-अलग भावनाएं हैं। कोई डरा हुआ है, तो कोई हैरान। हिम कीट की छाया में दिखाया गया यह तनावपूर्ण माहौल वास्तव में दिलचस्प है। लगता है जैसे हर किसी के मन में कोई न कोई राज छिपा हो जो जल्द ही सामने आएगा।
नीली जैकेट पहनी वह लड़की सबसे अलग लग रही है। उसके चेहरे पर न डर है, न घबराहट, बस एक अजीब सी शांति है। हिम कीट की छाया में उसका किरदार सबसे ज्यादा रहस्यमयी लग रहा है। ऐसा लगता है जैसे वह जानती हो कि आगे क्या होने वाला है, या शायद वह खुद ही इस सबके पीछे है।
दिन के तनाव के बाद रात को आग के चारों ओर बैठकर बातचीत का दृश्य बहुत सुकून देने वाला है। हिम कीट की छाया में यह बदलाव बहुत अच्छा लगा। रंगीन लाइट्स और आग की रोशनी में सबके चेहरे अलग लग रहे हैं। लगता है जैसे वे थोड़ी देर के लिए अपनी मुसीबतें भूल गए हैं, लेकिन यह शांति ज्यादा देर नहीं टिकने वाली।
घायल आदमी की पट्टी बांधते हुए उस युवक के चेहरे पर चिंता साफ दिख रही है। हिम कीट की छाया में यह छोटा सा दृश्य भी बहुत मायने रखता है। यह दिखाता है कि मुसीबत के समय भी इंसानियत जिंदा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह चिंता सच्ची है या सिर्फ एक दिखावा? यह जानने के लिए आगे का इंतजार करना होगा।
आग के पास बैठकर संतरा छीलती वह लड़की और उसकी बातचीत बहुत सामान्य लग रही है, लेकिन हिम कीट की छाया के माहौल में यह दृश्य अजीब लगता है। ऐसा लगता है जैसे वे जानबूझकर खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनकी आंखों में छिपा डर सब कुछ बयां कर रहा है। यह विरोधाभास बहुत दिलचस्प है।
नीली जैकेट वाली लड़की का बॉक्स उठाकर बाहर जाना और उत्तरी ध्रुव की रोशनी में चलना बहुत खूबसूरत लेकिन रहस्यमयी दृश्य है। हिम कीट की छाया में यह दृश्य सबसे ज्यादा यादगार लगा। ऐसा लगता है जैसे वह कोई महत्वपूर्ण काम करने जा रही है। क्या वह बॉक्स में कुछ खास है? यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
हिम कीट की छाया में तनाव और शांति का मिश्रण बहुत अच्छे से दिखाया गया है। कभी बर्फ पर खून, तो कभी आग के चारों ओर बैठकर बातचीत। यह उतार-चढ़ाव दर्शकों को बांधे रखता है। पात्रों के बीच की रसायनशास्त्र भी दिलचस्प है। लगता है जैसे हर किसी के बीच कुछ न कुछ चल रहा हो जो अभी सामने नहीं आया है।
काले-सफेद दृश्य में बर्फीले तूफान में भागते लोग बहुत डरावने लग रहे हैं। हिम कीट की छाया में यह दृश्य भविष्य की किसी बड़ी मुसीबत की ओर इशारा करता है। ऐसा लगता है जैसे वे किसी चीज से भाग रहे हैं या किसी की तरफ भाग रहे हैं। यह दृश्य पूरी कहानी की गंभीरता को और बढ़ा देता है।
बर्फ के बीच बना यह कंटेनर हाउस बहुत अजीब लेकिन दिलचस्प लगता है। हिम कीट की छाया में यह सेटिंग पूरी कहानी के लिए उपयुक्त है। अंदर की सजावट और बाहर का बर्फीला माहौल एक अजीब सा विरोधाभास बनाते हैं। लगता है जैसे यह जगह किसी रहस्य को छिपाए हुए है जो जल्द ही सामने आएगा।