लाल कुर्ता पहनी वो लड़की जब कमरे में घुसी तो हवा में तनाव छा गया। उसकी आँखों में डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी शांति थी। जब उसने बिना हथियार के सबको गिराया, तो लगा जैसे योद्धा का बदला की कहानी सच हो रही हो। उसका हर कदम मौत को चुनौती दे रहा था।
काले कुर्ते वाला आदमी शुरू में बहुत घमंडी लग रहा था, लेकिन जब वो जमीन पर गिरा तो उसकी आँखों में सच्चा डर था। उसने हाथ जोड़कर माफ़ी मांगी, पर लाल पोशाक वाली ने उसे कोई मौका नहीं दिया। ये दृश्य योद्धा का बदला के सबसे यादगार पलों में से एक है।
कमरे में धूल उड़ रही थी, टूटी कुर्सियाँ बिखरी थीं, और बीच में खड़ी थी वो लड़की। उसके हाथ खाली थे, पर उसकी ताकत किसी तलवार से कम नहीं थी। जब उसने एक झटके में सबको गिराया, तो लगा जैसे योद्धा का बदला की दुनिया में जादू हो रहा हो।
काले कुर्ते वाले ने जब घुटनों पर बैठकर माफ़ी मांगी, तो लगा शायद वो बच जाए। पर लाल पोशाक वाली ने उसकी बात नहीं सुनी। उसने बस एक इशारा किया और वो आदमी जमीन पर गिर गया। योद्धा का बदला में ऐसे पल दिल दहला देते हैं।
बाहर के दृश्य में जब एक आदमी के मुंह से खून बह रहा था और वो गुस्से में चिल्ला रहा था, तो लगा जैसे योद्धा का बदला की कहानी और भी गहरी हो गई हो। उसकी आँखों में बदले की आग साफ दिख रही थी। ये दृश्य बहुत ही तीव्र और भावनात्मक था।