जब युवा योद्धा ने वह नीली किताब खोली तो उसके चेहरे के भाव देखने लायक थे। उसे लगा था कि उसे कोई शक्तिशाली विधि मिली है, लेकिन शर्तें बहुत अजीब थीं। बुजुर्ग गुरु की मुस्कान में कुछ छिपा था जो बाद में स्पष्ट हुआ। इस बीच में अच्छी दवा मीठी होती है वाला अहसास हुआ। नेटशॉर्ट ऐप पर यह दृश्य बहुत मजेदार लगा। काले पोशाक वाले की चालाकी देखकर हंसी रुक नहीं रही थी। युवा योद्धा की घबराहट असली लग रही थी। सब कुछ बहुत ही रोचक था।
शुरुआत में ही जब उस पत्थर पर बैंगनी रोशनी दिखाई दी तो माहौल बहुत रहस्यमयी हो गया। युवा योद्धा की ताकत का अंदाजा उसी पल लग गया था। लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब किताब सामने आई। बुजुर्ग गुरु चुपचाप सब देख रहा था जैसे उसे सब पता हो। अच्छी दवा मीठी होती है वाली कहावत यहाँ बिल्कुल फिट बैठती है। सफेद पोशाक वाली लड़की की एंट्री ने तनाव बढ़ा दिया। एक्शन सीन्स बहुत अच्छे थे। देखने में मजा आया।
इन दोनों के बीच की नोकझोक बहुत ही कॉमेडी लग रही थी। युवा योद्धा को लगा वह चुनौती जीत गया है, पर असली परीक्षा तो किताब पढ़ने के बाद शुरू हुई। बुजुर्ग गुरु की आँखों में चमक साफ दिख रही थी। अच्छी दवा मीठी होती है जैसे कड़वा सच सामने आया तो हैरानी हुई। वेशभूषा बहुत ही शानदार और पारंपरिक लग रही थी। पृष्ठभूमि में प्राचीन इमारतें देखकर अच्छा लगा। यह दृश्य बारबार देखने लायक है। बहुत पसंद आया।
जब वह लड़की दौड़ती हुई आई तो उसके चेहरे पर चोट के निशान थे। युवा योद्धा तुरंत सतर्क हो गया और अपनी तलवार पकड़ ली। यह दिखाता है कि वह कितना जिम्मेदार है। अच्छी दवा मीठी होती है वाली बात यहाँ सुरक्षा के संदर्भ में सही लगती है। जादुई धुएं का इफेक्ट बहुत ही शानदार तरीके से किया गया था। संघर्ष का माहौल देखकर रोमांच हुआ। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी यह जानने की उत्सुकता है। सब अच्छा था।
उस नीली किताब में क्या लिखा था यह जानने के लिए सब उत्सुक थे। जब पन्ना पलटा तो चित्र देखकर युवा योद्धा की आँखें फटी की फटी रह गईं। बुजुर्ग गुरु ने जानबूझकर यह किताब दी थी। अच्छी दवा मीठी होती है वाली सीख यहाँ बहुत गहरी थी। संवाद बहुत ही मजेदार और तीखे थे। अभिनय में प्राकृतिकता थी जो दर्शकों को बांधे रखती है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसी सामग्री मिलना सुखद है। मजा आ गया।