इस दृश्य में कारवाई देखकर रोंगटे खड़े हो गए। सिर पर पट्टी वाला व्यक्ति हवा में उड़ता हुआ दुश्मन पर टूट पड़ा। हरे रंग की जादुई शक्ति ने सबको हैरान कर दिया। बच्ची की मासूमियत और घायल व्यक्ति का दर्द दिल को छू गया। अच्छी दवा मीठी होती है नामक इस कार्यक्रम में हर पल नया मोड़ आता है। फर वाले खलनायक की हंसी अब नहीं चलेगी और जीत अच्छों की होगी।
छोटी बच्ची ने सबका ध्यान खींच लिया। उसकी आंखों में डर नहीं बल्कि एक अलग ही चमक थी। जब उसने अंगूठा दिखाया तो लगा जीत पक्की है। घायल व्यक्ति को बचाने के लिए सब जुट गए। अच्छी दवा मीठी होती है कहानी में ऐसा मोड़ नहीं देखा था। सफेद कपड़ों वाली की चिंता साफ दिख रही थी और सब राहत की सांस ले रहे थे।
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जमीन पर गिरा व्यक्ति दर्द से कराह रहा था। उसकी आंखों में बदले की आग साफ दिख रही थी। भीड़ में खड़े लोगों के चेहरे पर सन्नोटा छा गया। अच्छी दवा मीठी होती है नाटक में भावनाओं को बहुत गहराई से दिखाया गया है। सिर पट्टी वाले योद्धा ने अपनी ताकत का लोहा मनवा दिया और सबको चौंका दिया।
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तलवारबाजी के दांव पेच बहुत शानदार थे। हवा में उड़ना और वार करना आसान नहीं होता। कैमरा कोण ने इस और भी रोमांचक बना दिया। घायल व्यक्ति को बचाने की जल्दी साफ दिख रही थी। अच्छी दवा मीठी होती है में लड़ाई दृश्यों की कमी नहीं है। फर वाले की पकड़ ढीली पड़ गई और वह हार गया।
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पुराने जमाने की इमारतें और कपड़े बहुत सुंदर लग रहे थे। खून के निशान और जादुई रोशनी ने अंतर बनाया। अच्छी दवा मीठी होती है की नज़ारों पर खासा ध्यान दिया गया है। बच्ची के कपड़ों का रंग बहुत प्यारा था। हर फ्रेम एक तस्वीर जैसा लग रहा था और मन मोह लिया।
अंत में बच्ची ने जो अंगूठा दिखाया वो दिल जीत गया। लगता है दुश्मन को सबक मिल गया। घायल व्यक्ति अब सुरक्षित है। अच्छी दवा मीठी होती है में ऐसे सुखद अंत की उम्मीद थी। सिर पट्टी वाले योद्धा ने सबका दिल जीत लिया। सब खुश दिख रहे थे और जीत का जश्न मना रहे थे।