बारिश में विक्रम राठौड़ का वो संघर्ष देखकर रूह कांप गई। गुरुजी का धोखा और फिर परिवार पर हुआ हमला, ये सब देखकर गुस्सा आता है। अपराध सफाया सिर्फ कार्रवाई नहीं, भावनात्मक उथल-पुथल है। विक्रम की चीख में जो दर्द था, वो शब्दों से बयां नहीं हो सकता। नेटशॉर्ट पर ऐसे तीव्र दृश्य देखना एक अलग ही अनुभव है।
सफेद कपड़ों में गुरुजी का किरदार बहुत ही खतरनाक लग रहा है। विक्रम को प्रशिक्षित करना और फिर पीठ पीछे वार करना, ये प्रसिद्ध गद्दारी है। बारिश वाले दृश्य में पानी और खून का मिश्रण दृश्य रूप से बहुत प्रभावशाली था। अपराध सफाया में खलनायक का प्रवेश इतनी शांत लेकिन डरावनी कम ही देखने को मिलती है।
नेहा वर्मा का किरदार सबसे ज्यादा हैरान करने वाला था। विक्रम की पत्नी होकर भी वो दुश्मनों के साथ खड़ी थी। उसकी आँखों में वो चालाकी और ठंडक देखकर लगता है कि वो किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। अपराध सफाया में महिला किरदारों को इतनी गहराई से लिखा गया है जो बहुत प्रभावशाली है।
सीढ़ियों वाला युद्ध दृश्य और बारिश में लकड़ी के टुकड़ों से लड़ना, ये सब साहसिक दृश्य हॉलीवुड स्तर के लग रहे थे। विक्रम की युद्ध कला कौशल और कैमरा कोण का संयोजन कमाल का था। अपराध सफाया जैसे कार्यक्रम में ऐसे रोमांचक दृश्य देखने के लिए नेटशॉर्ट श्रेष्ठ मंच है।
वो मंदिर जैसा कक्ष जहाँ सब लोग घुटनों के बल बैठे थे, वहां का माहौल बहुत ही रहस्यमयी था। मोमबत्तियों की रोशनी और सबकी खामोशी से लग रहा था कि कोई बड़ा अनुष्ठान होने वाला है। अपराध सफाया में दिखाए गए इस गिरोह के नियम और परंपराएं बहुत ही दिलचस्प लग रही हैं।