अपराध सफाया के इस सीन में पार्किंग लॉट का माहौल बेहद डरावना है। लाल सूट वाला गुंडा अपनी बंदूक से धमकी दे रहा है, लेकिन काले लेदर जैकेट वाला शख्स डरा नहीं है। फिर काली साड़ी वाली महिला का एंट्री होते ही सब कुछ बदल जाता है। उसकी आंखों में जो ठंडक है, वो किसी भी बंदूक से ज्यादा खतरनाक लग रही है।
जब वो काली पोशाक वाली महिला अपने गुंडों के साथ चलकर आई, तो लग रहा था कि अब असली खेल शुरू होगा। लाल सूट वाले की हिम्मत कैसे जवाब दे गई, ये देखकर मजा आ गया। अपराध सफाया में ऐसे पावरफुल किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उसकी चाल और बात करने का तरीका बता रहा है कि वो इस इलाके की असली मालकिन है।
शुरुआत में लाल सूट वाले के हाथ में बंदूक थी और वो सबको डरा रहा था। लेकिन जैसे ही वो महिला सामने आई, उसकी बंदूक बेकार हो गई। अपराध सफाया का ये सीन बताता है कि असली ताकत हथियारों में नहीं, इंसान के तेवर में होती है। उस महिला ने बिना कुछ बोले ही सबको अपना काबू कर लिया, जो कि बहुत ही शानदार था।
लाल सूट, काली ड्रेस और नीली लाइट्स का कॉम्बिनेशन इस सीन को बहुत ही स्टाइलिश बना रहा है। अपराध सफाया में विजुअल्स का इस्तेमाल बहुत अच्छे से किया गया है। लाल सूट वाला शख्स भले ही गुस्से में हो, लेकिन उसकी आंखों में डर साफ दिख रहा था जब वो महिला उसके करीब आई। ये डर ही इस सीन की जान है।
पीछे खड़े गुंडे और उनके हाथों में डंडे देखकर लग रहा था कि बड़ा फाइट होने वाला है। लेकिन अपराध सफाया में डायरेक्टर ने फाइट की जगह टेंशन पर फोकस किया। वो महिला जब बीच में आई, तो सबके हाथ रुक गए। ये दिखाता है कि भीड़ की ताकत से ज्यादा एक लीडर की मौजूदगी मायने रखती है।